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प्रतापगढ़ : प्रेमी की तलाश में भटकते हुए पहुंची है रूसी महिला, दूतावास ने भी लेने से किया इनकार

Fri, 03 Jun 2022 08:34 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रतापगढ़
अमर उजाला नेटवर्क, प्रतापगढ़ Published by: विनोद सिंह Updated Fri, 03 Jun 2022 08:34 PM IST
सार

रूस के लुइस शहर की रहने वाली बोल्गा (45) बुधवार को भटककर किसी ट्रेन से प्रतापगढ़ पहुंच गई। वह रात में कुछ देर तक प्लेटफार्म पर टहलती रही। कुछ लोगों से बातचीत का प्रयास किया मगर, किसी को उसकी भाषा समझ में नहीं आ रही थी।

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Russian woman has arrived wandering in search of lover, the embassy also refused to take
मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराई गई रूस की महिला ओला। - फोटो : अमर उजाला।

विस्तार

प्रतापगढ़ जंक्शन पर भटकते मिली रूसी महिला बोल्गा को लेकर जिले की प्रशासनिक मशीनरी करीब पंद्रह घंटे तक परेशान रही। रशियन भाषा समझ में न आने के कारण जिले के अफसर उसकी बात नहीं समझ पा रहे थे। इस पर जिले में रहने वाले रूसी नागरिकों के बारे में जानकारी जुटाई गई। पट्टी के रहने वाले डॉक्टर आनंद त्रिपाठी की रशियन पत्नी रूसीने मकरचियाम से महिला की बात कराने के बाद अफसरों को पूरा मामला समझ में आया। रूसी महिला प्रेमी की तलाश में भटकते हुए प्रतापगढ़ आ गई थी। बृहस्पतिवार रात गरीबरथ एक्सप्रेस से पुलिस टीम उसे लेकर दिल्ली रवाना हुई। 

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रूस के लुइस शहर की रहने वाली बोल्गा (45) बुधवार को भटककर किसी ट्रेन से प्रतापगढ़ पहुंच गई। वह रात में कुछ देर तक प्लेटफार्म पर टहलती रही। कुछ लोगों से बातचीत का प्रयास किया मगर, किसी को उसकी भाषा समझ में नहीं आ रही थी। विदेशी महिला को प्लेटफार्म पर घूमते देख लोग उसे घेरे रहे। जानकारी मिलने पर जीआरपी पहुंची मगर, तब तक वह बाहर निकलकर दुकानों पर पहुंच गई थी। इस पर पुलिस ने उसे वन स्टाप सेंटर पहुंचाया।

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महिला से बातचीत करने के लिए पुलिस अफसर भी वन स्टाप सेंटर पहुंचे मगर, रूसी भाषा बोलने की वजह से कोई भी उसकी बात नहीं समझ पा रहा था। बृहस्पतिवार दोपहर उसे मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया। पुलिस अधीक्षक सतपाल अंतिल ने एलआईयू इंस्पेक्टर ओपी सिंह को विदेशी महिला से बातचीत कराने के लिए जिले में रहने वाले रूस के नागरिकों के बारे में जानकारी जुटाने के लिए कहा।

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डॉक्टर की रशियन पत्नी से बात के बाद सुलझा मामला

 

इस बीच पट्टी के रहने वाले डॉ. आनंद त्रिपाठी से पुलिस अधिकारियों ने संपर्क साधा। पता चला कि उनकी पत्नी रूसीने मकरचियाम रूस के आर्मोनिया की रहने वाली हैं। बोल्गा से उनकी फोन पर बात कराई गई। तब जाकर 15 घंटे से परेशान अफसरों ने राहत की सांस ली। पता चला कि बोल्गा दिल्ली के रहने वाले अपने प्रेमी की तलाश में भटक रही है। प्रेमी उसका पासपोर्ट और वीजा लेकर गायब हो गया था।

 

 

अधिकारियों ने रशियन दूतावास से संपर्क करने के बाद बोल्गा की बाबत टेलीग्राम भेजा। उसके पास मिले थैले में रुपये भी थे। रात में गरीबरथ एक्सप्रेस से एक दरोगा और तीन पुलिसकर्मी बोल्गा को लेकर दिल्ली रवाना हुए।शुक्रवार को दिनभर पुलिस उसे लेकर रशियन दूतावास में भटकती रही। बोल्गा के पास जो कागजात थे, वे असली दस्तावेज की छायाप्रति थे। जिसके चलते दूतावास के अधिकारियों ने उसे अपनी सुपुर्दगी में लेने से इनकार कर दिया।

 


इससे परेशान पुलिस उसे नजदीकी थाने ले जाने लगी तो वह हंगामा करने लगी। वह दूतावास से निकलने के लिए राजी नहीं थी। बाद में नजदीकी थाने की पुलिस पहुंची और उसे जबरन लेकर बाहर आई। मामला संज्ञान में आने के बाद पुलिस अधीक्षक सतपाल अंतिल ने दिल्ली में रहने वाले किसी परिचित असफर से मदद के लिए कहा। इसके बाद उसे विदेशी पंजीकरण अधिकारी कार्यालय ले जाया गया। यहां से भी महिला की बाबत अभिलेख भेजे गए। खबर लिखे जाने तक पुलिस टीम विदेशी महिला को लेकर इस कार्यालय से उस कार्यालय भटक रही थी।

भारतीय प्रेमी से मिलने तीन साल पहले आई थी दिल्ली 
रूसी महिला बोल्गा के मोबाइल में प्रेमी के साथ किए गए चैट मिले हैं। वह दिल्ली के एक युवक के संपर्क में फेसबुक के जरिए आई थी। इसके बाद दोनों के बीच लगातार चैटिंग होती रही। दोनों के प्यार की कहानी भी मोबाइल के चैट में मिली। बोल्गा के अनुसार, मार्च 2019 में वह दिल्ली आई। प्रेमी युवक के साथ वह दिल्ली में रहती थी। इसी साल अचानक बोल्गा का पासपोर्ट व वीजा लेकर प्रेमी गायब हो गया। जिसकी तलाश में वह भटक रही है।
 


पुलिस के आगे बढ़ा दिए रुपये 
अस्पताल में पूछताछ के दौरान रूसी महिला बोल्गा ने अपने थैले ।से करीब एक हजार रुपये निकाले। जिसमें पांच सौ से लेकर 50 रुपये तक के नोट थे। उसने पुलिस के आगे दो सौ रुपये का नोट बढ़ा दिया। ताकि पुलिस उसे अकेला छोड़ दे। उसके पास से पठानकोट से दिल्ली तक का टिकट भी मिला। अब वह किस ट्रेन से यहां आई, इसकी सटीक जानकारी किसी को नहीं थी। 
 


न्यूरो पैथॉलाजिस्ट है बोल्गा
रूसी महिला बोल्गा न्यूरो पैथॉलाजिस्ट भी हैं। आर्मेनिया की रहने वाली रूसीने मकरचियाम से बातचीत के दौरान बोल्गा ने अपने बारे में जानकारी दी। आपबीती सुनाते हुए उसकी आंखों से आंसू निकलते रहे।

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