{"_id":"640ce2d96c8423e7a40e9b87","slug":"severely-malnourished-childrens-condition-deteriorated-as-soon-as-staff-nurse-gave-them-medicine-uproar-pratapgarh-news-c-3-1-75630-2023-03-12","type":"story","status":"publish","title_hn":"Pratapgarh News: स्टाफ नर्स के दवा पिलाते ही अति कुपोषित बच्चों की बिगड़ी हालत, हंगामा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Pratapgarh News: स्टाफ नर्स के दवा पिलाते ही अति कुपोषित बच्चों की बिगड़ी हालत, हंगामा
विज्ञापन
प्रतापगढ़। मेडिकल कॉलेज के कुपोषण पुनर्वास केंद्र में भर्ती अतिकुपोषित दो महीने के भाई-बहन को स्टाफ नर्स द्वारा दवा पिलाते ही हालत बिगड़ गई। हालत बिगड़ती देख बिना परिवार वालों की जानकारी के एंबुलेंस से प्रयागराज भेजने की तैयारी शुरू हो गई। मामला संज्ञान में आने के बाद परिजन हंगामा करने लगे।
विहार ब्लाक के सराय महासिंह गांव निवासी कमलेश कुमार की पत्नी ने दो माह पहले जुड़वा बेटी व बेटा को जन्म दिया था। गांव की आंगनबाड़ी कार्यकर्ता श्यामा और साधना शुक्रवार दोपहर दोनों बच्चों को लेकर कुपोषण पुर्नवास केंद्र में भर्ती कराया। बच्चों की मां प्रियंका ने बताया कि बच्चों को भर्ती करने के बाद कोई देखने नहीं आया। स्टाफ नर्स ने शनिवार सुबह न जाने कौन सी दवा पिला दिया। जिसके बाद दोनों बच्चों को उलटी और दस्त होने लगी।
लगातार दोनों की हालत बिगड़ती देख उन्हें प्रयागराज भेजने के लिए रेफर करते हुए एंबुलेंस बुला लिया गया। उसकी कुछ समझ में नहीं आ रहा था। बच्चों के साथ उसे एंबुलेंस में बैठा दिया गया। रेफर कागज एबुलेंस कर्मचारियों को दिया गया। जानकारी होने पर परिवार के लोग पहुंचे और हंगामा करने लगे। बाद में बच्चों को लेकर प्राइवेट अस्पताल चले गए। जहां डॉक्टर ने जवाब दे दिया। सीएमओ डॉ. जीएम शुक्ला ने बताया कि बच्चों की हालत गंभीर देख प्रयागराज भेजा जा रहा था। यदि प्रयागराज नहीं जाना था तो वे कुपोषण पुर्नवास केंद्र पर ही अपना इलाज करा सकते थे। डॉक्टर बच्चों को देखने क्यों नहीं गए थे। इसकी जांच कराकर कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन
विज्ञापन
विहार ब्लाक के सराय महासिंह गांव निवासी कमलेश कुमार की पत्नी ने दो माह पहले जुड़वा बेटी व बेटा को जन्म दिया था। गांव की आंगनबाड़ी कार्यकर्ता श्यामा और साधना शुक्रवार दोपहर दोनों बच्चों को लेकर कुपोषण पुर्नवास केंद्र में भर्ती कराया। बच्चों की मां प्रियंका ने बताया कि बच्चों को भर्ती करने के बाद कोई देखने नहीं आया। स्टाफ नर्स ने शनिवार सुबह न जाने कौन सी दवा पिला दिया। जिसके बाद दोनों बच्चों को उलटी और दस्त होने लगी।
विज्ञापन
लगातार दोनों की हालत बिगड़ती देख उन्हें प्रयागराज भेजने के लिए रेफर करते हुए एंबुलेंस बुला लिया गया। उसकी कुछ समझ में नहीं आ रहा था। बच्चों के साथ उसे एंबुलेंस में बैठा दिया गया। रेफर कागज एबुलेंस कर्मचारियों को दिया गया। जानकारी होने पर परिवार के लोग पहुंचे और हंगामा करने लगे। बाद में बच्चों को लेकर प्राइवेट अस्पताल चले गए। जहां डॉक्टर ने जवाब दे दिया। सीएमओ डॉ. जीएम शुक्ला ने बताया कि बच्चों की हालत गंभीर देख प्रयागराज भेजा जा रहा था। यदि प्रयागराज नहीं जाना था तो वे कुपोषण पुर्नवास केंद्र पर ही अपना इलाज करा सकते थे। डॉक्टर बच्चों को देखने क्यों नहीं गए थे। इसकी जांच कराकर कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन