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राम की हुईं सिया, देवताओं ने की पुष्पवर्षा
अमर उजाला ब्यूरो, प्रतापगढ़
Updated Mon, 15 Oct 2018 12:32 AM IST
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प्रतापगढ़
- फोटो : प्रतापगढ़
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अवध नगरी से जनकपुरी को निकली भगवान श्रीराम की बारात का अद्भुत दृश्य था। ऊंट, घोड़ा व सतरंगी आतिशबाजी के बीच रथ पर सवार चारों भाइयों की झांकी देखते ही बन रही थी। वैदिक मंत्रों व पारंपरिक गीतों के बीच मां जानकी व भगवान श्रीराम का विवाह संपन्न हुआ। भगवान राम-मां सीता के जयमाल की झांकी देख लोग भावविभोर हो उठे। पूरा वातावरण जय श्रीराम के जयकारे से गूंज उठा। देवताओं ने पुष्पवर्षा की।
रविवार को श्री रामलीला समिति के कलाकारों ने श्रीराम-सीता जयमाल एवं राम बारात शोभायात्रा की झांकी का मंचन किया। भगवान राम व मां जानकी की शोभयात्रा ने देर रात तक शहर का भ्रमण किया। इस दौरान हर कोई राम की भक्ति से सराबोर रहा। शहर के गोपाल मंदिर में सुबह से ही श्रीराम सीता जयमाल एवं शोभायात्रा की तैयारी को लेकर समिति के पदाधिकारी जुटे रहे। दोपहर एक बजे स्टेट बैंक से लेकर श्रीराम तिराहे तक भगवान रात की बारात के लिए रथों को कतारबद्ध किया गया। बारात की शोभायात्रा के आगे ध्वज, उसके बाद ऊंट, घोड़ा, फिर भगवान श्रीराम का रथ और फिर कतारबद्ध कलात्मक झांकियां।
जिसमेें विश्वामित्र, चारों भाई, गुरु वशिष्ठ सहित अवधवासी रहे। जय श्रीराम के जयकारे के बीच भगवान राम की बारात करीब तीन बजे प्रस्थान की। घंटाघर पहुंचने पर बतौर मुख्य अतिथि सांसद हरिवंश सिंह, भाजपा जिलाध्यक्ष ओमप्रकाश त्रिपाठी, पूर्व विधायक हरिप्रताप सिंह, बृजेश सौरभ, समाजसेवी रोशनलाल उमर वैश्य, मंत्री प्रतिनिधि दिनेश शर्मा, समिति के जिलाध्यक्ष श्याम शंकर सिंह, मंत्री विपिन गुप्ता सहित समिति के पदाधिकारियों ने भगवान राम की आरती उतार बारात का स्वागत किया।
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यहां से बारात चिलबिला बाजार की ओर आगे बढ़ी तो लोग घरों से निकल कर झांकी को निहारते दिखे। चिलबिला बाजार में हनुमान मंदिर में समाजसेवी रोशनलाल उमर वैश्य, विधायक धीरज ओझा ने स्वागत किया। बाजार का भ्रमण करते हुए बारात रात करीब आठ बजे पुन: घंटाघर पहुंची। यहां मां जानकी-भगवान राम का वैदिक मंत्रों के बीच पूरे विधि-विधान से विवाह संपन्न हुआ।
भगवान राम- मां सीता के जयमाल पर सतरंगी आतिशबाजी से पूरा वातावरण जगमग हो उठा। पारंपरिक वैवाहिक गीत व भक्ति गीतों से हर कोई त्रेता युग की राघव लीला में खो गया था। देर रात तक भगवान राम- मां जानकी की झांकी ने शहर का भ्रमण किया। इससे पूरा वातावरण राममय बना रहा। इस अवसर पर राजेश उमर वैश्य, जय नारायण अग्रवाल, श्रीराम अग्रवाल, श्याम लाल खंडेलवाल, अश्वनी केसरवानी, श्रीकिशोर अग्रवाल, प्रह्लाद खंडेलवाल, संजय खंडेलवाल आदि मौजूद रहे।
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रविवार को श्री रामलीला समिति के कलाकारों ने श्रीराम-सीता जयमाल एवं राम बारात शोभायात्रा की झांकी का मंचन किया। भगवान राम व मां जानकी की शोभयात्रा ने देर रात तक शहर का भ्रमण किया। इस दौरान हर कोई राम की भक्ति से सराबोर रहा। शहर के गोपाल मंदिर में सुबह से ही श्रीराम सीता जयमाल एवं शोभायात्रा की तैयारी को लेकर समिति के पदाधिकारी जुटे रहे। दोपहर एक बजे स्टेट बैंक से लेकर श्रीराम तिराहे तक भगवान रात की बारात के लिए रथों को कतारबद्ध किया गया। बारात की शोभायात्रा के आगे ध्वज, उसके बाद ऊंट, घोड़ा, फिर भगवान श्रीराम का रथ और फिर कतारबद्ध कलात्मक झांकियां।
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जिसमेें विश्वामित्र, चारों भाई, गुरु वशिष्ठ सहित अवधवासी रहे। जय श्रीराम के जयकारे के बीच भगवान राम की बारात करीब तीन बजे प्रस्थान की। घंटाघर पहुंचने पर बतौर मुख्य अतिथि सांसद हरिवंश सिंह, भाजपा जिलाध्यक्ष ओमप्रकाश त्रिपाठी, पूर्व विधायक हरिप्रताप सिंह, बृजेश सौरभ, समाजसेवी रोशनलाल उमर वैश्य, मंत्री प्रतिनिधि दिनेश शर्मा, समिति के जिलाध्यक्ष श्याम शंकर सिंह, मंत्री विपिन गुप्ता सहित समिति के पदाधिकारियों ने भगवान राम की आरती उतार बारात का स्वागत किया।
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यहां से बारात चिलबिला बाजार की ओर आगे बढ़ी तो लोग घरों से निकल कर झांकी को निहारते दिखे। चिलबिला बाजार में हनुमान मंदिर में समाजसेवी रोशनलाल उमर वैश्य, विधायक धीरज ओझा ने स्वागत किया। बाजार का भ्रमण करते हुए बारात रात करीब आठ बजे पुन: घंटाघर पहुंची। यहां मां जानकी-भगवान राम का वैदिक मंत्रों के बीच पूरे विधि-विधान से विवाह संपन्न हुआ।
भगवान राम- मां सीता के जयमाल पर सतरंगी आतिशबाजी से पूरा वातावरण जगमग हो उठा। पारंपरिक वैवाहिक गीत व भक्ति गीतों से हर कोई त्रेता युग की राघव लीला में खो गया था। देर रात तक भगवान राम- मां जानकी की झांकी ने शहर का भ्रमण किया। इससे पूरा वातावरण राममय बना रहा। इस अवसर पर राजेश उमर वैश्य, जय नारायण अग्रवाल, श्रीराम अग्रवाल, श्याम लाल खंडेलवाल, अश्वनी केसरवानी, श्रीकिशोर अग्रवाल, प्रह्लाद खंडेलवाल, संजय खंडेलवाल आदि मौजूद रहे।