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राजस्व विभाग ने विवादित बताकर ठुकरा दिया वरासत के 1982 मामले

Thu, 29 Jul 2021 08:09 PM IST
Allahabad Bureau इलाहाबाद ब्यूरो
Updated Thu, 29 Jul 2021 08:09 PM IST
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Revenue Department rejected 1982 cases of inheritance as disputed
kisan
जिले में मृतक किसानों के स्थान पर खतौनी में आ श्रितों का नाम दर्ज करने के लिए चलाया गया अभियान निरर्थक सा बित हुआ है। राजस्व विभाग ने 1982 मामलों को विवादित दिखाकर वरासत करने से अपना हाथ खड़ा कर दिए। जबकि 2036 मामले ऐेसे हैं, जो अभी लेखपाल और कानूनगो के इर्ग-गिर्द घूम रहे हैं।
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किसानों को लेखपाल और कानूनगो के शोषण से मुक्त करने के लिए शासन ने वरासत दर्ज करने का अभियान चलाया था। जिले के 31,712 लोगों ने इसके लिए आवेदन किया था। लेखपालों और कानूनगो की मिलीभगत का खेल रहा कि 1982 आवेदन पत्रों को विवादित बताकर वरासत दर्ज नहीं की गई।
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जबकि 2036 मामले अभी तक लंबित हैं। विभागीय अधिकारियों ने वरासत के 2427 आवेदन पत्रों को जांच करने के बाद निरस्त कर दिया। अभियान समाप्त होेने के बाद जिले के 133 लोगों के आवेदन आने के कारण राजस्व विभाग ने इस पर कोई अमल ही नहीं किया। फिलहाल जिले में वरासत के 2036 मामले अभी भी तहसीलों में लेखपाल, कानूनगो के पास अटके पड़े हैं। अफसरों का दावा है कि 27,691 वरासत के मामलों का निस्तारण किया गया है।
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विवादित मामलों में होती है सौदेबाजी
किसानों की जमीन की वरासत दर्ज करने में लेखपाल और कानूनगो तब तक कोई दिलचस्पी नहीं दिखाते हैं, जब तक उनकी जेब गर्म नहीं होती है। विवादित मामलों में लेखपाल और कानूनगो सौदेबाजी करने के बाद ही खतौनी में नाम अंकित करते हैं।

किस तहसील में कितने मामले लंबित
कुंडा 591
लालगंज 314
सदर 239
पट्टी 315
रानीगंज 577
वरासत सतत चलने वाली प्रक्रिया है। अभियान में विवादित मामलों को छोड़कर 27,694 मामलों का निस्तारण किया जा चुका है। जो नए मामले आ रहे हैं, उनका जल्द निस्तारण किया जाएगा।
इंद्रभूषण वर्मा, मुख्य राजस्व अधिकारी
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