फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Pratapgarh News ›   Principals will no longer be able to increase the number by writing fake children's names

प्रधानाध्यापक अब फर्जी बच्चों का नाम लिखकर नहीं बढ़ा पाएंगे संख्या

Fri, 27 Sep 2019 12:16 AM IST
Allahabad Bureau इलाहाबाद ब्यूरो
Updated Fri, 27 Sep 2019 12:16 AM IST
विज्ञापन
Principals will no longer be able to increase the number by writing fake children's names
aadhar
प्राइमरी और मिडिल स्कूलों में बच्चों की फर्जी संख्या अंकित कर एमडीएम, ड्रेस, स्वेटर में खेल करने वाले प्रधानाध्यापकों पर शिकंजा कसने के लिए अब विभाग ने उन बच्चों का आधार कार्ड बनाने का फैसला लिया है, जिनके पास आधार कार्ड नहीं है। शासन की ओर से विभाग को 34 मशीनें मिल गई हैं, मिडिल स्कूलों में तैनात कंप्यूटर के जानकार अनुदेशकों को आधार कार्ड बनाने की जिम्मेदारी सौंपी जाएगी।
विज्ञापन

बेसिक शिक्षा विभाग के प्राइमरी और मिडिल स्कूलों में नामांकित 2,45,685 बच्चों में से 85,123 का अभी तक आधार कार्ड नहीं बना है। इसके पीछे वजह यह है कि बैंक और डाकघर में बच्चों का आधार कार्ड नहीं बनाया जा रहा है। यह कहना स्कूलों के हेडमास्टरों का है। जबकि बेसिक शिक्षा विभाग ने स्कूलों में दाखिला लेने वाले बच्चों के लिए आधार को आवश्यक कर दिया गया है।
विज्ञापन

बेसिक शिक्षा विभाग ने अब स्कूल में पढ़ने वाले ऐसे बच्चे जिनके पास आधार कार्ड नहीं है, उनका स्कूल में ही आधार कार्ड बनाया जाएगा। शासन ने विभाग को 34 मशीनें मुहैया कराया है। 17 विकास खंडों में दो-दो मशीनों को भेजकर आधार कार्ड बनाया जाएगा। कार्ड बनाने के लिए मिडिल स्कूलों में तैनात कंप्यूटर अनुदेशकों को जिम्मेदारी सौंपी जाएगी। विभाग की इस पहल से बच्चों की संख्या में खेल करने वाले हेडमास्टरों की कलई खुल सकती है।
विज्ञापन
विज्ञापन

अप्रैल में नाम नहीं, तो दाखिल नहीं
फर्जीवाड़े पर विराम लगाने के लिए आगामी नए शिक्षासत्र अप्रैल से उन्हीं बच्चों का नाम स्कूल में लिखा जाएगा, जिनके पास आधार कार्ड होगा। अगर आधार कार्ड नहीं है, तो स्कूलों में नाम नहीं लिखा जाएगा। हालांकि विभाग ने वैकल्पिक व्यवस्था करके स्कूल आने वाले बच्चों का आधार कार्ड भी बनवाएगा।
बच्चों का नाम नहीं, अब आधार होगा पहचान
विभागीय योजनाओं का लाभ लेने वाले बच्चों को अब नाम से नहीं, बल्कि आधार से पहचान होगी। एमडीएम, ड्रेस, स्वेटर, जूता, मोजा के लिए अब बच्चों का नाम नहीं लिखा जाएगा, बल्कि आधार नंबर ही पर्याप्त होगा।

स्कूलों में नामांकित बच्चों के लिए आधार आवश्यक कर दिया गया है। जिन बच्चों का आधार नहीं बना है, उनका आधार अब स्कूल में ही बनेगा। अगले माह से यह अभियान प्रारंभ कर दिया जाएगा। अशोक कुमार सिंह, बीएसए
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed