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डीएम चैंबर के सामने बेहोश हो गई शिक्षामित्र, मचा हड़कंप
अमर उजाला ब्यूरो प्रतापगढ़
Updated Sun, 30 Jul 2017 12:02 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो, प्रतापगढ़
- फोटो : pratapgarah
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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अपील के बाद भी शिक्षामित्रों का आक्रोश बढ़ता ही जा रहा है। शनिवार को शिक्षामित्रों ने कचहरी में हुंकार भरी। प्रदर्शन के दौरान डीएम चैंबर के सामने एक शिक्षामित्र बेहोश होकर गिर पड़ी। इससे हड़कंप मच गया। आनन-फानन में उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां देर शाम तक इलाज होता रहा। इधर कचहरी में एकत्रित हुए शिक्षामित्रों ने पीएम और सीएम से नौकरी मांगी। चेताया कि नौकरी के रूप में सहायक अध्यापक पद से नीचे कुछ भी स्वीकार नहीं है।
सीएम योगी आदित्यनाथ का बयान आने के बाद स्कूल बंद करने का इरादा त्यागने वाले शिक्षामित्रों ने शनिवार को कचहरी में अपनी ताकत का एहसास कराया। प्रशासनिक अधिकारी उस समय सकते में आ गए, जब दोपहर बाद डीएम चैंबर के बाहर प्रदर्शन कर रही लक्ष्मणपुर विकास खंड के प्राइमरी स्कूल कांछा की शिक्षामित्र माधुरी यादव बेहोश होकर गिर पड़ी। एडीएम सोमदत्त मौर्य को भनक लगते ही जिला अस्पताल में इलाज के लिए भर्ती कराया, जहां देर शाम तक इलाज चलता रहा। आदर्श समायोजित शिक्षक वेलफेयर एसोसिएशन की अध्यक्ष रीना सिंह ने कहा कि शिक्षामित्रों की एकता में इतना दम है कि शासन को सोचने के लिए मजबूर कर देंगे। उन्होंने कहा कि हम आधी रोटी खाएंगे, मगर स्कूल का बहिष्कार करके अपनी नौकरी हासिल करके रहेंगे। उन्होंने साथियों को भरोसा दिया कि वह घबराएं नहीं, उनके साथ 1.92 लाख शिक्षामित्र हैं। शिक्षामित्रों ने मांग की है कि जल्द से जल्द अध्यादेश लाकर उन्हें सहायक अध्यापक बनाया जाए। मुख्यमंत्री को संबोधित डीएम को सौंपे ज्ञापन में अविलंब सहायक अध्यापक बनाने की दिशा में कदम उठाने की मांग की गई है। शनिवार को शिक्षामित्रों को उस समय और बल मिल गया, जब प्राथमिक शिक्षक संघ ने आंदोलन को अपना समर्थन दिया। इस मौके पर जिलाध्यक्ष रमाशंकर शुक्ल, विनय सिंह, प्रभाकर सिंह, रामकृष्ण विश्वकर्मा, नीरज सिंह, राकेश सिंह, देवेंद्र पुष्पाकर, प्रशांत यादव, आशुतोष गुप्ता, राजीव गुप्ता, सरला सिंह, राजकुमार शुक्ल, जगत पाल, संतोष यादव आदि मौजूद रहे। इधर दूसरे गुट संयुक्त समायोजित शिक्षक एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष सत्येंद्र कुमार शुक्ल की अगुवाई में एनआईसी के सामने हुए धरना-प्रदर्शन कर सीएम से सुप्रीमकोर्ट में पुर्निवचार याचिका दाखिल करने की मांग की गई है। धरने में अन्य लोगों के अलावा अनुराग मिश्र, प्रदीप पांडेय, राजेश मिश्र, जयसिंह, महफूज, संतोष, शिवशंकर आदि मौजूद रहे।
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सीएम योगी आदित्यनाथ का बयान आने के बाद स्कूल बंद करने का इरादा त्यागने वाले शिक्षामित्रों ने शनिवार को कचहरी में अपनी ताकत का एहसास कराया। प्रशासनिक अधिकारी उस समय सकते में आ गए, जब दोपहर बाद डीएम चैंबर के बाहर प्रदर्शन कर रही लक्ष्मणपुर विकास खंड के प्राइमरी स्कूल कांछा की शिक्षामित्र माधुरी यादव बेहोश होकर गिर पड़ी। एडीएम सोमदत्त मौर्य को भनक लगते ही जिला अस्पताल में इलाज के लिए भर्ती कराया, जहां देर शाम तक इलाज चलता रहा। आदर्श समायोजित शिक्षक वेलफेयर एसोसिएशन की अध्यक्ष रीना सिंह ने कहा कि शिक्षामित्रों की एकता में इतना दम है कि शासन को सोचने के लिए मजबूर कर देंगे। उन्होंने कहा कि हम आधी रोटी खाएंगे, मगर स्कूल का बहिष्कार करके अपनी नौकरी हासिल करके रहेंगे। उन्होंने साथियों को भरोसा दिया कि वह घबराएं नहीं, उनके साथ 1.92 लाख शिक्षामित्र हैं। शिक्षामित्रों ने मांग की है कि जल्द से जल्द अध्यादेश लाकर उन्हें सहायक अध्यापक बनाया जाए। मुख्यमंत्री को संबोधित डीएम को सौंपे ज्ञापन में अविलंब सहायक अध्यापक बनाने की दिशा में कदम उठाने की मांग की गई है। शनिवार को शिक्षामित्रों को उस समय और बल मिल गया, जब प्राथमिक शिक्षक संघ ने आंदोलन को अपना समर्थन दिया। इस मौके पर जिलाध्यक्ष रमाशंकर शुक्ल, विनय सिंह, प्रभाकर सिंह, रामकृष्ण विश्वकर्मा, नीरज सिंह, राकेश सिंह, देवेंद्र पुष्पाकर, प्रशांत यादव, आशुतोष गुप्ता, राजीव गुप्ता, सरला सिंह, राजकुमार शुक्ल, जगत पाल, संतोष यादव आदि मौजूद रहे। इधर दूसरे गुट संयुक्त समायोजित शिक्षक एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष सत्येंद्र कुमार शुक्ल की अगुवाई में एनआईसी के सामने हुए धरना-प्रदर्शन कर सीएम से सुप्रीमकोर्ट में पुर्निवचार याचिका दाखिल करने की मांग की गई है। धरने में अन्य लोगों के अलावा अनुराग मिश्र, प्रदीप पांडेय, राजेश मिश्र, जयसिंह, महफूज, संतोष, शिवशंकर आदि मौजूद रहे।
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