प्रतापगढ़ की रामपुरखास सीट : भाजपा नहीं भेद पाई कांग्रेस का दुर्ग, मोना ने लगाई जीत की हैट्रिक
रामपुर खास विधानसभा सीट 1980 से लगातार कांग्रेस के कब्जे में है। कांग्रेस वर्किंग कमेटी के सदस्य और पूर्व राज्यसभा सांसद प्रमोद तिवारी इस सीट से रिकार्ड लगातार नौ बार विधायक रहे। वर्ष 2014 में प्रमोद के राज्यसभा सदस्य बनने के बाद हुए उपचुनाव में उनकी बेटी आराधना मिश्रा मोना यहां से पहली बार विधायक बनीं।
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रामपुर खास विधानसभा क्षेत्र में कांग्रेस का वर्चस्व बरकरार रहा। कांग्रेस प्रत्याशी आराधना मिश्रा मोना ने भाजपा के नागेश प्रताप सिंह को 14,741 मतों से हराकर जीत की हैट्रिक लगा दी है। आराधना मिश्रा को 84,334 मत मिले, जबकि भाजपा प्रत्याशी नागेश प्रताप सिंह को 69,593 मतों से ही संतोष करना पड़ा।
कांग्रेस ने यहां से लगातार 12वीं जीत दर्ज की है। कांग्रेस के दिग्गज नेता और सीडब्ल्यूसी मेंबर प्रमोद तिवारी की मजबूत किलेबंदी को आखिरी दम तक जोर लगाने के बाद भी भाजपा भेद नहीं पाई।
रामपुर खास विधानसभा सीट 1980 से लगातार कांग्रेस के कब्जे में है। कांग्रेस वर्किंग कमेटी के सदस्य और पूर्व राज्यसभा सांसद प्रमोद तिवारी इस सीट से रिकार्ड लगातार नौ बार विधायक रहे। वर्ष 2014 में प्रमोद के राज्यसभा सदस्य बनने के बाद हुए उपचुनाव में उनकी बेटी आराधना मिश्रा मोना यहां से पहली बार विधायक बनीं। वर्ष 2017 के विधानसभा चुनाव में भाजपा लहर के बाद भी प्रमोद तिवारी यह सीट बचाने में कामयाब रहे थे।
उनकी बेटी आराधना मिश्रा मोना ने इस चुनाव में भाजपा प्रत्याशी नागेश प्रताप सिंह को 17,651 मतों से परास्त किया था। 2022 के विधानसभा चुनाव से पहले यह सीट कई मामलों को लेकर लगातार चर्चा में थी। भाजपा ने इस सीट पर अपनी निगाह गड़ा रखी थी। चुनाव से कुछ महीनों पहले सांगीपुर ब्लॉक में आयोजित एक सरकारी कार्यक्रम में भाजपा और कांग्रेस कार्यकर्ता आमने-सामने हो गए थे।
सांसद संगमलाल ने दर्ज कराया था मुकदमा
सांसद संगमलाल गुप्ता ने खुद पर हमले और कपड़े फाड़ने का आरोप लगाते हुए प्रमोद और मोना के खिलाफ केस दर्ज कराया था। इस घटना के बाद से रामपुर खास विधानसभा की सीट को सांसद संगमलाल समेत भाजपा के नेताओं ने प्रतिष्ठा का सवाल बना लिया था। रामपुर खास में कमल खिलाने के लिए आचार संहिता लगने से पहले खुद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जनसभा की।
चुनाव प्रचार अंतिम दिन मतदाताओं को साधने के लिए गृहमंत्री अमित शाह ने भी रैली कर माहौल बनाया। पटेल बिरादरी के मतदाताओं को अपने पाले में करने के लिए भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्रदेव सिंह और अपना दल एस की राष्ट्रीय अध्यक्ष अनुप्रिया पटेल ने भी सभा की, लेकिन भाजपा की रणनीति पर प्रमोद तिवारी की किलेबंदी भारी पड़ी।
विधायक की प्रोफाइल
आराधना मिश्रा मोना कांग्रेस के दिग्गज नेता और पूर्व राज्यसभा सांसद प्रमोद तिवारी की बड़ी बेटी हैं। उन्होंने एमबीए किया है। मोना ने अपनी राजनीति की शुरुआत ब्लॉक प्रमुख के रूप में की थी। वह रामपुर संग्रामगढ़ ब्लॉक से लगातार तीन बार ब्लॉक प्रमुख चुुनी गईं।
वर्ष 2014 में प्रमोद तिवारी के राज्यसभा सांसद चुने जाने के बाद हुए उपचुनाव में वह पिता की विरासत संभालने के लिए पहली बार विधानसभा चुनाव में उतरीं। उपचुनाव में जीत हासिल करने के बाद वह भाजपा लहर में वर्ष 2017 में भी चुनाव जीतकर विधायक बनीं। मोना की छोटी बहन विजय श्री सोना प्रयागराज के ट्रिपलआईटी में प्रोफेसर हैं।