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स्कार्पियो से हो रही मवेशियों की चोरी
अमर उजाला ब्यूरो, प्रतापगढ़
Updated Thu, 05 Nov 2015 02:02 AM IST
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प्रतापगढ़। जिले में अब लग्जरी वाहनों से मवेशी चोरी करने की बात सामने आई है। मवेशी चोरों को भले ही कुछ दिन पहले दबोचा गया हो, लेकिन बुधवार को उनका शांति भंग की आशंका में चालान कोतवाली पुलिस ने कर दिया। पूर्व कोतवाल पर कार्रवाई के बाद कोतवाली पुलिस की कारस्तानी से पुलिसकर्मी भी दंग हैं।
कोतवाली पुलिस ने दो दिन पूर्व काले रंग की स्कार्पियो पकड़ी थी। उसमें आजमगढ़ के दो युवक मिले। खास बात यह थी कि स्कार्पियो के आगे की सीट तो सुरक्षित थी, लेकिन बीच और पीछे की सीट गायब थी। लोगों की मानें तो स्कार्पियो सवार लोग रात के अंधेरे में चौराहों व सूनसान स्थानों पर बैठे बछड़ों, बकरियों को उसमें लादकर भाग निकलते थे। जिन्हें पशु तस्करों को बेचा जाता था। पुलिस ने पकड़े गए दोनों को कर्रा किया तो उन लोगों ने बताया कि कार की मरम्मत कराई जा रही है।
आजमगढ़ से जिले में आकर कार चलाने की बात पुलिस को नहीं पची। दोनों को कर्रा करते हुए पूछताछ जारी रही। मंगलवार की शाम पूर्व कोतवाल अनिल कुमार को सस्पेंड कर दिया गया। इसके बाद स्कार्पियो के साथ बुधवार को पकड़े गए आजमगढ़ के दोनों युवकों का कोतवाली पुलिस ने शांति भंग की आशंका में चालान कर दिया। इससे कोतवाली में तैनात पुलिसकर्मी भी हैरत में हैं। चर्चा है कि नए कोतवाल को भनक तक नहीं लगी और कोतवाली के कुछ जिम्मेदारों ने खेल कर दिया। सीओ सिटी मनीष मिश्र ने बताया कि संदिग्ध लोग कार के साथ पकड़े गए थे। कार को सीज कर दिया गया है। आजमगढ़ के संदिग्ध युवकों की छानबीन का निर्देश दिया गया था। पुलिस ने उनका शांतिभंग में चालान किया है। इसकी जानकारी नहीं है। यदि ऐसा है तो वह मामले को दिखवाएंगे।
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पहले भी पकड़ी गई है सूमो
मवेशियों को चुराने वाले गिरोह का सदस्य कई माह पहले भी पुलिस के हाथ लगा था। उनके पास से सूमो मिली थी। जिसमें बीच और पीछे की सीट नहीं थी। पुलिस के हाथ लगा चालक झांसा देकर भाग निकला था।
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कोतवाली पुलिस ने दो दिन पूर्व काले रंग की स्कार्पियो पकड़ी थी। उसमें आजमगढ़ के दो युवक मिले। खास बात यह थी कि स्कार्पियो के आगे की सीट तो सुरक्षित थी, लेकिन बीच और पीछे की सीट गायब थी। लोगों की मानें तो स्कार्पियो सवार लोग रात के अंधेरे में चौराहों व सूनसान स्थानों पर बैठे बछड़ों, बकरियों को उसमें लादकर भाग निकलते थे। जिन्हें पशु तस्करों को बेचा जाता था। पुलिस ने पकड़े गए दोनों को कर्रा किया तो उन लोगों ने बताया कि कार की मरम्मत कराई जा रही है।
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आजमगढ़ से जिले में आकर कार चलाने की बात पुलिस को नहीं पची। दोनों को कर्रा करते हुए पूछताछ जारी रही। मंगलवार की शाम पूर्व कोतवाल अनिल कुमार को सस्पेंड कर दिया गया। इसके बाद स्कार्पियो के साथ बुधवार को पकड़े गए आजमगढ़ के दोनों युवकों का कोतवाली पुलिस ने शांति भंग की आशंका में चालान कर दिया। इससे कोतवाली में तैनात पुलिसकर्मी भी हैरत में हैं। चर्चा है कि नए कोतवाल को भनक तक नहीं लगी और कोतवाली के कुछ जिम्मेदारों ने खेल कर दिया। सीओ सिटी मनीष मिश्र ने बताया कि संदिग्ध लोग कार के साथ पकड़े गए थे। कार को सीज कर दिया गया है। आजमगढ़ के संदिग्ध युवकों की छानबीन का निर्देश दिया गया था। पुलिस ने उनका शांतिभंग में चालान किया है। इसकी जानकारी नहीं है। यदि ऐसा है तो वह मामले को दिखवाएंगे।
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पहले भी पकड़ी गई है सूमो
मवेशियों को चुराने वाले गिरोह का सदस्य कई माह पहले भी पुलिस के हाथ लगा था। उनके पास से सूमो मिली थी। जिसमें बीच और पीछे की सीट नहीं थी। पुलिस के हाथ लगा चालक झांसा देकर भाग निकला था।