फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Pratapgarh News ›   Pratapgarh-Prayagraj rail route stalled, highway jammed

प्रतापगढ़-प्रयागराज रेल मार्ग ठप, सड़क जाम

Thu, 13 Aug 2020 12:39 AM IST
Allahabad Bureau इलाहाबाद ब्यूरो
Updated Thu, 13 Aug 2020 12:39 AM IST
विज्ञापन
Pratapgarh-Prayagraj rail route stalled, highway jammed
अंतू थाने के मवइया घाट सई नदी में डूबने से मृत युवक वैभव तिवारी। फाइल फोटो - फोटो : PRATAPGARH
ट्रैक मरम्मत के कारण बुधवार को कुसुमी रेलवे फाटक (53/ए) 8 घंटे के लिए बंद कर दिया गया। इससे रेलमार्ग ठप रहा। रेल और जिला प्रशासन की ओर से गेट बंद होने की सूचना पूर्व में न दिए जाने का खामियाजा लोगों को भुगतना पड़ा। ट्रैफिक न रोके जाने से प्रतापगढ़-प्रयागराज मेन मार्ग पर लंबा जाम लग गया। बाद में पुलिस ने ट्रैफिक डायवर्ट किया। तब कहीं जाकर जाम से राहत मिली। भारी वाहन फिर भी जाम में फंसे रहे। वे शाम तक गेट खुलने की प्रतीक्षा में सड़क के किनारे खड़े रहे। पैदल और दुपहिया वाहन रेलवे लाइन पार करके किसी तरह निकले।
विज्ञापन

प्रतापगढ़-प्रयागराज रेल खंड पर स्थित गेट नंबर 53/ए के अनुरक्षण का कार्य होना था। सेक्शन के पीडब्लूआई एमपी पांडेय ने 7 अगस्त को इसकी सूचना पत्र के माध्यम से जिले के अधिकारियों को दी थी। जिसमें उन्होंने गेट बंद होने और उससे उत्पन्न होने वाले जाम से निपटने के लिए पुलिस बल की मांग की थी। बुधवार की सुबह रेलकर्मी पहुंचे और कुसुमी क्रॉसिंग गेट बंद कर रेलवे लाइन की मरम्मत में जुट गए।
विज्ञापन

इसकी सूचना न मिलने से लोग बेधड़क फाटक तक चले आए। इनको न भुपियामऊ में रोककर बताया गया न ही भंगवाचुंगी चौराहे पर। जिससे लंबा जाम लग गया। लोग परेशान हुए तब जाकर पुलिस ने ट्रैफिक कंट्रोल करना शुरू किया,लेकिन तक तक प्रतापगढ़-प्रयागराज सड़क मार्ग पर लंबा जाम लग चुका था। अचानक गेट बंद होने से जाम में फंसे लोग अधिकारियों को कोसते नजर आए। उनका कहना था कि फाटक बंद होने की कोई सूचना आमजन को किसी के जरिए नहीं मिली। जिससे लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। इस बारे में पीडब्लूआई एमपी पांडेय ने बताया कि उन्होंने 7 अगस्त को डीएम और एसपी के दफ्तर में इसकी सूचना दी थी। शाम पांच बजे काम समाप्त होने तक पुलिस फोर्स भी मांगी थी। इस बारे में एडीईएन प्रयाग का कहना था कि मीडिया के माध्यम से आमजन को सूचना देने का काम जिला प्रशासन का है। उनका नहीं। वे जनहित में भी मीडिया को सीधे तौर पर सूचना नहीं दे सकते है। सुरक्षा में आरपीएफ के लोग तैनात थे।
विज्ञापन
विज्ञापन

लूट के दो आरोपियों को गिरफ्तार कर भेजा जेल
बीमाकर्मी से लूट करने वाले दो बदमाशों को पुलिस ने दबोच लिया। तीसरे आरोपी की तलाश में पुलिस दबिश दे रही है। पकड़े गए बदमाशों के पास लूटा गया लैपटॉप, मोबाइल समेत अन्य सामान मिले।
अंतू थाने में बुधवार को अपर पुलिस अधीक्षक पूर्वी सुरेंद्र प्रसाद ने बताया कि नगर कोतवाली के भोजपुर बिहारगंज निवासी कमल सिंह अंतू थाना क्षेत्र के पूरे अंती में जन सुविधा केंद्र चलाने के साथ ही भारतीय जीवन बीमा निगम के अभिकर्ता भी हैं।
सात अगस्त की रात अंतू के भानापुर में स्कूटी सवार तीन बदमाशों ने तमंचा लगाकर 36 सौ रुपये मोबाइल , लैपटॉप और प्रिंटर मशीन लूट ली थी। उन्होंने बताया कि लूट करने वाले सलमान उर्फ अबू हासिम पुत्र अब्दुल कासिम अंसारी निवासी महुली थाना कोतवाली नगर और विपिन गौड़ पुत्र मुकेश गौड़ निवासी महुली को मंगलवार की रात लोहंगपुर के करीब चेकिंग के दौरान अंतू पुलिस ने दबोच लिया। पूछताछ के बाद कमल सिंह से लूटा गया लैपटॉप, मोबाइल व प्रिंटर बरामद कर लिया गया। घटना में प्रयुक्त स्कूटी भी हाथ लग गई।
जबकि तीसरा आरोपी राजा उर्फ इरफान पुत्र सिकंदर निवासी पतुलकी थाना अंतू फरार है। पूछताछ में सलमान ने बताया कि लूट में बरामद लाल रंग की स्कूटी उसके साथी महताब की है जो उसने अपनी मौसी की बीमारी में इलाज के लिए डॉक्टर के पास जाने की बात कहकर उधार मांगी थी। इसी स्कूटी से बैठकर राजा, सलमान व विपिन ने लूट की घटना को अंजाम दिया था। 5 अगस्त को गोड़े के पास से एक व्यक्ति से मोबाइल फोन भी छीना था। एएसपी ने बताया कि बदमाशों को पकड़ने वाली टीम को पांच हजार रुपये का पुरस्कार दिया गया है। इस मौके पर सीओ सिटी अभय पांडेय मौजूद रहे।
नदी में मिला दरोगा के बेटे का शव
नहाने के दौरान सेल्फी लेते समय नदी में गिरे दरोगा के बेटे का शव बुधवार को बरामद हो गया। पोस्टमार्टम के बाद शव घर पहुंचने पर कोहराम मच गया। परिजन शव को अंतिम संस्कार के लिए प्रयागराज ले गए।
अंतू क्षेत्र के बुकनापुर निवासी रमेशचंद्र तिवारी सीतापुर जनपद के महमूदाबाद थाने में दरोगा हैं। उनका परिवार लखनऊ में रहता है। कुछ दिनों पहले लाकडाउन के दौरान रमेश का छोटा बेटा वैभव तिवारी (21) गांव आ गया। मंगलवार को वह गांव के कुछ युवकों के साथ मवैया घाट पर नदी में नहाने गया था। सभी नहाकर निकल आए थे। इस बीच सेल्फी लेने के लिए वैभव दोबारा नदी में चला गया।

सेल्फी लेने के दौरान उसका पैर फिसल गया और वह नदी में गिर पड़ा। गहरा पानी होने के कारण वैभव डूबने लगा। उसे डूबते देख दूसरे युवकों ने शोर मचाया। आसपास के लोग जब तक पहुंचे तब तक वह नदी में समा चुका था। स्थानीय गोताखोरों की मदद से उसकी खोजबीन होती रही, लेकिन पता नहीं चला। मौके पर पहुंचे परिजन बिलखते रहे। बुधवार को गोताखोरों की मदद से घटनास्थल से दो सौ मीटर दूर उसका शव मिल गया। जिसे लेकर लोग घर पहुंचे। वैभव का शव देखते ही घर में कोहराम मच गया। बाद में पुलिस ने पंचायतनामा भरकर शव परिजनों के हवाले कर दिया। वैभव को उसके पिता कई दिनों से लखनऊ बुला रहे थे, लेकिन वह कुछ दिन और रुकने की बात कहते हुए पिता की बात टाल देता था। ग्रामीणों का कहना था कि वैभव गांव में बहुत कम रहता था। शायद इस बार उसकी मौत ने उसे रोक रखा था।

भुपियामऊ के समीप कुसुमी क्रासिंग पर रेलवे ट्रैक की मरम्मत करते कर्मचारी।

भुपियामऊ के समीप कुसुमी क्रासिंग पर रेलवे ट्रैक की मरम्मत करते कर्मचारी।- फोटो : PRATAPGARH

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed