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Pratapgarh News: रजिस्ट्री विभाग को दो करोड़ की चपत
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सर्वर नहीं चलने के कारण रजिस्ट्री दफ्तर की रफ्तार सुस्त पड़ गई है। दफ्तर आने वाले क्रेता-विक्रेताओं को मायूस होकर लौटना पड़ रहा है। दस दिन के अंदर रजिस्ट्री न होने के कारण विभाग को करीब दो करोड़ रुपये की चपत लगी है।
रजिस्ट्री दफ्तर में जमीन बैनामे के साथ वसीयत का भी काम होता है। औसतन प्रतिदिन जिले के पट्टी, सदर, रानीगंज, लालगंज, कुंडा उप निबंधक कार्यालय में 100 रजिस्ट्री होती है। वहीं, वसीयत 8 से 10 होती है। इससे करीब प्रतिदिन स्टांप शुल्क से 20 लाख रुपये की आय विभाग को होती है। वहीं, त्योहारी सीजन में खासकर नवरात्र से दीपावली पर्व तक यह आमदनी तीन गुना तक बढ़ जाती है।
पिछले दस दिनों से सर्वर की चाल सुस्त होने से दिनभर में एक से दो रजिस्ट्री और वसीयत हो पा रही है। दिन भर लाइन लगाने वाले क्रेता और विक्रेताओं को मायूस होकर लौटना पड़ रहा है। दस दिनों के भीतर सभी उप निबंधक कार्यालयों में तकरीबन 80 से अधिक रजिस्ट्री की पत्रावली लंबित है।
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पट्टी की आंचल विश्वकर्मा ने बताया कि तीन दिनों से जमीन की रजिस्ट्री नहीं हो पा रही है। सदर के आलोक प्रजापति ने बताया कि वसीयत कराने के लिए रजिस्ट्री दफ्तर का पांच दिनों से चक्कर लगा रहे हैं। बुधवार को समय से करीब 10 बजे अधिकारी और कर्मचारी कार्यालय पहुंचे। सुबह दस बजे सर्वर चलना शुरू हुआ। लगभग 11 बजे के बाद सर्वर पूरी तरह ठप हो गया। संवाद
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रजिस्ट्री दफ्तर में जमीन बैनामे के साथ वसीयत का भी काम होता है। औसतन प्रतिदिन जिले के पट्टी, सदर, रानीगंज, लालगंज, कुंडा उप निबंधक कार्यालय में 100 रजिस्ट्री होती है। वहीं, वसीयत 8 से 10 होती है। इससे करीब प्रतिदिन स्टांप शुल्क से 20 लाख रुपये की आय विभाग को होती है। वहीं, त्योहारी सीजन में खासकर नवरात्र से दीपावली पर्व तक यह आमदनी तीन गुना तक बढ़ जाती है।
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पिछले दस दिनों से सर्वर की चाल सुस्त होने से दिनभर में एक से दो रजिस्ट्री और वसीयत हो पा रही है। दिन भर लाइन लगाने वाले क्रेता और विक्रेताओं को मायूस होकर लौटना पड़ रहा है। दस दिनों के भीतर सभी उप निबंधक कार्यालयों में तकरीबन 80 से अधिक रजिस्ट्री की पत्रावली लंबित है।
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पट्टी की आंचल विश्वकर्मा ने बताया कि तीन दिनों से जमीन की रजिस्ट्री नहीं हो पा रही है। सदर के आलोक प्रजापति ने बताया कि वसीयत कराने के लिए रजिस्ट्री दफ्तर का पांच दिनों से चक्कर लगा रहे हैं। बुधवार को समय से करीब 10 बजे अधिकारी और कर्मचारी कार्यालय पहुंचे। सुबह दस बजे सर्वर चलना शुरू हुआ। लगभग 11 बजे के बाद सर्वर पूरी तरह ठप हो गया। संवाद