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Pratapgarh News: सेक्शन इंजीनियर के आवास से आरपीएफ ने बरामद की लोहे की क्लिप

Thu, 21 Mar 2024 12:42 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, प्रतापगढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, प्रतापगढ़ Updated Thu, 21 Mar 2024 12:42 AM IST
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RPF recovered iron clip from section engineer's residence
सेक्शन इंजीनियर के आवास से आरपीएफ ने बरामद की लोहे की क्लिप
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- दो रेलकर्मियों को किया गिरफ्तार, पूछताछ के बाद छोड़ा
संवाद न्यूज एजेंसी
प्रतापगढ़। सेक्शन इंजीनियर (पीडब्लूआई) के काॅलोनी स्थित आवास से आरपीएफ को काफी संख्या में पिनडॉल्फ (जलेबी) मिली है। चर्चा है कि रेल संपति को बेचने की तैयारी में अफसर थे। जानकारी होने पर आरपीएफ ने ड्यूटी पर मौजूद एक कर्मचारी को हिरासत में ले लिया। जानकारी होने पर रेलकर्मी के अन्य साथियों के साथ आरपीएफ थाने पहुंचे और हंगामा किया तो आरपीएफ ने रेलकर्मी को छोड़ दिया।
सेक्शन इंजीनियर जीतेंद्र कुमार ने बताया कि उनके गेट के बाहर काफी संख्या में लोहे की क्लिप पिनडाॅल्फ पड़ी हुई थी। उन्होंने इसकी सूचना आरपीएफ को दी। आरपीएफ मौके पर पहुंची और पिनडॉल्फ को थाने लेकर चली गई। सेक्शन इंजीनियर ने बताया कि जो रेलवे का लोहा बरामद हुआ है उसे उनके स्टोर से तीरथराज यादव और संजय यादव के नाम जारी किया गया था। जिसका इस्तेमाल ट्रैक में किया जाना था। यह संपत्ति उनके आवास तक कैसे पहुंची। इसके बारे में उन्हें नहीं पता है। आरपीएफ मामले की पड़ताल करते हुए पृथ्वीगंज में अपनी ड्यूटी पर तैनात गैंगमैन तीरथराज यादव को हिरासत में लेकर थाने पहुंच गई। जानकारी होते ही रेलवे के अन्य कर्मचारी भी पहुंच गए और हंगामा करना शुरू कर दिया। यूनियन के नेताओं के कहने पर आरपीएफ को तीरथराज को छोड़ना पड़ा। उससे लिखित में लिया गया कि वह रात होने के कारण सेक्शन इंजीनियर के आवास के सामने गेट के पास रेल संपत्ति रखकर घर चला गया था।
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इनसेट---
रजिस्टर पर दर्ज नहीं हुई रेल संपत्ति
ख़ास बात यह है कि जो पिनडाॅल्फ आरपीएफ को मिली है। वह स्टोर से जारी जरूर हुई है, लेकिन उसको रजिस्टर में दर्ज नहीं किया गया है। बिना ब्योरा लिखे भला डिलीवरी कैसे हो गई। कल को बचने के लिए जिम्मेदार इसे लावारिस भी बता सकते हैं।
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वर्जन ---
प्रतापगढ़ के कर्मचारी नौकरी करने से बचना चाहते हैं। दबाव डालकर काम लिया जाए तो फंसाने के लिए तैयार रहते हैं। कोई धमकी देता है तो कोई गेट के सामने रेलवे की संपत्ति रखकर चला जाता है। आरपीएफ क्या कह रही है मुझे नहीं पता है।
जीतेंद्र कुमार, सेक्शन इंजीनियर।
वर्जन ---
बगैर मेमो जारी किए किसी रेल कर्मचारी को ड्यूटी के दौरान आरपीएफ हिरासत में नहीं ले सकती है। मगर यहां ठीक विपरीत कार्य किया गया। रेल कर्मचारी को फंसाने के लिए उसे सुबह आठ बजे ही हिरासत में ले लिया गया। दोपहर दो बजे हंगामे के बाद छोड़ा गया।

मोहम्मद शफीक, शाखा मंत्री, नार्दर्न मेंस यूनीयन
वर्जन ---
मुझे जो करना था कर दिया। मेरे पास इतना समय नहीं है कि मैं बारबार सभी को जानकारी देता रहूं। सेक्शन इंजीनियर क्या कह रहे हैं मुझे नहीं पता है। किसी प्रकार रेल संपत्ति नहीं बरामद हुई है।
- मनीत दबास, आरपीएफ इंस्पेक्टर।
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