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रैन बसेरों के शरणार्थियों का होगा कोरोना टेस्ट
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Refugees of night shelters to be corona tested
रैन बसेरों में ठहरने वाले शरणार्थियों की स्वास्थ्य विभाग कोरोना की जांच कराएगा। उनके स्वास्थ्य की भी जांच की जाएगी। इसके बाद उन्हें चिकित्सीय सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। शासन से आदेश आने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने तैयारियां पूरी कर ली हैं। रैन बसेरों पर पहुंचने के लिए टीम भी गठित कर दी गई है।
कड़ाके की ठंड में प्रशासन ने जगह-जगह रैन बसेरे बना रखे हैं। शासन ने स्वास्थ्य विभाग को रैन बसेरों की जांच करने का निर्देश दिया है। रात में रैन बसेरों में पहुंचने के लिए टीम भी गठित करने का निर्देश दिया गया है। रैन बसेरों में ठहरने वाले लोगों का पहले कोरोना का एंटीजन टेस्ट किया जाएगा। उसके बाद उनके स्वास्थ्य का भी परीक्षण किया जाएगा।
परीक्षण के बाद उन्हें चिकित्सीय सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। रैन बसेरों में ठहरने वाले विशेष रूप से गरीब और वृद्घ लोगों की देखभाल पर विशेष ध्यान का आदेश दिया गया है। शासन का आदेश आने के बाद स्वास्थ्य विभाग सक्रिय हो गया है।
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अस्पताल में दवा की व्यवस्था करने का आदेश
शासन ने स्वास्थ्य विभाग को पत्र भेजकर कहा है कि इन दिनों कड़ाके की ठंड पड़ रही है। जिसकी चपेट में आकर लोग गंभीर रूप से बीमार हो रहे हैं। ऐसी स्थिति को देखते हुए अस्पताल में पर्याप्त दवाएं व चिकित्सकीय सुविधा उपलब्ध रखी जाए। जिससे मरीजों को किसी प्रकार की समस्या न हो।
रैन बसेरों में रहने वालों की चिकित्सीय जांच करने का आदेश शासन ने दिया है। पांच टीमें गठित कर रैन बसेंरो के लोगों की जांच कर स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी।
डॉ. एके श्रीवास्तव, सीएमओ
रात्रि शिविर के लिए शासन से लेनी होगी अनुमति
कोरोना वायरस के बढ़ते प्रभाव को देखते हुए विश्वविद्यालय ने एनएसएस के रात्रि शिविर लगाए जाने से मना कर दिया है। दिन में ही शिविर कार्यक्रम आयोजित करने का निर्देश दिया है।
महाविद्यालयों द्वारा सात दिवसीय एनएसएस शिविर का आयोजन किया जाता है। शिविर दौरान स्वयंसेवक और सेविककाएं रात्रि में शिविर में ही ठहरते हैं। शिविर किसी सार्वजनिक स्थल पर लगाया जाता है। लेकिन इस वर्ष कोरोना वायरस के कारण विश्वविद्यालय ने एनएसएस के रात्रि शिविर को अनुमति नहीं दी है। विश्वविद्यालय के एनएसएस समन्वयक डॉ. उपेंद्र सिंह ने बताया कि कोरोना वायरस के कारण रात्रि शिविर की अनुमति नहीं दी गई है।
रात्रि शिविर आयोजित करने के लिए शासन से अनुमति लेनी होगी। सिर्फ दिन में ही शिविर लगाने की अनुमति दी गई है। वहीं रात्रि शिविर के लिए किसी प्रकार का अनुदान नहीं दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि दिन के शिविर आयोजित करने के लिए 15 दिन पहले कुलपति और जिलाधिकारी को पत्र भेजकर शिविर लगाने की भी अनुमति लेनी होगी। अनुमति न लेने पर शिविर मान्य नहीं किया जाएगा। इनसेट-
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कड़ाके की ठंड में प्रशासन ने जगह-जगह रैन बसेरे बना रखे हैं। शासन ने स्वास्थ्य विभाग को रैन बसेरों की जांच करने का निर्देश दिया है। रात में रैन बसेरों में पहुंचने के लिए टीम भी गठित करने का निर्देश दिया गया है। रैन बसेरों में ठहरने वाले लोगों का पहले कोरोना का एंटीजन टेस्ट किया जाएगा। उसके बाद उनके स्वास्थ्य का भी परीक्षण किया जाएगा।
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परीक्षण के बाद उन्हें चिकित्सीय सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। रैन बसेरों में ठहरने वाले विशेष रूप से गरीब और वृद्घ लोगों की देखभाल पर विशेष ध्यान का आदेश दिया गया है। शासन का आदेश आने के बाद स्वास्थ्य विभाग सक्रिय हो गया है।
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अस्पताल में दवा की व्यवस्था करने का आदेश
शासन ने स्वास्थ्य विभाग को पत्र भेजकर कहा है कि इन दिनों कड़ाके की ठंड पड़ रही है। जिसकी चपेट में आकर लोग गंभीर रूप से बीमार हो रहे हैं। ऐसी स्थिति को देखते हुए अस्पताल में पर्याप्त दवाएं व चिकित्सकीय सुविधा उपलब्ध रखी जाए। जिससे मरीजों को किसी प्रकार की समस्या न हो।
रैन बसेरों में रहने वालों की चिकित्सीय जांच करने का आदेश शासन ने दिया है। पांच टीमें गठित कर रैन बसेंरो के लोगों की जांच कर स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी।
डॉ. एके श्रीवास्तव, सीएमओ
रात्रि शिविर के लिए शासन से लेनी होगी अनुमति
कोरोना वायरस के बढ़ते प्रभाव को देखते हुए विश्वविद्यालय ने एनएसएस के रात्रि शिविर लगाए जाने से मना कर दिया है। दिन में ही शिविर कार्यक्रम आयोजित करने का निर्देश दिया है।
महाविद्यालयों द्वारा सात दिवसीय एनएसएस शिविर का आयोजन किया जाता है। शिविर दौरान स्वयंसेवक और सेविककाएं रात्रि में शिविर में ही ठहरते हैं। शिविर किसी सार्वजनिक स्थल पर लगाया जाता है। लेकिन इस वर्ष कोरोना वायरस के कारण विश्वविद्यालय ने एनएसएस के रात्रि शिविर को अनुमति नहीं दी है। विश्वविद्यालय के एनएसएस समन्वयक डॉ. उपेंद्र सिंह ने बताया कि कोरोना वायरस के कारण रात्रि शिविर की अनुमति नहीं दी गई है।
रात्रि शिविर आयोजित करने के लिए शासन से अनुमति लेनी होगी। सिर्फ दिन में ही शिविर लगाने की अनुमति दी गई है। वहीं रात्रि शिविर के लिए किसी प्रकार का अनुदान नहीं दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि दिन के शिविर आयोजित करने के लिए 15 दिन पहले कुलपति और जिलाधिकारी को पत्र भेजकर शिविर लगाने की भी अनुमति लेनी होगी। अनुमति न लेने पर शिविर मान्य नहीं किया जाएगा। इनसेट-