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एसपी की चौखट पर तड़पती रही महिला
अमर उजाला ब्यूरो प्रतापगढ़
Updated Fri, 19 Dec 2014 11:29 PM IST
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बेटी की आबरू बचाने के लिए दौड़ी मां को भी आरोपी युवक ने मारपीट कर लहूलुहान कर दिया। इंसाफ मांगने के लिए एसपी की चौखट पर पहुंचकर भी वह लगभग एक घंटे तड़पती रही लेकिन पुलिसकर्मियों को उस पर रहम नहीं आया। पीड़िता व उसके परिजनों को एसपी से मिलवाने के बजाय मातहतों ने एंबुलेंस से अस्पताल भेजवा दिया। इससे पीड़िता को इंसाफ नहीं मिल सका।
लालगंज के खालसा सादात की एक महिला को बेहोशी की हालत में लेकर रिश्तेदार शुक्रवार की दोपहर पुलिस अधीक्षक से मिलने पहुंचे। उसके साथ उसकी घायल बेटी भी थी। उसने बताया कि 14 दिसंबर की शाम घर के सामने वह बैठी थी और पड़ोसी युवक उसे बदनियती से पकड़कर घसीटने लगा। विरोध करने पर उसने लात घूंसों से मारापीटा। शोर सुनकर उसकी मां और चचेरी बहन दौड़ी तो युवक और उसके दो साथियों ने उन दोनों को भी लाठी-डंडे से मारपीट कर घायल कर दिया। शिकायत लेकर इलाकाई पुलिस के पास गए तो उसने पहले इलाज के लिए अस्पताल भेजा। तहरीर देने के बाद भी पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज नहीं की। वहां से निराश पीड़िता और उसके परिजन इंसाफ मांगने एसपी के पास पहुंचे। मगर सिपाहियों ने महिला और उसके रिश्तेदारों को एसपी से मिलने नहीं दिया। मातहतों ने उसकी बात सुनने के बाद लालगंज पुलिस से मामले की जानकारी करने लगे। पीड़िता एक घंटे तक एसपी कार्यालय के बाहर दर्द से तड़पती रही और रिश्तेदार एसपी से मिलने की जिद करते रहे लेकिन मातहतों को रहम नहीं आया। बाद में एंबुलेंस बुलाकर बेहोश महिला को जिला अस्पताल भेजवा दिया। इस बाबत एसपी के पीआरओ अमित पांडेय ने बताया कि दो पक्षों के बीच मारपीट हुई थी। पुलिस ने दोनों पक्षों की तहरीर पर एनसीआर दर्ज कर शांति भंग की आशंका में चालान भी किया है। कई बार एसपी के सीयूजी नंबर पर फोन लगाया गया लेकिन हर बार पीआरओ ही उठाते रहे और साहब के व्यस्त होने की बात बता फोन रख देते।
जिस समय लालगंज की पीड़िता अपने रिश्तेदारों की मदद से पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंची। उस समय एसपी से किसी मामले में राज्य महिला आयोग की सदस्य डा. रेहाना सिद्दीकी मिलने गई थीं। करीब आधे घंटे बाद डा. रेहाना कप्तान साहब से मुलाकात कर निकलीं। कई महिलाओं की बातों को भी सुना और उनके निराकरण के लिए संबंधित पुलिस अधिकारियों से बात का वादा किया। मगर एसपी की कार के पीछे तड़प रही महिला के पास लगी भीड़ की ओर उन्होंने देखना भी मुनासिब नहीं समझा। इस बाबत जब उनसे पूछा गया तो बोलीं वह उस महिला को नहीं देख सकीं। वह शनिवार को उससे मिलने और इंसाफ दिलाने की पूरी कोशिश करेंगी।
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लालगंज के खालसा सादात की एक महिला को बेहोशी की हालत में लेकर रिश्तेदार शुक्रवार की दोपहर पुलिस अधीक्षक से मिलने पहुंचे। उसके साथ उसकी घायल बेटी भी थी। उसने बताया कि 14 दिसंबर की शाम घर के सामने वह बैठी थी और पड़ोसी युवक उसे बदनियती से पकड़कर घसीटने लगा। विरोध करने पर उसने लात घूंसों से मारापीटा। शोर सुनकर उसकी मां और चचेरी बहन दौड़ी तो युवक और उसके दो साथियों ने उन दोनों को भी लाठी-डंडे से मारपीट कर घायल कर दिया। शिकायत लेकर इलाकाई पुलिस के पास गए तो उसने पहले इलाज के लिए अस्पताल भेजा। तहरीर देने के बाद भी पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज नहीं की। वहां से निराश पीड़िता और उसके परिजन इंसाफ मांगने एसपी के पास पहुंचे। मगर सिपाहियों ने महिला और उसके रिश्तेदारों को एसपी से मिलने नहीं दिया। मातहतों ने उसकी बात सुनने के बाद लालगंज पुलिस से मामले की जानकारी करने लगे। पीड़िता एक घंटे तक एसपी कार्यालय के बाहर दर्द से तड़पती रही और रिश्तेदार एसपी से मिलने की जिद करते रहे लेकिन मातहतों को रहम नहीं आया। बाद में एंबुलेंस बुलाकर बेहोश महिला को जिला अस्पताल भेजवा दिया। इस बाबत एसपी के पीआरओ अमित पांडेय ने बताया कि दो पक्षों के बीच मारपीट हुई थी। पुलिस ने दोनों पक्षों की तहरीर पर एनसीआर दर्ज कर शांति भंग की आशंका में चालान भी किया है। कई बार एसपी के सीयूजी नंबर पर फोन लगाया गया लेकिन हर बार पीआरओ ही उठाते रहे और साहब के व्यस्त होने की बात बता फोन रख देते।
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जिस समय लालगंज की पीड़िता अपने रिश्तेदारों की मदद से पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंची। उस समय एसपी से किसी मामले में राज्य महिला आयोग की सदस्य डा. रेहाना सिद्दीकी मिलने गई थीं। करीब आधे घंटे बाद डा. रेहाना कप्तान साहब से मुलाकात कर निकलीं। कई महिलाओं की बातों को भी सुना और उनके निराकरण के लिए संबंधित पुलिस अधिकारियों से बात का वादा किया। मगर एसपी की कार के पीछे तड़प रही महिला के पास लगी भीड़ की ओर उन्होंने देखना भी मुनासिब नहीं समझा। इस बाबत जब उनसे पूछा गया तो बोलीं वह उस महिला को नहीं देख सकीं। वह शनिवार को उससे मिलने और इंसाफ दिलाने की पूरी कोशिश करेंगी।
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