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उफान पर सई नदी, सौ से अधिक परिवारों ने छोड़ा घर
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सदर बाजार एनसीसी रोड मोहल्ले में पहुंचा सई नदी के बाढ का पानी। संवाद
- फोटो : PRATAPGARH
प्रतापगढ़। तीन दिनों तक लगातार हुई बारिश से नदियां उफान पर हैं। सई, बकुलाही और सकरनी नदी का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। शनिवार को सई नदी के जलस्तर में ढाई फिट की बढ़ोतरी हुई। इससे शहर में तटीय इलाकों में हड़कंप मच गया। लोगों के घरों में नदी पानी घुस गया। बेल्हा देवी घाट पर बनीं सीढ़ियां डूब गईं। दिनभर लोग सामान सुरक्षित करने में जुटे रहे। घरों में पानी घुसने के बाद सौ से अधिक परिवार पलायन कर गए हैं।
तीन दिन लगातार बारिश के बाद शनिवार को मौसम साफ रहा। हालांकि इसके बाद भी सई, सकरनी, और बकुलाई नदी उफान पर रहीं। शहर से गुजरी सई नदी के जलस्तर में ढाई फिट की बढ़ोतरी हुई है। बेल्हा देवी धाम की सीढ़ियां पूरी तरह डूब गईं। जलस्तर बढ़ने से बेल्हा देवी घाट के आसपास के मोहल्ले व शहर के तटीय मोहल्लों में नदी का पानी का घुस गया। इससे हड़कंप मच गया। शनिवार को बढ़ते जलस्तर को देख लोग हलाकान रहे। लोगों ने घर छोड़कर दूसरों के यहां शरण ली है। दिनभर लोग गृहस्थी के सामान सुरक्षित करते रहे। शनिवार को 100 से अधिक परिवार पलायन कर चुके थे। इधर, सकरनी और बकुलाही नदी के जलस्तर में भी बढ़ोतरी होती रही। वहीं विकास खंड मंगरौरा के कांधरपुर बाजार से कुछ दूरी से गुजरी चमरौधा नदी के उफनाने से चिगुडा, सरायशंकर, दुहिया, पीठापुर, पूरबपट्टी आदि गांवों के हालात खराब रहे। जलभराव होने से जनजीवन अस्त-व्यस्त रहा।
खेतों में पहुंचा सई नदी का पानी
उड़ैयाडीह। सई नदी के उफान से पट्टी तहसील क्षेत्र के आशापुर अठगवां, कठार, नंदईपुर आदि गांवों में खेतों तक पानी पहुंच गया है। नदी का जलस्तर बढ़ने से किसान परेशान हैं। लोगों का कहना है कि सन 1980 के बाद इस तरह की बाढ़ दूसरी बार आई है। इसी तरह अगर जलस्तर बढ़ता रहा तो स्थिति गंभीर हो सकती है। आशापुर अठगवा गांव निवासी रामअचल सिंह, शिवअचल सिंह, अमर सिंह, लालजी सिंह, अंबिका सिंह, सत्यनारायण सिंह, रामकिशोर, कठार गांव निवासी रामकिशन सिंह, जसवंत सिंह, दारा सिंह, मान सिंह, भोनई सिंह, अवधेश सिंह, विकास सिंह, सुरेश सिंह सहित सैकड़ों किसानों की फसल डूब गई है। किसानों ने शासन प्रशासन का ध्यान आकृष्ट कराते हुए मदद की मांग की है।
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नहर कटने से फसल डूबी
मानधाता। क्षेत्र के हरखपुर गांव में नहर कटने से किसानों की फसल डूब गई है। किसानों का कहना है कि नहर के बंधे मजबूत नहीं है। इसकी शिकायत कई बार की गई, मगर अधिकारियों ने ध्यान नहीं दिया। किसानों ने जिलाधिकारी से नुकसान की भरपाई की मांग की है।
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तीन दिन लगातार बारिश के बाद शनिवार को मौसम साफ रहा। हालांकि इसके बाद भी सई, सकरनी, और बकुलाई नदी उफान पर रहीं। शहर से गुजरी सई नदी के जलस्तर में ढाई फिट की बढ़ोतरी हुई है। बेल्हा देवी धाम की सीढ़ियां पूरी तरह डूब गईं। जलस्तर बढ़ने से बेल्हा देवी घाट के आसपास के मोहल्ले व शहर के तटीय मोहल्लों में नदी का पानी का घुस गया। इससे हड़कंप मच गया। शनिवार को बढ़ते जलस्तर को देख लोग हलाकान रहे। लोगों ने घर छोड़कर दूसरों के यहां शरण ली है। दिनभर लोग गृहस्थी के सामान सुरक्षित करते रहे। शनिवार को 100 से अधिक परिवार पलायन कर चुके थे। इधर, सकरनी और बकुलाही नदी के जलस्तर में भी बढ़ोतरी होती रही। वहीं विकास खंड मंगरौरा के कांधरपुर बाजार से कुछ दूरी से गुजरी चमरौधा नदी के उफनाने से चिगुडा, सरायशंकर, दुहिया, पीठापुर, पूरबपट्टी आदि गांवों के हालात खराब रहे। जलभराव होने से जनजीवन अस्त-व्यस्त रहा।
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खेतों में पहुंचा सई नदी का पानी
उड़ैयाडीह। सई नदी के उफान से पट्टी तहसील क्षेत्र के आशापुर अठगवां, कठार, नंदईपुर आदि गांवों में खेतों तक पानी पहुंच गया है। नदी का जलस्तर बढ़ने से किसान परेशान हैं। लोगों का कहना है कि सन 1980 के बाद इस तरह की बाढ़ दूसरी बार आई है। इसी तरह अगर जलस्तर बढ़ता रहा तो स्थिति गंभीर हो सकती है। आशापुर अठगवा गांव निवासी रामअचल सिंह, शिवअचल सिंह, अमर सिंह, लालजी सिंह, अंबिका सिंह, सत्यनारायण सिंह, रामकिशोर, कठार गांव निवासी रामकिशन सिंह, जसवंत सिंह, दारा सिंह, मान सिंह, भोनई सिंह, अवधेश सिंह, विकास सिंह, सुरेश सिंह सहित सैकड़ों किसानों की फसल डूब गई है। किसानों ने शासन प्रशासन का ध्यान आकृष्ट कराते हुए मदद की मांग की है।
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नहर कटने से फसल डूबी
मानधाता। क्षेत्र के हरखपुर गांव में नहर कटने से किसानों की फसल डूब गई है। किसानों का कहना है कि नहर के बंधे मजबूत नहीं है। इसकी शिकायत कई बार की गई, मगर अधिकारियों ने ध्यान नहीं दिया। किसानों ने जिलाधिकारी से नुकसान की भरपाई की मांग की है।

सदर बाजार बेल्हा देवी धाम के बगल स्थित मोहल्ले में सई नदी के बाढ का भरा पानी। संवाद- फोटो : PRATAPGARH

बेल्हा देवी धाम की सई नदी बाढ़ के पानी में डूबी सीढ़ियां। संवाद- फोटो : PRATAPGARH