फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Pratapgarh News ›   Prime Minister Jan Aushadhi Center could open in only seven out of 19

प्रतापगढ़: दावे हवा-हवाई, 19 में से महज सात में ही खुल सका प्रधानमंत्री जनऔषधि केंद्र

Thu, 20 Feb 2020 12:19 AM IST
विनोद सिंह अमर उजाना ब्यूरा, न्यूज डेस्क, प्रतापगढ़
अमर उजाना ब्यूरा, न्यूज डेस्क, प्रतापगढ़ Published by: विनोद सिंह Updated Thu, 20 Feb 2020 12:19 AM IST
विज्ञापन
Prime Minister Jan Aushadhi Center could open in only seven out of 19
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay
सरकारी अस्पतालों में प्रधानमंत्री जन औषधि केंद्र के जरिए मरीजों को सस्ती जेनेरिक दवाएं उपलब्ध कराने के सरकार के दावे को स्वास्थ्य विभाग पलीता लगा रहा है। जन औषधि केंद्र खोलने के लिए जिले के 19 सरकारी अस्पतालों का चयन किया गया था, लेकिन अभी तक मात्र सात अस्पतालों में ही इसका संचालन शुरू हो सका है।
विज्ञापन


जिन अस्पतालों में जन औषधि केंद्र खुले हैं वहां भी पूरी दवाएं उपलब्ध नहीं हैं। निर्धारित छह सौ दवाओं के मुकाबले मात्र 150 दवाएं ही केंद्रों पर हैं। सर्जिकल उपकरण तो खोजे नहीं मिल रहे हैं। 
विज्ञापन


जिले में संचालित हो रहे जिला अस्पताल, महिला अस्पताल के साथ ही सभी सीएचसी पर प्रधानमंत्री जनऔषधि केंद्र खोले जाने थे। इनमें अब तक सिर्फ जिला अस्पताल, महिला अस्पताल, रानीगंज, कुंडा, लालगंज, पट्टी और सांगीपुर सीएचसी में ही जनऔषधि केंद्रों का संचालन शुरू हो सका है।
विज्ञापन
विज्ञापन


यहां भी आधी-अधूरी दवाएं ही हैं। जनऔषधि केंद्रों में 600 प्रकार की जेनेरिक दवाएं रखनी हैं, पर जिले के जनऔषधि केंद्रों में इनमें से आधी जरूरी दवाएं भी मरीजों को नहीं मिल रही हैं। दवाओं की डिमांड नहीं होने का हवाला देकर 350 से भी अधिक जरूरी दवाएं नहीं मंगाई जा रही हैं।

जबकि सभी प्रकार की ब्रांडेड दवाएं कम कीमत में उपलब्ध कराने के लिए यह केंद्र खोले गए हैं। जन औषधि केंद्र के कर्मचारियों का भी कहना है कि 600 प्रकार की जेनेरिक दवाओं के साथ ही सर्जिकल सामान जनऔषधि केंद्र पर होने चाहिए, मगर इन दिनों डेढ़ सौ जेनेरिक दवाएं ही उपलब्ध हैं।

 दवाएं नहीं मिलने के पीछे तर्क दिया जा रहा है कि जो दवाएं नहीं बिकती हैं उन्हें नहीं मंगाया जाता है। खराब होने पर नुकसान ही होगा। केंद्र में वही दवाएं मिलेंगी जो नियमित रूप से बिकती हैं।

केंद्रों पर शुगर, बीपी, सर्दी, जुकाम और बुखार के साथ खांसी, आयरन, कैल्शियम ही मौजूद है। गंभीर बीमारियों की दवाओं के साथ ही सर्जिकल सामान जन औषधि केंद्रों पर नहीं हैं। 


ज्यादातर जेनेरिक दवाएं सरकारी अस्पतालों में उपलब्ध हैं। जो नहीं हैं वह प्रधानमंत्री जनऔषधि केंद्र पर मिल जाती हैं। बाहर की दवा बेचे जाने की शिकायत नहीं है। डॉक्टर एके श्रीवास्तव, सीएमओ।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed