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27 दिन के बाद भी जिले में किसी नर्सिंगहोम में बूस्टर डोज लगाने को नहीं किया आवेदन
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Private hospital not ready to apply booster dose
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दो अप्रैल से देशभर में निजी अस्पतालों की मदद से शुल्क जमा कराने के बाद 18 से 59 आयु वर्ग के लोगों को बूस्टर डोज देने की प्रक्रिया चल रही है लेकिन, जनपद में अभी तक इसकी शुरुआत नहीं हो सकी। केंद्र सरकार की ओर से इस प्रक्रिया की शुरुआत कराने के लिए आवेदन मांगा गया लेकिन, जिले में एक भी अस्पताल इसके लिए तैयार नहीं है। शासन के दबाव को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी अब कार्रवाई की तैयारी कर रहे हैं।
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से 18 से 59 की आयु के लोगों को निजी अस्पतालों की मदद का बूस्टर डोज देने का निर्णय लिया गया है। केंद्र सरकार निजी अस्पतालों से एक डोज के लिए 225 रुपये शुल्क लेगी, जबकि सेवा शुल्क संस्थान अपनी मर्जी से तय कर सकेंगे। इस प्रक्रिया की शुरुआत दो अप्रैल से प्रदेश के अन्य शहरों में हो गई लेकिन, 27 दिन के बाद भी जिले के निजी अस्पताल इसके लिए तैैयार नहीं हुए हैं।
केंद्र सरकार की वेबसाइट पर जिले से किसी अस्पताल ने टीकाकरण करने के लिए आवेदन नहीं किया है। इसकी वजह से स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों की परेशानी बढ़ गई है। अधिकारियों ने बूस्टर डोज लगाने की तैयारी को देखते हुए निजी अस्पतालों से बातचीत की लेकिन, कोई नतीजा नहीं निकला।
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नोटिस भेजकर पंजीकरण निरस्त करने की कवायद
केंद्र सरकार के काम में रुचि नहीं दिखाने पर सीएमओ व स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी नर्सिंगहोम संचालकों पर कार्रवाई की तैयारी कर रहे हैं। सूत्रों के अनुसार, शासन की अनुमति मिलने के बाद वैक्सीनेशन प्रक्रिया की शुरुआत नहीं करने वाले नर्सिंगहोम प्रबंधन के खिलाफ कार्रवाई कर पंजीकरण को निरस्त किया जा सकता है। पहले चरण में सीएमओ की ओर से अलग-अलग नर्सिंगहोम प्रबंधन को नोटिस भेजकर तीन दिन के भीतर प्रक्रिया में प्रतिभाग करने की मांग की जाएगी। यदि सप्ताहभर में कम से कम पांच नर्सिगंहोम ऐसी प्रक्रिया की शुरुआत करने को वेबसाइट पर आवेदन नहीं करेंगे तो पंजीकरण निरस्त करने की कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
18 से 59 आयु वर्ग के लोगों को शुल्क लेकर बूस्टर डोज लगाने के लिए निजी अस्पताल तैयार नहीं हैं। प्रक्रिया की शुरुआत नहीं होने की सीएमओ को रिपोर्ट दी गई है। सीएमओ की ओर से कार्रवाई शुरू करने का आश्वासन मिला है। महेश कुमार सिंह, सहायक जिला प्रतिरक्षण अधिकारी
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केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से 18 से 59 की आयु के लोगों को निजी अस्पतालों की मदद का बूस्टर डोज देने का निर्णय लिया गया है। केंद्र सरकार निजी अस्पतालों से एक डोज के लिए 225 रुपये शुल्क लेगी, जबकि सेवा शुल्क संस्थान अपनी मर्जी से तय कर सकेंगे। इस प्रक्रिया की शुरुआत दो अप्रैल से प्रदेश के अन्य शहरों में हो गई लेकिन, 27 दिन के बाद भी जिले के निजी अस्पताल इसके लिए तैैयार नहीं हुए हैं।
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केंद्र सरकार की वेबसाइट पर जिले से किसी अस्पताल ने टीकाकरण करने के लिए आवेदन नहीं किया है। इसकी वजह से स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों की परेशानी बढ़ गई है। अधिकारियों ने बूस्टर डोज लगाने की तैयारी को देखते हुए निजी अस्पतालों से बातचीत की लेकिन, कोई नतीजा नहीं निकला।
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नोटिस भेजकर पंजीकरण निरस्त करने की कवायद
केंद्र सरकार के काम में रुचि नहीं दिखाने पर सीएमओ व स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी नर्सिंगहोम संचालकों पर कार्रवाई की तैयारी कर रहे हैं। सूत्रों के अनुसार, शासन की अनुमति मिलने के बाद वैक्सीनेशन प्रक्रिया की शुरुआत नहीं करने वाले नर्सिंगहोम प्रबंधन के खिलाफ कार्रवाई कर पंजीकरण को निरस्त किया जा सकता है। पहले चरण में सीएमओ की ओर से अलग-अलग नर्सिंगहोम प्रबंधन को नोटिस भेजकर तीन दिन के भीतर प्रक्रिया में प्रतिभाग करने की मांग की जाएगी। यदि सप्ताहभर में कम से कम पांच नर्सिगंहोम ऐसी प्रक्रिया की शुरुआत करने को वेबसाइट पर आवेदन नहीं करेंगे तो पंजीकरण निरस्त करने की कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
18 से 59 आयु वर्ग के लोगों को शुल्क लेकर बूस्टर डोज लगाने के लिए निजी अस्पताल तैयार नहीं हैं। प्रक्रिया की शुरुआत नहीं होने की सीएमओ को रिपोर्ट दी गई है। सीएमओ की ओर से कार्रवाई शुरू करने का आश्वासन मिला है। महेश कुमार सिंह, सहायक जिला प्रतिरक्षण अधिकारी