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प्रतापगढ़: चुनावी रंजिश में हुई प्रधान संघ के अध्यक्ष की हत्या

Wed, 17 Apr 2019 11:08 PM IST
विनोद सिंह न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रतापगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रतापगढ़ Published by: विनोद सिंह Updated Wed, 17 Apr 2019 11:08 PM IST
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Pratapgarh: The assassination of the President of the Pradhan Sangh
अंतू क्षेत्र के रसूलपुर गुलरहा प्रधान दिनेश की बिलखती मां - फोटो : प्रतापगढ़
 पंचायत चुनाव की रंजिश और रुपये के लेनदेन को लेकर प्रधान संघ के अध्यक्ष दिनेश दुबे की हत्या की गई थी। मृतक के भाई ने ब्लाक प्रमुख प्रतिनिधि संडवाचंद्रिका समेत सात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया है। घटना में नामजद पूर्व प्रधान समेत दो लोगों को पुलिस ने बाइक समेत दबोच लिया।
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50 लाख रुपये व सुरक्षा की मांग को लेकर आक्रोशित परिजनों ने शव का अंतिम संस्कार करने से इनकार कर दिया। अफसरों के समझाने का भी उन पर कोई असर नहीं हुआ। हालांकि देर शाम आईजी मोहित अग्रवाल मृतक के घर पहुंचे।
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परिवार के लोगों से बातचीत के सभी को भरोसा दिलाया कि हर हाल में उनकी मदद होगी। तब जाकर परिजन अंतिम संस्कार के लिए तैयार हुए। देर शाम सदर विधायक संगमलाल गुप्ता और जिलाधिकारी मार्कण्डेय शाही भी पहुंचे। 
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अंतू थाना क्षेत्र के रसूलपुर गुलरहा के प्रधान और प्रधान संघ के अध्यक्ष दिनेश दुबे की मंगलवार की देर शाम मनियारपुर में उस समय गोली मारकर हत्या कर दी गई जब वह ईंट भट्ठे के लिए लकड़ी खरीदने सफारी कार से गए थे। मोबाइल पर बातचीत करने के दौरान ही बाइक सवार दो युवकों ने गोलियों से छलनी कर दिया था। घटनास्थल पर ही दिनेश की मौत हो गई।

मृतक के छोटे भाई दिवाकर दुबे की तहरीर पर पुलिस ने गांव के पूर्व प्रधान अखिल प्रताप सिंह उर्फ दरोगा सिंह, ब्लाक प्रमुख संडवाचंद्रिका के प्रतिनिधि देशराज सिंह निवासी पीरूपुर, रसूलपुर गुलरहा के ही श्रवण तिवारी और नवाजिश समेत तीन अज्ञात के खिलाफ हत्या समेत अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया। भाई का आरोप है कि दरोगा सिंह प्रधान का चुनाव हारने के बाद दिनेश दुबे से रंजिश रखता था। कई बार हमला भी कराया था। देशराज सिंह ने दिनेश के साथ मिलकर बाबू का पुरवा में ईट भट्ठा खोल रखा था।

दोनों के बीच रुपये के लेनदेन का विवाद था। श्रवण तिवारी की मृतक प्रधान से कोटे की दुकान को लेकर रंजिश थी। जबकि नवाजिश चुनावी रंजिश रखता था। पुलिस ने सभी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया। एसपी एस आनंद ने घटनास्थल का निरीक्षण करने के बाद मातहतों को कार्रवाई का फरमान सुनाया। एसपी की अगुवाई में चली दबिश के दौरान आरोपी पूर्व प्रधान दरोगा सिंह और श्रवण तिवारी पुलिस के हाथ लग गए।

जबकि अन्य आरोपी घर छोडक़र फरार हैं। उनके चार करीबियों को हिरासत में लेकर पुलिस पूछताछ कर रही है। घटना में प्रयुक्त बाइक भी बरामद कर ली गई है। बुधवार की सुबह शव पोस्टमार्टम के बाद घर पहुंचा तो कोहराम मच गया। आक्रोशित लोग मृतक प्रधान के परिजनों को 50 लाख रुपये की आथक सहायता, पत्नी को सरकारी नौकरी व सुरक्षा के लिए शस्त्र लाइसेंस दिलाने की मांग करने लगे।

लोगों में पुलिस के रवैए को लेकर गुस्सा था। एएसपी, एसडीएम के समझाने पर भी लोग नहीं माने। शाम को आईजी मोहित अग्रवाल मौके पर पहुंचे। पिता समेत परिवार के लोगों से बंद कमरे में बातचीत करते हुए भरोसा दिलाया कि उनकी हर मदद होगा। तब जाकर परिवार के लोग अंतिम संस्कार के लिए राजी हुए। अब गुरुवार को प्रधान के शव का अंतिम संस्कार किया जाएगा।

सुरक्षा में तैनात किए गए दो पुलिसकर्मी
अंतू थाना क्षेत्र के रसूलपुर गुलरहा के प्रधान दिनेश दुबे की हत्या के बाद परिजन सहमे हुए हैं। भाई दिवाकर का कहना है कि अभी खतरा टला नहीं है। आरोपी सरहंग किस्म के हैं और प्रभावशाली लोगों की छत्रछाया में रहते हैं। अपर पुलिस अधीक्षक पूर्वी अवनीश मिश्र ने तत्काल दो पुलिसकर्मियों को तैनात कर दिया। चुनाव बाद शस्त्र लाइसेंस दिलाने का भरोसा दिलाया।

पति का शव देखते ही बेहोश गई माधुरी
संडवाचंद्रिका विकासखंड के रसूलपुर गुलरहा के प्रधान दिनेश दुबे का शव घर पहुंचा तो पत्नी माधुरी रोते हुए बेहोश हो गई। होश में आने के बाद फिर बिलखने लगी। बीच-बीच में कहती कि अब बच्चों की परवरिश कौन करेगा।  किसके सहारे हमारा जीवन बीतेगा।

दिनेश लगाता रहा जानमाल की सुरक्षा की गुहार
मृतक प्रधान दिनेश दुबे के ऊपर कई बार हमला हो चुका था। दिनेश ने करीब सात साल पहले गंवई सियासत में कदम रखा। उसी दौरान गांव में ही कोटे की दुकान पर राशन को लेकर विवाद हुआ। दिनेश पर पूर्व प्रधान ने हमला कराया था।

फायरिंग भी हुई थी। करीब 3 वर्ष पहले भी दिनेश पर हमला हुआ था। वह कुछ दिनों से अंतू थानाध्यक्ष से लेकर अधिकारियों से भी अपनी जान को खतरा बताते हुए सुरक्षा की मांग कर रहे थे।

अंतू थाने में आयोजित बैठक में सबके सामने दिनेश ने कहा था कि उनकी जान को खतरा है। सुरक्षा व्यवस्था उपलब्ध कराई जाए। खतरे को देखते वह चार पहिया वाहन से ही चलते थे।

गोलियों से प्रधान का शरीर कर दिया था छलनी
हत्यारों ने प्रधान दिनेश दुबे को गोलियों से छलनी कर दिया था। रात में पोस्टमार्टम के दौरान एक गोली सिर में फंसी मिली। जबकि दूसरी गोली पार हो गई थी। एक कंधे पर दूसरी हथेली से पार हो गई थी।


गले के पास भी दो गोली मारी गई थी। एक बुलेट रीढ़ में जाकर फंसी थी। जिसे निकालने के लिए दोबारा एक्सरे कराया गया। ऐसा प्रतीत होता था कि हत्यारे प्रधान दिनेश को जिंदा रहने की कोई गुंजाइश नहीं छोडना चाहते थे।
 
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