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16 घंटे बाद हो सका बुजुर्ग बंदी के शव का अंतिम संस्कार

Mon, 09 Aug 2021 12:35 AM IST
इलाहाबाद ब्यूरो अमर उजाला नेटवर्क, प्रतापगढ़
अमर उजाला नेटवर्क, प्रतापगढ़ Published by: इलाहाबाद ब्यूरो Updated Mon, 09 Aug 2021 12:35 AM IST
सार

जिला कारागार में जानलेवा हमले के मामले में निरुद्घ बुजुर्ग बंदी की मौत से आक्रोशित परिजनों ने अंतिम संस्कार करने से इनकार कर दिया। घरवाले आठ सूत्रीय मांगों को पूरा करने की जिद पर अड़े रहे।

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Refusal to perform last rites of elderly prisoner, agreed after 16 hours
जिला जेल में मृत बंदी का शव संग्रामगढ़ थाना क्षेत्र के नेवढिया घर पहुंचने पर जुटी भीड़। संवाद - फोटो : PRATAPGARH

विस्तार

जिला कारागार में जानलेवा हमले के मामले में निरुद्घ बुजुर्ग बंदी की मौत से आक्रोशित परिजनों ने अंतिम संस्कार करने से इनकार कर दिया। घरवाले आठ सूत्रीय मांगों को पूरा करने की जिद पर अड़े रहे। डीएम-एसपी को मौके पर बुलाने की मांग करते रहे। एसडीएम लालगंज राहुल यादव ने किसी तरह उन्हें समझाकर शांत कराया। तब जाकर करीब 16 घंटे बाद घर के करीब शव को दफनाया गया। बवाल की आशंका को देखते हुए छह थानों की फोर्स तैनात रही।
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संग्रामगढ़ थाना क्षेत्र के दिनऊ का पुरवा नेवढ़िया निवासी बुधई सरोज (60) व गांव के पंकज सिंह के बीच 6 जून को मारपीट हुई थी। जानलेवा हमले के मामले में पुलिस ने बुधई सरोज समेत 18 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया था। दूसरे पक्ष के खिलाफ मामूली धाराओं में रिपोर्ट दर्ज हुई थी।
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संग्रामगढ़ पुलिस ने बुधई सरोज, उसके पौत्र सौरभ, शुभम समेत चार लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था । छह अगस्त की रात जिला कारागार में बुधई सरोज की तबीयत बिगड़ गई। मेडिकल कॉलेज में डाक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। शनिवार की रात बुधई का शव घर पहुंचते ही कोहराम मच गया।
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बवाल की आशंका को देखते हुए छह थानों की फोर्स मौके पर मौजूद थी। रात में परिजनों ने शव का अंतिम संस्कार करने से इनकार कर दिया। परिजन हल्का दरोगा पर दर्ज मुकदमे से 14 लोगों का नाम निकालने के लिए तीन लाख रुपये लेने, 50 लाख आर्थिक मदद दिलाने, दूसरे पक्ष के लोगों पर दर्ज मुकदमे में धाराओं की बढ़ोतरी करने, गुजर-बसर के लिए पांच बीघा जमीन पट्टा देने, आवास के अलावा मौके पर डीएम व एसपी को बुलाने की जिद पर अड़े रहे। घरवालों ने समझाने पहुंचे सीओ लालगं जगमोहन को बैरंग लौटा दिया।


हल्का दरोगा पर भी परिजन आरोप लगाते रहे। रविवार दोपहर उपजिलाधिकारी लालगंज राहुल यादव मौके पर पहुंचे। उन्होंने परिजनों की मांगों को पूरा करने का आश्वासन दिया। तब जाकर परिजन 16 घंटे बाद शव का अंतिम संस्कार करने के लिए राजी हुए। दोपहर करीब सवा दो बजे घर के बगल जेसीबी से गड्ढा खोदकर शव को दफनाया गया। तब जाकर पुलिस व प्रशासन ने राहत की सांस ली।
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