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ग्रहों की अड़चनें, सिर्फ छह घंटे ही रक्षाबंधन का शुभ मुहूर्त
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rakhi
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पिछली बार की तरह इस बार भी रक्षाबंधन दिनभर नहीं मनाया जा सकेगा। रक्षाबंधन के पर्व पर ग्रहों की अड़चनें रहेंगी। चर लग्न, राहु काल व परिवा के चलते दिनभर में महज छह घंटे ही शुभ मुहूर्त मिल सकेगा। सुबह चार घंटे, दोपहर व शाम को एक-एक घंटे का शुभ मुहूर्त है।
रक्षाबंधन पर दिनभर मेें महज छह घंटे ही शुभ मुहूर्त है। ज्योतिषाचार्य पं. श्रीराम तिवारी ने बताया कि सुबह 5.45 बजे से सुबह 10.10 बजे तक रक्षाबंधन का शुभ मुहूर्त है। सुबह 5.45 से 7.58 तक सिंह लग्र है जबकि 7.58 से 10.10 बजे तक कन्या लग्न है। इसके बाद सुबह 10.10 बजे से दोपहर 12.28 तक चर लग्न है।
यह लग्न रक्षाबंधन के लिए शुभ नहीं मानी जाती। दोपहर 12.28 से 1.30 बजे तक वृश्चिक लग्न है। केंद्र में बृहस्पति है। यह मुहूर्त भी शुभ है। इसमें धन, सम्मान व लाभ होगा। दोपहर 1.30 से दोपहर 2.45 तक राहु काल है। यह समय रक्षाबंधन के लिए शुभ नहीं माना जाता। इसके बाद दोपहर 2.45 से शाम 4.20 तक धनु लग्र है। यह समयावधि रक्षाबंधन के लाभप्रद है। उन्होंने बताया कि इसके बाद परिवा की शुरुआत हो जाएगी।
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रक्षाबंधन पर दिनभर मेें महज छह घंटे ही शुभ मुहूर्त है। ज्योतिषाचार्य पं. श्रीराम तिवारी ने बताया कि सुबह 5.45 बजे से सुबह 10.10 बजे तक रक्षाबंधन का शुभ मुहूर्त है। सुबह 5.45 से 7.58 तक सिंह लग्र है जबकि 7.58 से 10.10 बजे तक कन्या लग्न है। इसके बाद सुबह 10.10 बजे से दोपहर 12.28 तक चर लग्न है।
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यह लग्न रक्षाबंधन के लिए शुभ नहीं मानी जाती। दोपहर 12.28 से 1.30 बजे तक वृश्चिक लग्न है। केंद्र में बृहस्पति है। यह मुहूर्त भी शुभ है। इसमें धन, सम्मान व लाभ होगा। दोपहर 1.30 से दोपहर 2.45 तक राहु काल है। यह समय रक्षाबंधन के लिए शुभ नहीं माना जाता। इसके बाद दोपहर 2.45 से शाम 4.20 तक धनु लग्र है। यह समयावधि रक्षाबंधन के लाभप्रद है। उन्होंने बताया कि इसके बाद परिवा की शुरुआत हो जाएगी।
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