{"_id":"7df8a8bf478ff0510698b965874a58d5","slug":"sncu-fire-save-newborn-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"एसएनसीयू में लगी आग, बाल-बाल बचे नवजात","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
एसएनसीयू में लगी आग, बाल-बाल बचे नवजात
अमर उजाला ब्यूरो, प्रतापगढ़
Updated Wed, 03 Jun 2015 11:19 PM IST
विज्ञापन
जिला महिला अस्पताल के एसएनसीयू (सिक न्यू चाइल्ड यूनिट) में बुधवार दोपहर बाद आग लगने से वहां भर्ती दर्जन भर नवजात झुलसने से बाल-बाल-बच गए। शार्ट सर्किट से हुए हादसे के बाद कक्ष में भीषण धुआं भर गया। इस दौरान अचानक एक पंखा भी तेज आवाज के साथ फट गया। यह देख बच्चों के परिजनों में चीखपुकार मच गई। अफरातफरी के बीच किसी तरह नर्स व डॉक्टरों ने जान पर खेलकर नवजातों को एसएनसीयू से बाहर निकाला। शोर सुनकर पहुंचे बिजली मिस्त्री ने लाइट काट दी। तब जाकर लोगों ने राहत की सांस ली। घटना के कारण घंटों अफरातफरी मची रही।
अस्पताल के जिस भवन के कमरे में एसएनसीयू बना है वह काफी पुराना है। उसमें बिजली की वायरिंग भी बहुत पहले की गई थी। कई दिन से एसएनसीयू में इलाज के लिए 12 नवजातों को भर्ती किया गया है। बुधवार दोपहर करीब दो बजे अचानक वोल्टेज लो-हाई होने लगा। इस बीच शार्ट सर्किट से वहां लगे एक पंखे में आग लग गई। थोड़ी ही देर में पंखे से लपटें निकलने लगीं। जब तक लोग कुछ सोच पाते कि पंखा तेज आवाज के साथ ब्लास्ट कर जमीन पर गिर पड़ा और पूरे कक्ष में धुआं फैल गया। करीब पांच मिनट में ही हालात बेहद खराब हो गए। भर्ती बच्चे रोने लगे। बाहर कमरे में बैठे परिजनों में चीखपुकार मच गई। एसएनसीयू की नर्स व डॉ. एमएस खान ने बगैर देर किए तत्परता दिखाई। जान जोखिम में डालकर भर्ती सभी बच्चों को वे किसी तरह जल्दी-जल्दी एसएनसीयू कक्ष के बाहर निकाला। निचले तक के सर्जिकल वार्ड में भर्ती प्रसूताओं के तीमारदार भी भागकर एसएनसीयू के पास पहुंचे गए। इतने में शोर सुन पहुंचे अस्पताल के बिजली मिस्त्री ने यूनिट काकनेक्शन काट दिया। लाइट कटने और सुरक्षित बच्चों को गोद में पाने के बाद परिजनों ने राहत की सांस ली। एसएनसीयू से धुआं निकलने के बाद उसमें नवजातों को फिर मशीन पर रखा गया और बिजली मिस्त्री पंखे का मलबा बटोरकर चला गया।
विज्ञापन
अस्पताल के जिस भवन के कमरे में एसएनसीयू बना है वह काफी पुराना है। उसमें बिजली की वायरिंग भी बहुत पहले की गई थी। कई दिन से एसएनसीयू में इलाज के लिए 12 नवजातों को भर्ती किया गया है। बुधवार दोपहर करीब दो बजे अचानक वोल्टेज लो-हाई होने लगा। इस बीच शार्ट सर्किट से वहां लगे एक पंखे में आग लग गई। थोड़ी ही देर में पंखे से लपटें निकलने लगीं। जब तक लोग कुछ सोच पाते कि पंखा तेज आवाज के साथ ब्लास्ट कर जमीन पर गिर पड़ा और पूरे कक्ष में धुआं फैल गया। करीब पांच मिनट में ही हालात बेहद खराब हो गए। भर्ती बच्चे रोने लगे। बाहर कमरे में बैठे परिजनों में चीखपुकार मच गई। एसएनसीयू की नर्स व डॉ. एमएस खान ने बगैर देर किए तत्परता दिखाई। जान जोखिम में डालकर भर्ती सभी बच्चों को वे किसी तरह जल्दी-जल्दी एसएनसीयू कक्ष के बाहर निकाला। निचले तक के सर्जिकल वार्ड में भर्ती प्रसूताओं के तीमारदार भी भागकर एसएनसीयू के पास पहुंचे गए। इतने में शोर सुन पहुंचे अस्पताल के बिजली मिस्त्री ने यूनिट काकनेक्शन काट दिया। लाइट कटने और सुरक्षित बच्चों को गोद में पाने के बाद परिजनों ने राहत की सांस ली। एसएनसीयू से धुआं निकलने के बाद उसमें नवजातों को फिर मशीन पर रखा गया और बिजली मिस्त्री पंखे का मलबा बटोरकर चला गया।
विज्ञापन