Pratapgarh : सपा सांसद ने भाजपा नेता को बनाया अपना प्रतिनिधि, नाराज सपाइयों ने सोशल मीडिया पर निकाल रहे भड़ास
सपा सांसद की ओर से बुधवार को जिलाधिकारी को पत्र भेजते हुए सदर विधानसभा के रहने वाले अधिवक्ता बीएल वर्मा को अपना प्रतिनिधि बताया गया। इस बात की जानकारी मिलते ही कुछ लोगों ने बधाई देते हुए समाजवादी संगठनों के व्हाटसअप ग्रुप के साथ ही फेसबुक पर पत्र अपलोड कर दिए।
विस्तार
सपा के नवनिर्वाचित सांसद डॉ. एसपी सिंह पटेल द्वारा भाजपा के पिछड़ा मोर्चा के जिला उपाध्यक्ष बीएल वर्मा को अपना प्रतिनिधि बनाते ही सपा में रार छिड़ गई। नाराज सपाइयों ने सोशल मीडिया पर अपनी प्रतिक्रिया भी देने लगे। कार्यकर्ताओं की नाराजगी का मामला सामने आते ही सांसद ने अपनी पत्नी व पूर्व एमएलसी कांति सिंह को मुख्य प्रतिनिधि बनाते हुए डीएम को पत्र भेजा।
सपा सांसद की ओर से बुधवार को जिलाधिकारी को पत्र भेजते हुए सदर विधानसभा के रहने वाले अधिवक्ता बीएल वर्मा को अपना प्रतिनिधि बताया गया। इस बात की जानकारी मिलते ही कुछ लोगों ने बधाई देते हुए समाजवादी संगठनों के व्हाटसअप ग्रुप के साथ ही फेसबुक पर पत्र अपलोड कर दिए। जिसे देखने के बाद चुनाव में जी जान से मदद करने वाले सपाई आक्रोशित हो उठे। उनका कहना था कि जिसे सांसद ने अपना प्रतिनिधि बनाया है।
उसके बूथ पर भाजपा प्रत्याशी को जीत मिली है। कल तक भाजपा में रहने वाले बीएल वर्मा अचानक सपा में कहां से आ गए। सपाई सदर विधायक राजेंद्र मौर्य को माला पहनाने और सांसद रहे संगमलाल गुप्ता की योजनाओं का बखान करने वाले बीएल वर्मा के पोस्टर व फोटो सोशल मीडिया पर वायरल कर रहे हैं। सपा कार्यकर्ताओं के विरोध की भनक लगते ही सांसद ने 15 घंटे के भीतर अपने निर्णय में रद्दोबदल कर डाला।
उन्होंने अपनी पत्नी पूर्व एमएलसी कांति सिंह को अपना मुख्य प्रतिनिधि बनाया है। बीएल वर्मा प्रतिनिधि तो रहेंगे लेकिन वह केवल पत्राचार का काम देखेंगे। मुख्य प्रतिनिधि की गैरमौजूदगी में वह बैठकों में शामिल होंगे। फिलहाल सपा सांसद के पहले फैसले के बाद सपा के मेहनती कार्यकर्ता व पदाधिकारी खुद को ठगा महसूस कर रहे हैं। सोशल मीडिया पर लोग अपनी भड़ास भी निकाल रहे हैं।
सांसद निधि को लेकर नहीं कर सकेंगी पत्राचार
सपा सांसद डॉ. एसपी सिंह पटेल की जीत में उनकी पत्नी पूर्व एमएलसी कांति सिंह का कम योगदान नहीं है। उन्हें अपना मुख्य प्रतिनिधि बनाते हुए डीएम को भेजे पत्र में कहा है कि सांसद निधि के अतिरिक्त सभी प्रयोजनों के लिए होंगी। जिसे लेकर भी सियासी गलियारों में चर्चाओं का बाजार गर्म है।