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प्रतापगढ़: बगैर पढ़ाई के प्रमाणपत्र बांटने वाले निजी तकनीकी संस्थानों पर गिरेगी गाज
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बगैर पढ़ाई के प्रमाणपत्र बांटने वाले निजी तकनीकी संस्थानों पर गिरेगी गाज
लैब न शैक्षिक स्टाफ, फिर भी बांट रहे हैं डिप्लोमा
शासन ने टीम बनाकर जांच कराने के आदेश से संचालकों में मचा हड़कंप
संवाद न्यूज एजेंसी
प्रतापगढ़। बगैर कक्षाएं संचालित किए ही प्रमाणपत्र बांटने वाले जिले के निजी आईटीआई और पॉलीटेक्निक संस्थानों की तरफ शासन की नजर घूम गई है। ऐसे संस्थानों की जांच करके कार्रवाई करने के लिए प्रमुख सचिव का पत्र आते ही संचालकों में हड़कंप मच गया है। जिले के अधिकांश निजी संस्थान ऐेसे हैं, जो सिर्फ रुपये के दम पर प्रतिवर्ष हजारों प्रशिक्षणार्थियों को प्रमाणपत्र बांट रहे हैं।
जिले के उन निजी आईटीआई और पॉलीटेक्निक संस्थानों पर गाज गिराने की तैयारी है, जो प्रशिक्षणार्थियों का शोषण करने के साथ ही बगैर प्रशिक्षण के प्रमाणपत्र बांट रहे हैं। जिले के अधिकांश तकनीकी संस्थान ऐसे हैं, जिन्होंने मानकविहीन भवन, प्रयोगशाला का निर्माण कराए ही मान्यता हासिल कर ली है। इन संस्थानों से प्रतिवर्ष हजारों प्रशिक्षणार्थियों की फौज तो निकल रही है, मगर वह जानकारी के अभाव में कुछ भी नहीं कर पा रहे हैं। ऐेसे संस्थानों पर नकेल कसने के लिए प्रमुख सचिव प्राविधिक शिक्षा एस राधा चौहान ने डीएम को पत्र लिखकर त्रिस्तरीय कमेटी का गठन कर गहराई से जांच कराने को कहा है। फिलहाल मंडलायुक्त के दौरे के चलते अभी तक जांच कमेटी का गठन नहीं हो पाया है।
फीस वसूली की भी करेंगे जांच
जिले में गठित होने वाली टीम छात्र-छात्राओं से मुलाकात कर दाखिले के बाद वार्षिक शुल्क और सुविधा शुल्क वसूली की जानकारी लेगी और उनका बयान दर्ज करेगी। इस दौरान छात्र-छात्राओं से उन्हें मिलने वाली सुविधाओं की भी जानकारी ली जाएगी।
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जिले के निजी आईटीआई और पालीटेक्निक संस्थानों की जांच करने के लिए आदेश आया है। जल्द ही टीम का गठन कर जांच की जाएगी। अगर कहीं पर अनियमितता मिलती है तो कार्रवाई के लिए शासन को पत्र लिखा जाएगा।
शत्रोहन वैश्य, एडीएम
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लैब न शैक्षिक स्टाफ, फिर भी बांट रहे हैं डिप्लोमा
शासन ने टीम बनाकर जांच कराने के आदेश से संचालकों में मचा हड़कंप
संवाद न्यूज एजेंसी
प्रतापगढ़। बगैर कक्षाएं संचालित किए ही प्रमाणपत्र बांटने वाले जिले के निजी आईटीआई और पॉलीटेक्निक संस्थानों की तरफ शासन की नजर घूम गई है। ऐसे संस्थानों की जांच करके कार्रवाई करने के लिए प्रमुख सचिव का पत्र आते ही संचालकों में हड़कंप मच गया है। जिले के अधिकांश निजी संस्थान ऐेसे हैं, जो सिर्फ रुपये के दम पर प्रतिवर्ष हजारों प्रशिक्षणार्थियों को प्रमाणपत्र बांट रहे हैं।
जिले के उन निजी आईटीआई और पॉलीटेक्निक संस्थानों पर गाज गिराने की तैयारी है, जो प्रशिक्षणार्थियों का शोषण करने के साथ ही बगैर प्रशिक्षण के प्रमाणपत्र बांट रहे हैं। जिले के अधिकांश तकनीकी संस्थान ऐसे हैं, जिन्होंने मानकविहीन भवन, प्रयोगशाला का निर्माण कराए ही मान्यता हासिल कर ली है। इन संस्थानों से प्रतिवर्ष हजारों प्रशिक्षणार्थियों की फौज तो निकल रही है, मगर वह जानकारी के अभाव में कुछ भी नहीं कर पा रहे हैं। ऐेसे संस्थानों पर नकेल कसने के लिए प्रमुख सचिव प्राविधिक शिक्षा एस राधा चौहान ने डीएम को पत्र लिखकर त्रिस्तरीय कमेटी का गठन कर गहराई से जांच कराने को कहा है। फिलहाल मंडलायुक्त के दौरे के चलते अभी तक जांच कमेटी का गठन नहीं हो पाया है।
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फीस वसूली की भी करेंगे जांच
जिले में गठित होने वाली टीम छात्र-छात्राओं से मुलाकात कर दाखिले के बाद वार्षिक शुल्क और सुविधा शुल्क वसूली की जानकारी लेगी और उनका बयान दर्ज करेगी। इस दौरान छात्र-छात्राओं से उन्हें मिलने वाली सुविधाओं की भी जानकारी ली जाएगी।
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जिले के निजी आईटीआई और पालीटेक्निक संस्थानों की जांच करने के लिए आदेश आया है। जल्द ही टीम का गठन कर जांच की जाएगी। अगर कहीं पर अनियमितता मिलती है तो कार्रवाई के लिए शासन को पत्र लिखा जाएगा।
शत्रोहन वैश्य, एडीएम