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मौत के कुएं में तब्दील हो गया है हाइवे का नाला
अमर उजाला ब्यूरो प्रतापगढ़
Updated Thu, 14 Jul 2016 12:11 AM IST
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pratapgarh
शहर में हाइवे पर प्रस्तावित नाले का निर्माण कार्य खुदाई करने के बाद छोड़ दिया गया। जिससे शहर और उससे सटे इलाके में जलभराव की स्थिति पैदा हो गई है। नाला मौत के कुएं में तब्दील हो गया है। लोगों का अपने घरों से बाहर निकलना और बैठना दुश्वार हो गया है। बारिश में नाले का पानी उनके घरों में घुस जा रहा है। राष्ट्रीय राजमार्ग प्रशासन इस ओर ध्यान नहीं दे रहा है। पता चला है कि इस काम को देख रहे एक्सईएन के हटाये जाने से नाले की खुदाई का काम भी ठंडे बस्ते में डाल दिया गया है।
शहर के अंदर और भंगवाचुंगी से लेकर सैयाबांध पुल तक हाइवे के किनारे नाले का निर्माण कराया जा रहा है। इसके लिये जेसीबी से खुदाई कराई गई। बलीपुर के हिस्से में नाले का निर्माण भी कराया जा चुका है। मगर उसके बाद खुदाई करके नाले को जगह-जगह छोड़ दिया गया है। गहरी खुदाई से नाला बारिश में भरने के बाद किसी मौत के कुएं से कम नहीं लगता है। बारिश के मौसम में सड़क के किनारे गुजर रहे वाहन पानी की थाह न पाकर नाले में जा गिर पड़ते हैं। जिन लोगों के मकान के सामने से नाला गया हुआ है उनके लिये और मुसीबत बना हुआ है। नाले की खुदाई उनके लिये जानलेवा साबित हो रही है। अगर आते-जाते तनिक भी चूक भी हुई तो गये गहरे गड्ढे में। नाला खुला छोड़ दिये जाने से लोग अपने दरवाजे के सामने निकलकर बैठ भी नहीं पा रहे हैं। टाटा टेल्को कंपनी के बगल के लोगों की यही स्थिति बनी हुई है। नाला उनके मकान की नींव से होकर गया है। जोगापुर में भी यही स्थिति बनी हुई है। नाला खुदाई करके नाले को खुला छोड़ देनेे की स्थिति में लोगों ने उसको मिट्टी से बंद करना भी शुरू कर दिया है।
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शहर के अंदर और भंगवाचुंगी से लेकर सैयाबांध पुल तक हाइवे के किनारे नाले का निर्माण कराया जा रहा है। इसके लिये जेसीबी से खुदाई कराई गई। बलीपुर के हिस्से में नाले का निर्माण भी कराया जा चुका है। मगर उसके बाद खुदाई करके नाले को जगह-जगह छोड़ दिया गया है। गहरी खुदाई से नाला बारिश में भरने के बाद किसी मौत के कुएं से कम नहीं लगता है। बारिश के मौसम में सड़क के किनारे गुजर रहे वाहन पानी की थाह न पाकर नाले में जा गिर पड़ते हैं। जिन लोगों के मकान के सामने से नाला गया हुआ है उनके लिये और मुसीबत बना हुआ है। नाले की खुदाई उनके लिये जानलेवा साबित हो रही है। अगर आते-जाते तनिक भी चूक भी हुई तो गये गहरे गड्ढे में। नाला खुला छोड़ दिये जाने से लोग अपने दरवाजे के सामने निकलकर बैठ भी नहीं पा रहे हैं। टाटा टेल्को कंपनी के बगल के लोगों की यही स्थिति बनी हुई है। नाला उनके मकान की नींव से होकर गया है। जोगापुर में भी यही स्थिति बनी हुई है। नाला खुदाई करके नाले को खुला छोड़ देनेे की स्थिति में लोगों ने उसको मिट्टी से बंद करना भी शुरू कर दिया है।
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