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बाघराय के अधेड़ की मुंबई में दुर्घटना में मौत
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बाघराय के अधेड़ की मुंबई में दुर्घटना में मौत
सूचना पर परिजनों में मची चीखपुकार
बाघराय। स्थानीय थाना क्षेत्र के एक अधेड़ की मुंबई मेट्रो में काम करने के दौरान हुई दुर्घटना में मौत हो गई। सूचना शनिवार को परिजनों को मिली तो उनमें चीखपुकार मच गई। परिजन सूचना पर शव आने का देर शाम तक इंतजार कर रहे थे।
बाघराय थाना क्षेत्र के सिया गांव निवासी हरिश्चंद्र प्रजापति (40) वर्ष पुत्र मांगूराम रोजगार के सिलसिले में मुंबई में रहता था। वह वहां एसटीईसी नामक प्राइवेट कंपनी में काम करता था। कंपनी मुंबई मेट्रो के लिए काम करती है। शुक्रवार की देर रात मेट्रो के लिए कहीं खुदाई चल रही थी। इस दौरान ऊपर से पत्थर गिर गया। इसकी चपेट में आन से हरिश्चंद्र की मौत हो गई। मौत की सूचना कंपनी के लोगों ने परिजनों को दी। सूचना मिलते ही परिजनों में चीख पुकार मच गई। हरिश्चंद्र अपने घर का इकलौता कमाने वाला था। हरिश्चंद्र की पत्नी मनसा देवी चार पुत्रियों व दो पुत्रों के साथ घर पर रहती हैं। उसकी मौत से इन सभी का रो-रोकर बुरा हाल है। शव के गांव आने की सूचना पर उसके परिजन व ग्रामीण देर शाम तक इंतजार में थे।
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सूचना पर परिजनों में मची चीखपुकार
बाघराय। स्थानीय थाना क्षेत्र के एक अधेड़ की मुंबई मेट्रो में काम करने के दौरान हुई दुर्घटना में मौत हो गई। सूचना शनिवार को परिजनों को मिली तो उनमें चीखपुकार मच गई। परिजन सूचना पर शव आने का देर शाम तक इंतजार कर रहे थे।
बाघराय थाना क्षेत्र के सिया गांव निवासी हरिश्चंद्र प्रजापति (40) वर्ष पुत्र मांगूराम रोजगार के सिलसिले में मुंबई में रहता था। वह वहां एसटीईसी नामक प्राइवेट कंपनी में काम करता था। कंपनी मुंबई मेट्रो के लिए काम करती है। शुक्रवार की देर रात मेट्रो के लिए कहीं खुदाई चल रही थी। इस दौरान ऊपर से पत्थर गिर गया। इसकी चपेट में आन से हरिश्चंद्र की मौत हो गई। मौत की सूचना कंपनी के लोगों ने परिजनों को दी। सूचना मिलते ही परिजनों में चीख पुकार मच गई। हरिश्चंद्र अपने घर का इकलौता कमाने वाला था। हरिश्चंद्र की पत्नी मनसा देवी चार पुत्रियों व दो पुत्रों के साथ घर पर रहती हैं। उसकी मौत से इन सभी का रो-रोकर बुरा हाल है। शव के गांव आने की सूचना पर उसके परिजन व ग्रामीण देर शाम तक इंतजार में थे।
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