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भुपियामऊ में बनेगा रेलवे का मालगोदाम
अमर उजाला ब्यूरो प्रतापगढ़
Updated Thu, 01 Nov 2018 12:43 AM IST
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railway station
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रेलवे स्टेशन के दक्षिणी-पूर्वी छोर पर बसे लोगों के लिए राहत भरी खबर है। भंगवा गांव की ओर बने माल गोदाम को हटाने की कवायद चल रही है। लोगों की समस्याओं को देखते हुए रेलवे बोर्ड को भुपियामऊ हाल्ट के करीब मालगोदाम बनाने का प्रस्ताव भेजा है। रेल विभाग ने जंक्शन के दक्षिणी प पूर्वी छोर पर माल गोदाम बनाया है। रेलवे क्रासिंग से चंद कदम की दूरी भंगवा गांव की ओर बनी सुर्खी साइडिंग पर मालगाड़ी की रैक आती है। सरकारी खाद्यान्न के साथ ही कोयला, सीमेंट, उर्वरक आदि भी बाहर से आता है।
जिसे भारी वाहनों पर लादकर गोदामों तक पहुंचाया जाता है। जब भी सुर्खी साइडिंग की ओर बने माल गोदाम पर सामान उतरता है, तब आसपास के लोगों का निकलना दूभर हो जाता है। इस रास्ते से खजुरनी, कीना का पुरवा, महुआर, भंगवा, पूरे माद, पूरे मोहन, औवार, नमकशायर समेत अन्य गांव के लोगों का आवागमन प्रभावित हो जाता है। रेलवे की जमीन पर बना रास्ता पूरी तरह ब्लाक हो जाता है। इससे लोगों को दिक्कत का सामना करना पड़ता है। शहर के पश्चिमी सहोदरपुर और करनपुर गांव के रहने वाले लोग भी मालगोदाम से सामान ढोने वाले वाहनों से धूल फांकने को विवश हो जाते हैं। इस समस्या को लेकर लोगों ने विरोध प्रदर्शन भी कर चुके हैं। लोगों की समस्या को देखते हुए स्टेशन अधीक्षक की ओर से रेलवे बोर्ड को माल गोदाम शिफ्ट करने का प्रस्ताव भेजा गया है। सूत्रों की मानें तो इलेक्ट्रिक लाइन दिसंबर तक काम करने लगेगी।
इसके बाद जंघई से लेकर अमेठी तक डबल लाइन का काम पूरा होते ही मालगाड़ी खड़ी करने वाले ट्रैक पर ट्रेनें दौड़ाई जाएंगीं। इसके पहले ही भुपियामऊ में माल गोदाम बनाने की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी। संभावना जताई जा रही है कि भुपियामऊ हाल्ट स्टेशन के करीब दो राजमार्ग हैं। जिससे भारी वाहनों के आवागमन में किसी भी प्रकार की दिक्कत नहीं होगी। स्टेशन अधीक्षक त्रिभुवन मिश्रा ने बताया कि लोगों की समस्याओं को देखते हुए रेलवे बोर्ड को प्रस्ताव बनाकर भेजा जा चुका है। जिसे गंभीरता से लेते हुए बोर्ड ने कवायद भी शुरू कर दी है।
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नए माल गोदाम रोड से ही भंगवा माल गोदाम पर सामान उतारा जाता था। सुर्खी साइडिंग से भारी वाहनों में सामान लादकर पहुंचाया जाता है। भारी वाहनों के संचालन से नया माल गोदाम रोड पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो चुका है। मौजूदा समय में इस रूट पर चलना दूभर है। सुर्खी साइडिंग की ओर जाने वाले मार्ग पर धूल का गुबार उड़ रहा है।
भंगवा चुंगी चौराहे से लेकर भंगवा गांव तक सडक़ों पर धूल का गुबार उड़ रहा है। जो आसपास रहने वाले लोगों को बीमार बना रही है। पश्चिमी सहोदरपुर मोहल्ले के लोगों का सांस लेना दूभर हो गया है। छोटे-बड़े वाहनों के फर्राटा भरने के साथ ही धूल का गुबार उड़ने लगता है। जिससे लोग बीमारी की गिरफ्त में आ रहे हैं। करीब दो किमी सड़क पर बड़े-बड़े गड्ढे बन गए हैं।
भंगवा गांव की ओर रेल विभाग के माल गोदाम पर कुछ साल पहले मालगाड़ी की रैक कोयला उतारा करती थी। वहां कोयला डंप होता था। बाद में ट्रकों पर लादकर कोयला भेजा जाता था। कोयला उतरने के कारण लोगों का खाना, सोना सब हराम हो गया था। इसे लेकर लोगों ने जमकर विरोध प्रदर्शन किया। जनप्रतिनिधियों का घेराव कर कोयला की रैक बंद कराने की मांग की गई। विरोध को देखते हुए रेल विभाग ने कोयला माल गोदाम पर उतारना बंद कर दिया।
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जिसे भारी वाहनों पर लादकर गोदामों तक पहुंचाया जाता है। जब भी सुर्खी साइडिंग की ओर बने माल गोदाम पर सामान उतरता है, तब आसपास के लोगों का निकलना दूभर हो जाता है। इस रास्ते से खजुरनी, कीना का पुरवा, महुआर, भंगवा, पूरे माद, पूरे मोहन, औवार, नमकशायर समेत अन्य गांव के लोगों का आवागमन प्रभावित हो जाता है। रेलवे की जमीन पर बना रास्ता पूरी तरह ब्लाक हो जाता है। इससे लोगों को दिक्कत का सामना करना पड़ता है। शहर के पश्चिमी सहोदरपुर और करनपुर गांव के रहने वाले लोग भी मालगोदाम से सामान ढोने वाले वाहनों से धूल फांकने को विवश हो जाते हैं। इस समस्या को लेकर लोगों ने विरोध प्रदर्शन भी कर चुके हैं। लोगों की समस्या को देखते हुए स्टेशन अधीक्षक की ओर से रेलवे बोर्ड को माल गोदाम शिफ्ट करने का प्रस्ताव भेजा गया है। सूत्रों की मानें तो इलेक्ट्रिक लाइन दिसंबर तक काम करने लगेगी।
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इसके बाद जंघई से लेकर अमेठी तक डबल लाइन का काम पूरा होते ही मालगाड़ी खड़ी करने वाले ट्रैक पर ट्रेनें दौड़ाई जाएंगीं। इसके पहले ही भुपियामऊ में माल गोदाम बनाने की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी। संभावना जताई जा रही है कि भुपियामऊ हाल्ट स्टेशन के करीब दो राजमार्ग हैं। जिससे भारी वाहनों के आवागमन में किसी भी प्रकार की दिक्कत नहीं होगी। स्टेशन अधीक्षक त्रिभुवन मिश्रा ने बताया कि लोगों की समस्याओं को देखते हुए रेलवे बोर्ड को प्रस्ताव बनाकर भेजा जा चुका है। जिसे गंभीरता से लेते हुए बोर्ड ने कवायद भी शुरू कर दी है।
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नए माल गोदाम रोड से ही भंगवा माल गोदाम पर सामान उतारा जाता था। सुर्खी साइडिंग से भारी वाहनों में सामान लादकर पहुंचाया जाता है। भारी वाहनों के संचालन से नया माल गोदाम रोड पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो चुका है। मौजूदा समय में इस रूट पर चलना दूभर है। सुर्खी साइडिंग की ओर जाने वाले मार्ग पर धूल का गुबार उड़ रहा है।
भंगवा चुंगी चौराहे से लेकर भंगवा गांव तक सडक़ों पर धूल का गुबार उड़ रहा है। जो आसपास रहने वाले लोगों को बीमार बना रही है। पश्चिमी सहोदरपुर मोहल्ले के लोगों का सांस लेना दूभर हो गया है। छोटे-बड़े वाहनों के फर्राटा भरने के साथ ही धूल का गुबार उड़ने लगता है। जिससे लोग बीमारी की गिरफ्त में आ रहे हैं। करीब दो किमी सड़क पर बड़े-बड़े गड्ढे बन गए हैं।
भंगवा गांव की ओर रेल विभाग के माल गोदाम पर कुछ साल पहले मालगाड़ी की रैक कोयला उतारा करती थी। वहां कोयला डंप होता था। बाद में ट्रकों पर लादकर कोयला भेजा जाता था। कोयला उतरने के कारण लोगों का खाना, सोना सब हराम हो गया था। इसे लेकर लोगों ने जमकर विरोध प्रदर्शन किया। जनप्रतिनिधियों का घेराव कर कोयला की रैक बंद कराने की मांग की गई। विरोध को देखते हुए रेल विभाग ने कोयला माल गोदाम पर उतारना बंद कर दिया।