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पानी से घिरे छह गांव, बाढ़ जैसे हालात
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कुंडा के सिलावटपुर और मीरपुर को जोडने वाले रोड पर भर घुटने तक पानी।
- फोटो : PRATAPGARH
क्षेत्र में भले ही दो दिन से अधिक बारिश हो रही हो, लेकिन रैयापुर ग्रामसभा के आधा दर्जन पुरवों में बाढ़ जैसा नजारा है। गांव में पानी इस कदर है कि लोगों को सडक़ों पर भी घुटनों तक पानी से होकर गुजरना पड़ रहा है।
लोगों के घरों में पानी जाने से सीलन चढ़ी हुईं है। इससे लोगों के गृहस्थी के सामान भी भीग गए हैं। जल निकासी नही होने से लोगों को हफ्ते भर से इस समस्या से दो चार होना पड़ रहा है।
विकास खंड कुंडा के रैयापुर ग्रामसभा के बेसनी का पुरवा, सिलावटपुर, मीरपुर, मत्तू का पुरवा, गौरी का पुरवा, टिकऊ दुबे का पुरवा गांव में हफ्ते भर से पानी भरा हुआ है। कई बार लोगों के घरों में पानी जा चुका है। इससे उनकी गृहस्थी का सामान भीग गया है। लोगों ने किसी तरह से दरवाजे पर बांध बनाकर पानी को बाहर ही रोक रखा है।
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घर में पानी जाने से सीलन चढ़ी हुई है। घर से बाहर निकलने के लिए उन्हें तैयारी करनी पड़ती है। घर के सामने ही घुटनों तक पानी होने के चलते बच्चे और बड़ों को कपड़े चढ़ाकर निकलना पड़ता है। इसके चलते ज्यादातर बच्चों ने स्कूल जाना बंद कर दिया है। गांव में पहुंचते ही ऐसा लगता है कि यह कोई बाढग़्रस्त इलाका है। गांव के राजेश सरोज का कहना है कि गांव के बगल से गए नाले की सफाई न होने से जल निकासी की समस्या खड़ी हुई है।
नाले में इस समय गांव का पूरा पानी जा नहीं पा रहा है। इसके चलते गांव में लगातार पानी भरा हुआ है। समस्या की शुरुआत बेसनी का पुरवा से होती है। गांव में घुसते ही सडक़ सहित पूरे गांव में जल भराव का नजारा होता है। इसके बाद सिलावटपुर से मीरपुर की सडक़ काफी दूर तक पानी में डूबी हुई दिखती है। इसके अलावा मीरपुर, मत्तू का पुरवा, गौरी का पुरवा, टिकऊदुबे का पुरवा में भी यही हाल है।
शीतल का पुरवा गांव की सुनीता का कहना है कि गांव में तालाब है पानी बढने के चलते उसकी काई घर के दरवाजे तक फैली हुई है। इसके अलावा पुरबहिन, कराइन, काजल, सुरैया सहित अन्य महिलाओं का कहना है कि लगातार पानी भरा होने से उनके पैर सड़ जा रहे हैं।
घरों में पानी जाने रोकने के लिए लोगों ने बनाए हैं मेड़
गांव में पानी ज्यादा होने के चलते लोगों के घरों में पानी चला गया था। पानी रोकने के लिए लोगों ने दरवाजे पर ही मेड़ बना रखी है। इसके साथ ही एक बड़ा टब रख दिया है। मेड़ बनाने के बाद घर का पानी बाहर निकाल दिया गया है। अब लोगों को बाहर निकलने के चप्पल हाथ में लेकर निकलनी होती है। लौटने के बाद लोग टब में पैर धोकर घर के अंदर जाते हैं।
कोतवाली में भी घुसा पानी, छत टपकने से अभिलेख भीगे
गुरुवार को भोर से शुरू हुई तेज बरसात के कारण कुंडा कोतवाली के अंदर भी पानी चला गया। इसके साथ ही कोतवाली की छत टपकने से काफी अभिलेख भी भीग गए। इसकी जानकारी होते ही कर्मचारियों ने सारे अभिलेख सुरक्षित किए। इसके बाद उन्हें सूखने के लिए रखा गया। लगातार थम-थमकर हो रही बारिश से अब पुरानी छतें टपक रही हैं।
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लोगों के घरों में पानी जाने से सीलन चढ़ी हुईं है। इससे लोगों के गृहस्थी के सामान भी भीग गए हैं। जल निकासी नही होने से लोगों को हफ्ते भर से इस समस्या से दो चार होना पड़ रहा है।
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विकास खंड कुंडा के रैयापुर ग्रामसभा के बेसनी का पुरवा, सिलावटपुर, मीरपुर, मत्तू का पुरवा, गौरी का पुरवा, टिकऊ दुबे का पुरवा गांव में हफ्ते भर से पानी भरा हुआ है। कई बार लोगों के घरों में पानी जा चुका है। इससे उनकी गृहस्थी का सामान भीग गया है। लोगों ने किसी तरह से दरवाजे पर बांध बनाकर पानी को बाहर ही रोक रखा है।
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घर में पानी जाने से सीलन चढ़ी हुई है। घर से बाहर निकलने के लिए उन्हें तैयारी करनी पड़ती है। घर के सामने ही घुटनों तक पानी होने के चलते बच्चे और बड़ों को कपड़े चढ़ाकर निकलना पड़ता है। इसके चलते ज्यादातर बच्चों ने स्कूल जाना बंद कर दिया है। गांव में पहुंचते ही ऐसा लगता है कि यह कोई बाढग़्रस्त इलाका है। गांव के राजेश सरोज का कहना है कि गांव के बगल से गए नाले की सफाई न होने से जल निकासी की समस्या खड़ी हुई है।
नाले में इस समय गांव का पूरा पानी जा नहीं पा रहा है। इसके चलते गांव में लगातार पानी भरा हुआ है। समस्या की शुरुआत बेसनी का पुरवा से होती है। गांव में घुसते ही सडक़ सहित पूरे गांव में जल भराव का नजारा होता है। इसके बाद सिलावटपुर से मीरपुर की सडक़ काफी दूर तक पानी में डूबी हुई दिखती है। इसके अलावा मीरपुर, मत्तू का पुरवा, गौरी का पुरवा, टिकऊदुबे का पुरवा में भी यही हाल है।
शीतल का पुरवा गांव की सुनीता का कहना है कि गांव में तालाब है पानी बढने के चलते उसकी काई घर के दरवाजे तक फैली हुई है। इसके अलावा पुरबहिन, कराइन, काजल, सुरैया सहित अन्य महिलाओं का कहना है कि लगातार पानी भरा होने से उनके पैर सड़ जा रहे हैं।
घरों में पानी जाने रोकने के लिए लोगों ने बनाए हैं मेड़
गांव में पानी ज्यादा होने के चलते लोगों के घरों में पानी चला गया था। पानी रोकने के लिए लोगों ने दरवाजे पर ही मेड़ बना रखी है। इसके साथ ही एक बड़ा टब रख दिया है। मेड़ बनाने के बाद घर का पानी बाहर निकाल दिया गया है। अब लोगों को बाहर निकलने के चप्पल हाथ में लेकर निकलनी होती है। लौटने के बाद लोग टब में पैर धोकर घर के अंदर जाते हैं।
कोतवाली में भी घुसा पानी, छत टपकने से अभिलेख भीगे
गुरुवार को भोर से शुरू हुई तेज बरसात के कारण कुंडा कोतवाली के अंदर भी पानी चला गया। इसके साथ ही कोतवाली की छत टपकने से काफी अभिलेख भी भीग गए। इसकी जानकारी होते ही कर्मचारियों ने सारे अभिलेख सुरक्षित किए। इसके बाद उन्हें सूखने के लिए रखा गया। लगातार थम-थमकर हो रही बारिश से अब पुरानी छतें टपक रही हैं।

कुंडा के बेसनी का पुरवा में घर के सामने रोड पर भरा पानी।- फोटो : PRATAPGARH