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Pratapgarh News: राजा भैया ने सपा नेता इंद्रजीत सरोज को किया माफ, वापस लेंगे मानहानि का मुकदमा
Fri, 17 May 2024 06:38 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, प्रतापगढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, प्रतापगढ़
Updated Fri, 17 May 2024 06:38 AM IST
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लोकसभा चुनाव को लेकर अपने पत्ते खोलने के बाद जनसत्ता दल लोकतांत्रिक के राष्ट्रीय अध्यक्ष रघुराज प्रताप सिंह राजा भैया ने सपा नेता इंद्रजीत सरोज को वर्ष 2019 के लोकसभा चुनाव में की गई आपत्तिजनक टिप्पणी को माफ कर दिया है।
अब मानहानि का केस वापस लेने की तैयारी तेज हो गई है। जिसे लेकर सियासी गलियारों में राजा भैया की सपा से नजदीकी बढ़ने की चर्चाओं ने जोर पकड़ लिया है।
राजाभैया ने 2019 के चुनाव में सपा के राष्ट्रीय महासचिव इंद्रजीत सरोज ने जनसभा के दौरान राजा भैया के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी की थी। जिसे लेकर राजा भैया के कानूनी सलाहकार अधिवक्ता हनुमान प्रसाद पांडेय ने मानहानि का मुकदमा दर्ज कराया था।
अब राजाभैया ने सपा नेता को माफ करने का मन बना लिया है और इस मुकदमे को वापस लेने की तैयारी कर रहे हैं। लोकसभा चुनाव में भी राजाभैया ने भाजपा को समर्थन न देकर सपा की ओर बढ़ रहे झुकाव का संकेत दिया है। इस बार इंद्रजीत सरोज के बेटे पुष्पेंद्र सरोज सपा से कौशांबी लोकसभा के प्रत्याशी हैं।
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चर्चाओं पर यकीन करें तो सपा नेता इंद्रजीत सरोज अपने बेटे के साथ राजा भैया से गत दिनों मुलाकात की थी। अपने बयान पर सपा नेता ने खेद भी जताया। जिसके बाद उनके बीच गिले शिकवे दूर हो गए। राजा भैया ने अपने अधिवक्ता हनुमान प्रसाद पांडेय को केस वापस लेने के लिए कहा। जिसके बाद मुकदमा वापसी के कागजात भी तैयार हो गए।
अधिवक्ता हनुमान पांडेय ने बताया कि चूंकि राजा भैया बाहर हैं। उनके आने का इंतजार किया जा रहा है। मुकदमा वापसी के अभिलेखों में उनके हस्ताक्षर होने के बाद उसे एमएलए व एमपी कोर्ट में दिया जाएगा।
कौशाम्बी सीट की दो विधानसभा पर है राजा भैया का प्रभाव
कौशाम्बी लोकसभा सीट की दो विधानसभा पर राजा भैया का प्रभाव है। जनसत्ता दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष रघुराज प्रताप सिंह राजा भैया कुंडा विधानसभा से और प्रदेश अध्यक्ष विनोद सरोज बाबागंज से विधायक हैं। ये दोनों सीट कौशाम्बी लोकसभा का हिस्सा है। यह हर कोई जानता है कि इन दो विधानसभा में राजा भैया जिसे समर्थन देंगे। उसका पलड़ा भारी रहेगा। हालांकि राजा भैया ने अपना पत्ता खोलते हुए किसी भी सियासी दल के समर्थन से इन्कार करते हुए कार्यकर्ताओं को अपने विवेक से मतदान करने को कहा है। मगर एकाएक सपा प्रत्याशी के पिता पर दर्ज कराया गया मुकदमा लेने का फैसला दलगत नजदीकी की ओर इशारा कर रहा है। संवाद
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अब मानहानि का केस वापस लेने की तैयारी तेज हो गई है। जिसे लेकर सियासी गलियारों में राजा भैया की सपा से नजदीकी बढ़ने की चर्चाओं ने जोर पकड़ लिया है।
राजाभैया ने 2019 के चुनाव में सपा के राष्ट्रीय महासचिव इंद्रजीत सरोज ने जनसभा के दौरान राजा भैया के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी की थी। जिसे लेकर राजा भैया के कानूनी सलाहकार अधिवक्ता हनुमान प्रसाद पांडेय ने मानहानि का मुकदमा दर्ज कराया था।
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अब राजाभैया ने सपा नेता को माफ करने का मन बना लिया है और इस मुकदमे को वापस लेने की तैयारी कर रहे हैं। लोकसभा चुनाव में भी राजाभैया ने भाजपा को समर्थन न देकर सपा की ओर बढ़ रहे झुकाव का संकेत दिया है। इस बार इंद्रजीत सरोज के बेटे पुष्पेंद्र सरोज सपा से कौशांबी लोकसभा के प्रत्याशी हैं।
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चर्चाओं पर यकीन करें तो सपा नेता इंद्रजीत सरोज अपने बेटे के साथ राजा भैया से गत दिनों मुलाकात की थी। अपने बयान पर सपा नेता ने खेद भी जताया। जिसके बाद उनके बीच गिले शिकवे दूर हो गए। राजा भैया ने अपने अधिवक्ता हनुमान प्रसाद पांडेय को केस वापस लेने के लिए कहा। जिसके बाद मुकदमा वापसी के कागजात भी तैयार हो गए।
अधिवक्ता हनुमान पांडेय ने बताया कि चूंकि राजा भैया बाहर हैं। उनके आने का इंतजार किया जा रहा है। मुकदमा वापसी के अभिलेखों में उनके हस्ताक्षर होने के बाद उसे एमएलए व एमपी कोर्ट में दिया जाएगा।
कौशाम्बी सीट की दो विधानसभा पर है राजा भैया का प्रभाव
कौशाम्बी लोकसभा सीट की दो विधानसभा पर राजा भैया का प्रभाव है। जनसत्ता दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष रघुराज प्रताप सिंह राजा भैया कुंडा विधानसभा से और प्रदेश अध्यक्ष विनोद सरोज बाबागंज से विधायक हैं। ये दोनों सीट कौशाम्बी लोकसभा का हिस्सा है। यह हर कोई जानता है कि इन दो विधानसभा में राजा भैया जिसे समर्थन देंगे। उसका पलड़ा भारी रहेगा। हालांकि राजा भैया ने अपना पत्ता खोलते हुए किसी भी सियासी दल के समर्थन से इन्कार करते हुए कार्यकर्ताओं को अपने विवेक से मतदान करने को कहा है। मगर एकाएक सपा प्रत्याशी के पिता पर दर्ज कराया गया मुकदमा लेने का फैसला दलगत नजदीकी की ओर इशारा कर रहा है। संवाद