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लावारिस मिले नवजात को भेजा गया अस्पताल
ब्यूरो/अमर उजाला प्रतापगढ़
Updated Sat, 31 Jan 2015 12:43 AM IST
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लालगंज। कोतवाली के पेटरियापुर गांव के समीप सड़क किनारे मिले लावारिस नवजात को काफी जद्दोजहद के बाद पुलिस ने महिला अस्पताल भेज दिया। मासूम की देखभाल करने वाली महिला उसे अलग करने को तैयार नहीं थी। आखिरकार पुलिस ने उसे भी बच्चे के साथ भेजा तब जाकर उसके आंसू थमे।
लालगंज कोतवाली के पेटरियापुर बेलहा के समीप गुरुवार को लालगंज-कालाकांकर मार्ग के किनारे झोले में एक नवजात लावारिस हालत में मिला था। काफी खोजबीन के बाद भी जब उसके परिजनों की बावत जानकारी नहीं मिल सकी तो पुलिस नेे उसे सूचना देने वाली महिला की सुपुर्दगी में अस्थाई रूप से दे दिया। इसके साथ ही पुलिस ने जिला बाल कल्याण समिति को भी सूचना दे दी।
कानूनी पेंच के चलते पुलिस ने शुक्रवार को नवजात को जिला महिला अस्पताल भेजने का निर्णय लिया। मगर नवजात को लेने पुलिस जब सवना सरैया गांव देखभाल कर रही महिला उर्मिला के घर गई तो उसे नवजात को जिला अस्पताल भेजने में काफी जद्दोजहद करनी पड़ी। महिला को दो दिन में ही नवजात से इस कदर लगाव हुआ कि उसने पुलिस को नाकों चने चबवा दिए। वह किसी तरह से नवजात को अपने से अलग करने को तैयार नहीं थी। घंटाें की मान मनौवल के बाद भी जब महिला नवजात को छोड़ने के लिए तैयार नहीं हुई तो हलाकान पुलिस महिला और नवजात दोनों को कोतवाली ले आई।
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यहां भी महिला को वकीलों और पुलिसवालों ने समझाया लेकिन इसका भी कोई असर नहीं हुआ। रोती विलखती महिला चिल्ला-चिल्लाकर कह रही थी कि बच्चे को अलग करने की साजिश की जा रही है। महिला की जिद के चलते आखिरकार पुलिस ने नवजात संग उसको भी जिला महिला अस्पताल भेज दिया। नवजात के साथ जब महिला को पुलिस ने जीप पर बैठाया तब जाकर उसके आंसू थम सके। महिला का नवजात के साथ लगाव देख लोग दंग रह गए।
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लालगंज कोतवाली के पेटरियापुर बेलहा के समीप गुरुवार को लालगंज-कालाकांकर मार्ग के किनारे झोले में एक नवजात लावारिस हालत में मिला था। काफी खोजबीन के बाद भी जब उसके परिजनों की बावत जानकारी नहीं मिल सकी तो पुलिस नेे उसे सूचना देने वाली महिला की सुपुर्दगी में अस्थाई रूप से दे दिया। इसके साथ ही पुलिस ने जिला बाल कल्याण समिति को भी सूचना दे दी।
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कानूनी पेंच के चलते पुलिस ने शुक्रवार को नवजात को जिला महिला अस्पताल भेजने का निर्णय लिया। मगर नवजात को लेने पुलिस जब सवना सरैया गांव देखभाल कर रही महिला उर्मिला के घर गई तो उसे नवजात को जिला अस्पताल भेजने में काफी जद्दोजहद करनी पड़ी। महिला को दो दिन में ही नवजात से इस कदर लगाव हुआ कि उसने पुलिस को नाकों चने चबवा दिए। वह किसी तरह से नवजात को अपने से अलग करने को तैयार नहीं थी। घंटाें की मान मनौवल के बाद भी जब महिला नवजात को छोड़ने के लिए तैयार नहीं हुई तो हलाकान पुलिस महिला और नवजात दोनों को कोतवाली ले आई।
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यहां भी महिला को वकीलों और पुलिसवालों ने समझाया लेकिन इसका भी कोई असर नहीं हुआ। रोती विलखती महिला चिल्ला-चिल्लाकर कह रही थी कि बच्चे को अलग करने की साजिश की जा रही है। महिला की जिद के चलते आखिरकार पुलिस ने नवजात संग उसको भी जिला महिला अस्पताल भेज दिया। नवजात के साथ जब महिला को पुलिस ने जीप पर बैठाया तब जाकर उसके आंसू थम सके। महिला का नवजात के साथ लगाव देख लोग दंग रह गए।