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जिला अस्पताल में गंदगी देख भड़के डीएम
ब्यूरो।अमर उजाला प्रतापगढ़
Updated Tue, 26 May 2015 11:51 PM IST
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मंगलवार को जिलाधिकारी अमृत त्रिपाठी अचानक निरीक्षण करने जिला अस्पताल आ धमके। परिसर में गंदगी, साइकिल स्टैंड देख उनका पारा चढ़ गया। ऑक्सीजन, एक्सरे मशीन के साथ अल्ट्रासाउंड न होने पर भी उन्होंने सीएमएस को फटकार लगाई। उन्होंने 24 घंटे के अंदर अस्पताल की खमियां दूर करने का निर्देश दिया।
करीब 11 बजे डीएम अमृत त्रिपाठी सीएमओ विनोद पांडेय के साथ पहुंच गए। गेट पर ही डीएम की गाड़ी रुक गई। अस्पताल के गेट के आगे बड़ी संख्या में लोगों के वाहन खड़े थे। इससे जिलाधिकारी की गाड़ी अंदर नहीं जा सकी। डीएम के गार्डों ने वाहनों को हटवाया तो कहीं जा कर वे परिसर में पहुंच सके। परिसर के अंदर जगह-जगह गंदगी देखते ही जिलाधिकारी का पारा हाई हो गया। उन्होंने सीएमएस को बुलाकर तत्काल सफाई करवाने का निर्देश दिया। इसके बाद वे इमरजेंसी कक्ष के वार्ड में पहुंच गए। यहां भर्ती कंधई इलाके के खुर्द निवासी बैजनाथ के पास जाकर उनसे अस्पताल से मिल रही सुविधाओं की जानकारी ली।
सीएमएस से ऑक्सीजन मशीन चालू करने के लिए कहा। ऑक्सीजन सप्लाई बंद थी। डीएम के आदेश के करीब 10 मिनट बाद सप्लाई चालू की गई, मगर मशीन नहीं चली। पूछने पर स्टाफ नर्स सावित्री ने मशीन खराब होने की बात कही। उसने बताया कि जब से पाइप लाइन लगा तब से कभी नहीं चला। इस पर डीएम ने सीएमएस को जमकर फटकार लगाई। इसके बाद वे एक्सरे रूम में पहुंचे। रूम में लगीं दो मशीनों में एक मशीन करीब चार वर्ष से खराब है। जबकि डेंटल एक्सरे मशीन करीब दस वर्ष से खराब पड़ी है। रेडीयोलाजिस्ट के अभाव में अल्ट्रासाउंड मशीन बंद होने की जानकारी होने पर वह भड़क गए। उन्होंने सीएमएस को फटकारते हुए रिपोर्ट भेजने को कहा। एक घंटे के निरीक्षण के बाद जिलाधिकारी अमृत त्रिपाठी ओपीडी के सामने बने पार्क के पास पहुंचे। जलजमाव देख उन्होंने सीएमएस से पार्क बनवाने व अस्पताल परिसर में साइकिल स्टैंड बनवाने के निर्देश दिए।
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करीब 11 बजे डीएम अमृत त्रिपाठी सीएमओ विनोद पांडेय के साथ पहुंच गए। गेट पर ही डीएम की गाड़ी रुक गई। अस्पताल के गेट के आगे बड़ी संख्या में लोगों के वाहन खड़े थे। इससे जिलाधिकारी की गाड़ी अंदर नहीं जा सकी। डीएम के गार्डों ने वाहनों को हटवाया तो कहीं जा कर वे परिसर में पहुंच सके। परिसर के अंदर जगह-जगह गंदगी देखते ही जिलाधिकारी का पारा हाई हो गया। उन्होंने सीएमएस को बुलाकर तत्काल सफाई करवाने का निर्देश दिया। इसके बाद वे इमरजेंसी कक्ष के वार्ड में पहुंच गए। यहां भर्ती कंधई इलाके के खुर्द निवासी बैजनाथ के पास जाकर उनसे अस्पताल से मिल रही सुविधाओं की जानकारी ली।
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सीएमएस से ऑक्सीजन मशीन चालू करने के लिए कहा। ऑक्सीजन सप्लाई बंद थी। डीएम के आदेश के करीब 10 मिनट बाद सप्लाई चालू की गई, मगर मशीन नहीं चली। पूछने पर स्टाफ नर्स सावित्री ने मशीन खराब होने की बात कही। उसने बताया कि जब से पाइप लाइन लगा तब से कभी नहीं चला। इस पर डीएम ने सीएमएस को जमकर फटकार लगाई। इसके बाद वे एक्सरे रूम में पहुंचे। रूम में लगीं दो मशीनों में एक मशीन करीब चार वर्ष से खराब है। जबकि डेंटल एक्सरे मशीन करीब दस वर्ष से खराब पड़ी है। रेडीयोलाजिस्ट के अभाव में अल्ट्रासाउंड मशीन बंद होने की जानकारी होने पर वह भड़क गए। उन्होंने सीएमएस को फटकारते हुए रिपोर्ट भेजने को कहा। एक घंटे के निरीक्षण के बाद जिलाधिकारी अमृत त्रिपाठी ओपीडी के सामने बने पार्क के पास पहुंचे। जलजमाव देख उन्होंने सीएमएस से पार्क बनवाने व अस्पताल परिसर में साइकिल स्टैंड बनवाने के निर्देश दिए।
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