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Pratapgarh News: लाल, हरे और पीले रंग के होंगे निपुण स्कूल
Fri, 09 Jun 2023 12:27 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, प्रतापगढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, प्रतापगढ़
Updated Fri, 09 Jun 2023 12:27 AM IST
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- 26 जून के बाद की जाएगी स्कूलों की ग्रेडिंग
संवाद न्यूज एजेंसी,
प्रतापगढ़। विभाग की ओर से जिले के 2264 स्कूलों को दिसंबर तक निपुण बनाने का लक्ष्य तय किया गया है। इसके लिए अब विद्यालयों की ग्रेडिंग होगी। इसी के अनुरूप स्कूलों को तीन रंगों के आधार पर चिन्हित किया जाएगा। साथ ही यह भी तय होगा कि किस स्कूल के विद्यार्थी कितने निपुण हो चुके हैं। इसके लिए खंड शिक्षा अधिकारियों को जिम्मेदारी सौंपी गई है।
प्राइमरी कक्षा के विद्यार्थियों को निपुण लक्ष्य के तहत शिक्षा दी जा रही है। दिसंबर 2023 तक इन बच्चों को हिंदी और गणित विषयों में निपुण बनाने की कवायद जारी है। परिषदीय स्कूलों की निपुण ग्रेडिंग भी शुरू कर दी गई है। दिसंबर 2023 तक निपुण का लक्ष्य पाने के लिए प्राथमिक विद्यालयों में 26 जून से प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।
डीएलएड प्रशिक्षुओं के माध्यम से कक्षा एक से तीन तक के विद्यार्थियों के साक्षर होने की प्रगति की जांच होगी। बच्चों के निपुण होने के प्रतिशत के आधार पर स्कूलों की पहचान रंगों से तय होगी। इसके तहत 15 से 20 प्रतिशत वाले स्कूलों को हरे, 50 से 60 फीसदी वाले स्कूलों को पीले और 20 फीसदी वाले स्कूलों को लाल श्रेणी में रखा जाना है।
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इससे तय होगा कि कितने स्कूलों में कितने बच्चों को अभी निपुण बनाना है। बीती जनवरी से मार्च तक स्कूलों के हुए सत्यापन में अभी स्कूलों में सुधार की गुंजाइश है। इसके लिए 26 जून से अभियान तेज होगा।
वर्जन-- -- -- -- -- -- -
स्कूलों को निपुण बनाने के लिए अभियान चलाया जा रहा है। 26 जून को स्कूल खुलते ही स्कूलवार लक्ष्य तय करके निपुण स्कूल घोषित करने की कार्रवाई की जाएगी।
- भूपेंद्र सिंह, बीएसए
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संवाद न्यूज एजेंसी,
प्रतापगढ़। विभाग की ओर से जिले के 2264 स्कूलों को दिसंबर तक निपुण बनाने का लक्ष्य तय किया गया है। इसके लिए अब विद्यालयों की ग्रेडिंग होगी। इसी के अनुरूप स्कूलों को तीन रंगों के आधार पर चिन्हित किया जाएगा। साथ ही यह भी तय होगा कि किस स्कूल के विद्यार्थी कितने निपुण हो चुके हैं। इसके लिए खंड शिक्षा अधिकारियों को जिम्मेदारी सौंपी गई है।
प्राइमरी कक्षा के विद्यार्थियों को निपुण लक्ष्य के तहत शिक्षा दी जा रही है। दिसंबर 2023 तक इन बच्चों को हिंदी और गणित विषयों में निपुण बनाने की कवायद जारी है। परिषदीय स्कूलों की निपुण ग्रेडिंग भी शुरू कर दी गई है। दिसंबर 2023 तक निपुण का लक्ष्य पाने के लिए प्राथमिक विद्यालयों में 26 जून से प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।
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डीएलएड प्रशिक्षुओं के माध्यम से कक्षा एक से तीन तक के विद्यार्थियों के साक्षर होने की प्रगति की जांच होगी। बच्चों के निपुण होने के प्रतिशत के आधार पर स्कूलों की पहचान रंगों से तय होगी। इसके तहत 15 से 20 प्रतिशत वाले स्कूलों को हरे, 50 से 60 फीसदी वाले स्कूलों को पीले और 20 फीसदी वाले स्कूलों को लाल श्रेणी में रखा जाना है।
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इससे तय होगा कि कितने स्कूलों में कितने बच्चों को अभी निपुण बनाना है। बीती जनवरी से मार्च तक स्कूलों के हुए सत्यापन में अभी स्कूलों में सुधार की गुंजाइश है। इसके लिए 26 जून से अभियान तेज होगा।
वर्जन
स्कूलों को निपुण बनाने के लिए अभियान चलाया जा रहा है। 26 जून को स्कूल खुलते ही स्कूलवार लक्ष्य तय करके निपुण स्कूल घोषित करने की कार्रवाई की जाएगी।
- भूपेंद्र सिंह, बीएसए