प्रतापगढ़ : दुकान के चौकीदार की धारदार हथियार से हत्या, साथी लापता
प्रतापगढ़ शहर के निर्मल तिराहा निवासी नवीन कुमार केशरवानी की सीताराम धाम के पास टाइल्स और सेनेटरी की दुकान और गोदाम है। यहां पर प्रयागराज के बहरिया इलाके का रहने वाला रणजीत यादव (38) काम करता था।
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नगर कोतवाली के सैयाबांध परशुरामपुर में टाइल्स के गोदाम के बाहर कमरे में सो रहे रंजीत यादव उर्फ बबलू यादव (35) की धारदार हथियार से प्रहार कर हत्या कर दी गई। उसके साथ सो रहा साथी गायब मिला। कमरे में खून से लथपथ शव देख सनसनी फैल गई। सूचना पर पहुंची पुलिस ने छानबीन के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस गायब साथी की तलाश कर रही है।
प्रयागराज जनपद के बहरिया थाना क्षेत्र के सरायमदन निवासी रंजीत नगर कोतवाली के निर्मल तिराहा निवासी टाइल्स व सेनेटरी कारोबारी नवीन कुमार केसरवानी की दुकान पर तीन माह पहले काम करने आया था। दिन में टाइल्स समेत दूसरे सामान वाहनों पर लादने के बाद रात में वह दूसरे मजदूरों के साथ सैयाबांध परशुरामपुर स्थित गोदाम के बाहर बने कमरे में सो जाता था।
रविवार की रात रंजीत साथी मजदूर सुरेश पाल निवासी चंदू का पुरवा थाना अंतू के साथ सो रहा था। सोमवार की सुबह नवीन अपने भाई विपिन के साथ गोदाम पहुंचा। दोनों ने सुरेश व रंजीत को आवाज दी, मगर कोई जवाब नहीं मिला। कमरे का दरवाजा खोलने पर भीतर रंजीत की खून से लथपथ लाश पड़ी थी। सुरेश का कोई अता-पता नहीं था। घटना की जानकारी पुलिस को दी। मौके पर पहुंची पुलिस जांच करने लगी।
फोरेंसिक टीम ने की जांच
कुछ ही देर में फोरेंसिक टीम भी बुला ली गई। घटनास्थल से मिले सामान को जब्त करने के बाद पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। मौके से मृतक का मोबाइल और दो सौ रुपये बरामद हुए। पुलिस के अनुसार, हत्यारों ने रंजीत के मुंह पर धारदार हथियार से प्रहार किया था। आशंका जताई जा रही है कि किसी बात से नाराज होकर सुरेश ने ही रंजीत की हत्या न कर दी हो। सीओ सिटी अभय पांडेय ने बताया कि नवीन की तहरीर पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। गायब सुरेश की तलाश की जा रही है। मोबाइल काल डिटेल भी खंगाली जा रही है। सुरेश के एक रिश्तेदार से पूछताछ की जा रही है।
रेलवे लाइन के किनारे मिला मोबाइल
हत्या की गुत्थी सुलझाने के लिए पुलिस गोदाम के आसपास सरसों के खेत व रेलवे लाइन के किनारे खोजबीन करने लगी। खोजबीन के दौरान रेलवे लाइन के किनारे एक बंद मोबाइल मोबाइल मिला। जिसके हत्यारोपी के होने की आशंका जताई जाती रही। पुलिस उस मोबाइल को आन करने का प्रयास करती रही, मगर देर शाम तक कामयाबी नहीं मिली।
तीन बेटियों के सिर से छिना पिता का साया
परिवार के गुजर-बसर के लिए रंजीत यादव नवीन की दुकान पर काम करने के लिए तीन माह पहले आया था। उसे मजदूरी के रूप में चार सौ रुपये प्रतिदिन मिलते थे। पंद्रह दिन पहले वह घर गया था। सोमवार को रंजीत की हत्या की खबर मिलते ही परिवार के लोग बिलखने लगे। पत्नी शीला रोते हुए बेहोश हो जा रही थी। उसकी तीन बेटियां हैं। उनके सिर से पिता का साया छिन गया। रंजीत के स्वभाव से साथी मजदूर से लेकर मालिक तक खुश रहते थे।
बेटे को रुपये दिलाने के बाद गुस्से में था सुरेश
कारोबारी नवीन के अनुसार, सुरेश पाल भी उसकी दुकान पर काफी दिनों से काम करता था। रविवार को उसका बड़ा बेटा सचिन आया था। वह सुरेश से दो हजार रुपये लेकर चला गया। वह छोटे भाई के इलाज की बात कहकर रुपये ले गया। शाम को सुरेश अनायास ही अपने गांव के कुछ लोगों को अपशब्द बोल रहा था। यह सुनने के बाद नवीन ने नाराजगी जताई। जिसके बाद वह खामोश हो गया। पुलिस को आशंका है रात में किसी बात को लेकर रंजीत से उसका विवाद हुआ होगा। सोते समय रंजीत के ऊपर सुरेश ने धारदार हथियार से हमला कर उसे मौत के घाट उतार दिया। गोदाम सुनसान स्थान पर है। जिससे किसी को भनक नहीं लगी। वहां रहने वाले दो मजदूर चार दिन पहले ही अपने घर जा चुके थे।
रात में बंद था सीसीटीवी कैमरा
टाइल्स के गोदाम में सीसीटीवी कैमरा लगा है। गोदाम बंद होने के साथ ही उसे भी बंद कर दिया जाता है। रविवार की रात भी कैमरे को बंद कर दिया गया था। अन्यथा घटना की गतिविधियां कैमरे में कैद हो गई होती।