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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Pratapgarh News ›   Sai jumped from the bridge into the river to die Married

जान देने के लिए पुल से सई नदी में कूद गई विवाहिता

Sat, 24 Oct 2015 01:15 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, प्रतापगढ़
अमर उजाला ब्यूरो, प्रतापगढ़ Updated Sat, 24 Oct 2015 01:15 AM IST
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प्रतापगढ़। घरेलू कलह से तंग आकर एक विवाहिता ने सई पुल से नदी में छलांग लगा दिया। नदी में नहा रहे लोगों ने उसे कूदते देख लिया और कुछ देर में उसे सकुशल बाहर निकाला। उसे देखने के लिए तमाशबीनों का मजमा लगा रहा। पुलिस ने परिजनों को बुलाकर उसे घर भेजा।
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नगर कोतवाली के शुकुलपुर (अष्टभुजानगर) निवासी दिनेश की पत्नी सुनीता (28) घरेलू कलह से परेशान रहती है। बुधवार की शाम को भी पति से उसकी कहासुनी हुई थी। रात भर वह खाना नहीं खाई। सुबह होते ही घर से निकल पड़ी। सई नदी पुल पर पहुंचकर वह रुक गई। चूंकि दशहरे का दिन था इसलिए बेल्हा देवी मंदिर पर भक्तों की भारी भीड़ थी। नदी में लोग नहा धोकर पूजन अर्चन करने जा रहे थे। काफी देर तक उधेड़बुन में सुनीता खड़ी रही। अचानक वह पुल की रेलिंग पर चढ़ने लगी तो लोग उसे पकड़ने के लिए दौड़े, लेकिन तब तक उसने नदी में छलांग लगा दी।
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 नदी में पानी अधिक होने के कारण वह डूबने लगी। शोर सुनकर नदी में नहा रहे लोग किसी तरह उसके पास पहुंचे। कुछ ही देर में सुनीता को लोगों ने पकड़ लिया और उसे बाहर निकालकर लाए। नदी में कूदने के बाद भी सुनीता को खरोंच तक नहीं आई थी। मौके पर पहुंचे नगर कोतवाल अनिल कुमार उसे अपने साथ महिला थाने लाए। जहां से परिजन उसे अपने साथ ले गए।
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संतान न होने होती थी तकरार
सुनीता का विवाह करीब पांच वर्ष पहले हुआ था। पुलिस की मानें तो शादी के कई साल बाद भी संतान पैदा नहीं हुई। इसे लेकर आए दिन तकरार होती रहती थी।
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पहले भी जान देने के लिए कई लोगों ने लगाई है छलांग
बेल्हा देवी के करीब सई पुल से नदी में कूदकर जान देने के प्रयास की यह कोई पहली घटना नहीं है। इसके पहले भी कई युवक और युवती जान देने के लिए छलांग लगा चुके हैं। कई की जान चली गई तो कई लोगों को बचा लिया गया। इसके बावजूद प्रशासन कोई ठोस इंतजाम नहीं कर रहा। ताकि जान देने के लिए पुल से कूदने वालों को समय रहते रोका जा सके।

जेठवारा। दुर्गा प्रतिमा विसर्जन के दौरान एक किशोर शारदा सहायक नहर में समा गया। उसे बचाने की हर कोशिश नाकाम रही। घटना की पुलिस को भनक तक नहीं लगी। उसकी मौत की जानकारी होने पर घर में कोहराम मच गया। परिजनों के करुण क्रंदन से हर किसी की आंख से आंसू बहता रहा।


मानधाता थाना क्षेत्र के तरौल निवासी रामसुख गौतम का पुत्र अमन (14) इलाके के कमलाशरण इंटर कालेज में कक्षा आठ का छात्र था। गांव के संतोष यादव के घर के करीब लोगों ने मां दुर्गा की प्रतिमा की स्थापना की और नौ दिनों तक पूजन-अर्चन किया। गुरुवार दोपहर गाजे बाजे के साथ प्रतिमा विसर्जन करने के लिए ग्रामीण कटरागुलाबसिंह और छितपालगढ़ रोड से गुजरी शारदा सहायक बड़ी नहर की ओर चल पड़े। सुमेरपुर गांव के करीब नहर के निर्माणाधीन पुल वाले स्थान पर लोग प्रतिमा विसर्जित करने लगे। इसी दौरान अमन नहर में डूबने लगा। जब तक लोगों की नजर पड़ती तब तक वह कई बार गहरे में पानी में गोता लगा चुका था। संतोष समेत दूसरे ग्रामीण उसे बचाने के लिए पानी में कूद पड़े। मशक्कत के बाद उसे बाहर निकाल सके। इसके बाद उसे लेकर नजदीकी अस्पताल की ओर भागे, लेकिन रास्ते में ही उसकी सांसें थम गईं। यह खबर घर पहुंची तो कोहराम मच गया। इस बाबत एसओ रत्नेश सिंह ने बताया कि उन्हें ऐसी किसी घटना की जानकारी नहीं है।



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