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कायाकल्प की टीम ने किया अर्बन, कोहड़ौर और मानधाता अस्पताल का निरीक्षण
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कोहडौर सीएचसी का निरीक्षण करने पहुंची कायाकल्प टीम।
- फोटो : PRATAPGARH
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लखनऊ से आई स्वास्थ्य विभाग की कायाकल्प टीम ने शुक्रवार को कोहड़ौर सीएचसी समेत तीन अस्पतालों का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान जहां गंदगी मिली वहां के अधीक्षक को फटकार लगाई। स्वच्छता पर विशेष ध्यान देने के लिए कहा।
टीम में शामिल मंडलीय कार्यक्रम प्रबंधक प्रयागराज हरीश सक्सेना और जौनपुर डीपीएम सत्यव्रत त्रिपाठी, क्वालिटी कंसल्टेंट अक्षत पाठक और डीपीएम प्रतापगढ़ राजशेखर पहले कोहड़ौर सीएचसी पहुंचे। यहां अधीक्षक भरत पाठक के साथ लेबररूम, वार्ड और अस्पताल परिसर का निरीक्षण किया। टीम के सदस्यों ने स्टाफ नर्स और स्वास्थ्य कर्मचारियों से मरीजों के इलाज की जानकारी ली। इसके बाद टीम अजीत नगर पीएचसी पहुंची। पहले से ही स्वास्थ्य कर्मचारियों ने अपनी तैयारी पूरी कर रखी थी।
इसके बाद टीम मानधाता पीएचसी पर पहुंची। यहां गंदगी मिलने पर अधीक्षक को फटकार लगाई। मंडलीय कार्यक्रम प्रबंधक हरीश सक्सेना ने बताया कि जिले के कई और सीएचसी और पीएचसी का निरीक्षण करना है। निरीक्षण के बाद सभी अस्पतालों को अंक देना है। इसके बाद कायाकल्प योजना के तहत अस्पतालों को सम्मान पत्र और पुरस्कार दिया जाएगा।
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जवाब दे गई महिला अस्पताल की सैनिटाइज मशीन
जिला महिला अस्पताल में मरीजों के साथ तीमारदारों को महामारी कोरोना का खौफ सता रहा है। बगैर थर्मल स्क्रीनिंग और सैनिटाइजेशन के मरीजों और उनके साथ आने वाले तीमारदारों को वार्ड में जाने दिया जा रहा है। इससे संक्रमण का खतरा बढ़ गया है।
जिला महिला अस्पताल में भर्ती मरीजों के साथ नवजातों को कोरोना से बचाने के लिए सैनिटाइज मशीन लगाई गई थी। दो ही दिनों के अंदर ही यह मशीन खराब हो गई। ऐसे में बाहर से आने वाले मरीज और तीमारदार बिना सैनिटाइजेशन के ही वार्डों में पहुंच जा रहे हैं। जिससे कोरोना के संक्रमण का खतरा बना हुआ है। वहीं ओपीडी में आने वाले मरीजों से डाक्टर भी सहमे हुए हैं।
मशीन में कोई खराबी नहीं आई है। सैनिटाइजर बनाने वाला केमिकल कुछ कम पड़ गया है। मंगवाया गया है।
रीना प्रसाद, सीएमएस, जिला महिला अस्पताल।
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टीम में शामिल मंडलीय कार्यक्रम प्रबंधक प्रयागराज हरीश सक्सेना और जौनपुर डीपीएम सत्यव्रत त्रिपाठी, क्वालिटी कंसल्टेंट अक्षत पाठक और डीपीएम प्रतापगढ़ राजशेखर पहले कोहड़ौर सीएचसी पहुंचे। यहां अधीक्षक भरत पाठक के साथ लेबररूम, वार्ड और अस्पताल परिसर का निरीक्षण किया। टीम के सदस्यों ने स्टाफ नर्स और स्वास्थ्य कर्मचारियों से मरीजों के इलाज की जानकारी ली। इसके बाद टीम अजीत नगर पीएचसी पहुंची। पहले से ही स्वास्थ्य कर्मचारियों ने अपनी तैयारी पूरी कर रखी थी।
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इसके बाद टीम मानधाता पीएचसी पर पहुंची। यहां गंदगी मिलने पर अधीक्षक को फटकार लगाई। मंडलीय कार्यक्रम प्रबंधक हरीश सक्सेना ने बताया कि जिले के कई और सीएचसी और पीएचसी का निरीक्षण करना है। निरीक्षण के बाद सभी अस्पतालों को अंक देना है। इसके बाद कायाकल्प योजना के तहत अस्पतालों को सम्मान पत्र और पुरस्कार दिया जाएगा।
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जवाब दे गई महिला अस्पताल की सैनिटाइज मशीन
जिला महिला अस्पताल में मरीजों के साथ तीमारदारों को महामारी कोरोना का खौफ सता रहा है। बगैर थर्मल स्क्रीनिंग और सैनिटाइजेशन के मरीजों और उनके साथ आने वाले तीमारदारों को वार्ड में जाने दिया जा रहा है। इससे संक्रमण का खतरा बढ़ गया है।
जिला महिला अस्पताल में भर्ती मरीजों के साथ नवजातों को कोरोना से बचाने के लिए सैनिटाइज मशीन लगाई गई थी। दो ही दिनों के अंदर ही यह मशीन खराब हो गई। ऐसे में बाहर से आने वाले मरीज और तीमारदार बिना सैनिटाइजेशन के ही वार्डों में पहुंच जा रहे हैं। जिससे कोरोना के संक्रमण का खतरा बना हुआ है। वहीं ओपीडी में आने वाले मरीजों से डाक्टर भी सहमे हुए हैं।
मशीन में कोई खराबी नहीं आई है। सैनिटाइजर बनाने वाला केमिकल कुछ कम पड़ गया है। मंगवाया गया है।
रीना प्रसाद, सीएमएस, जिला महिला अस्पताल।