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प्रतापगढ़ में डंपर से टकराई बाइक, मुफ्ती समेत तीन की मौत
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ड़क हादसे में मृत फरहाद के घर जुटी महिलाएं।
- फोटो : PRATAPGARH
प्रयागराज-अयोध्या राजमार्ग पर विश्वनाथगंज मोड़ पर डंपर से टकराकर बाइक सवार तीन लोगों की दर्दनाक मौत से हर कोई कांप उठा। राहगीरों को हादसे में घायलों को अस्पताल पहुंचाने का भी मौका नहीं मिला। दारामपुर से लेकर जिला अस्पताल तक कोहराम मचा रहा। शव घर पहुंचते ही परिजन रोने बिलखते बेहोश हो गए। घटना के दौरान बाइक के परखच्चे उड़ गए।
मानधाता थाना क्षेत्र के दारापुर नौवापुर स्थित मदरसा कुरानिया तनवीर उल उलूम का संचालन मौलाना अफजल निवासी दांदूपुर करते हैं। जिसमे करीब 110 हाफिजा व 250 बच्चे प्राइमरी स्तर की पढ़ाई करते हैं। रविवार को बीमार फरहाद का इलाज कराने के लिए मुफ्ती शान मोहम्मद दूसरे तालिबे इल्म शाबादन को साथ लेकर मदरसे से निकले।
हाईवे पर विश्वनाथगंज के मानधाता मोड़ पर टेंपो से बचने के प्रयास में पीछे हो रहे डंपर से बाइक टकरा गई। जिससे बाइक पर सवार मुफ्ती शान मोहम्मद, फरहाद और शाबान की पल भर में ही दर्दनाक मौत हो गई। बाइक के अगले हिस्से का परखच्च्चे उड़ गए। आसपास के लोग मदद के लिए दौड़े लेकिन जब तक वाहनों को रोककर सभी को अस्पताल भेजने का प्रबंध किया जाता।
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इससे पहले ही तालिबे इल्म (छात्रों) व मुफ्ती की सांसें थम चुकी थी। यह देख वहां मौजूद लोगों की रूह कांप उठी। आसपास के लोगों ने पहले समझा कि सभी हरिहरपुर मदरसे के होंगे लेकिन कुछ देर बाद पता चला कि तीनों लोग मदरसा दारापुर से जुड़े हैं। खबर पहुंचते ही दारापुर मदसरे में साथी रोने बिलखने लगे। घटना में मृत बच्चों के परिजन भी रोते हुए अस्पताल पहुंच गए।
अस्पताल में सैकड़ों लोगों का मजमा जुटा रहा। पोस्टमार्टम के बाद शाबान व फरहाद का शव घर पहुंचा। लाश देखते ही परिजन रोते हुए बिलख पड़े। घटना की जानकारी मिलने पर एआईएमआईएम नेता इसरार अहमद, जिला पंचायत सदस्य आरिफ, सपा जिलाध्यक्ष छविनाथ, वासिक खान, शांति सिंह, इरशाद सिद्दीकी, नसीम, श्रीराम पटेल समेत बड़ी संख्या में लोग अस्पताल पहुंच गए।
भारी भीड़ देखते हुए मर्चरी में शहर के कई चौकी प्रभारी व पीएसी बुला ली गई। जिला अस्पताल में अपर पुलिस अधीक्षक पूर्वी सुरेंद्र प्रसाद द्विवेदी, एसडीएम सदर विजयपाल सिंह और सीओ सदर अरविंद कुमार वर्मा पहुंचकर परिवार के लोगों को हरसंभव मदद का भरोसा दिया।
साल भर पहले मदरसे में पढ़ाने आए थे मुफ्ती शान
लखीमपुर खीरी जनपद के निघासन थाना क्षेत्र के बुद्धि का पुरवा निवासी मुफ्ती शान करीब दो साल पहले जिले में आए थे। वह पहले दूसरे मदरसे में पढ़ाते थे। करीब एक साल पहले दारापुर मदरसे में पढ़ाने के साथ ही व्यवस्था देखा करते थे। उनके मौत की खबर मिलने पर निघासन निवासी साथी हाफिज शफीकुर्रहमान अस्पताल पहुंचे। परिवार वालों को घटना की जानकारी दी। पुलिस प्रशासन की ओर से मुफ्ती शान के शव को उनके घर पहुंचाने की व्यवस्था की गई।
हेलमेट पहने होते तो सिर में न आती गंभीर चोटें
हाईवे पर बाइक से सफर के दौरान तीनों ने हेलमेट नहीं लगा रखा था। तीनों के सिर व चेहरे पर गंभीर व चोटें आईं थी। केवल फरहाद के सिर व सीने में चोट थी। लोगों का कहना था कि यदि हेलमेट लगाए होते तो उनकी जान बच सकती थी। हादसे के दौरान गंभीर चोट न आती।
शाबान के पिता और भाइयों का है इंतजार
नगर कोतवाली के सरायवीरभद्र छत्ता का पुरवा निवासी शाबान के पिता रोडवेज में बस चालक हैं। वह बस लेकर दिल्ली गए थे। बड़ा भाई सेना में हैं। उनके आने के बाद ही शव को सुपुर्दे खाक किया जाएगा। छोटे भाई व परिवार के अन्य सदस्यों का रो-रोकर बुरा हाल रहा। शाबान ने करीब एक साल पहले मदरसे में दाखिला लिया था। इसके पहले कंजा मदरसे में पढ़ता था। पढने में शाबान काफी तेज था। वह हाफिज ए कुरान की पढ़ाई मदरसे में रहकर कर रहा था।
मुंबई से अब्बू के आने के बाद फरहाद की होगी मिट्टी
विश्वनाथगंज। रानीगंज थाना क्षेत्र के नरसिंहगढ़ निवासी फरहाद ने भी एक साल पहले दाखिला लिया था। पढने में तेज होने के कारण पंद्रह पारा की पढ़ाई पूरी कर ली थी। फरहाद के पिता अबरार मुंबई में टैक्सी चलाते हैं। खबर मिलने के बाद वह ट्रेन पकडक़र घर के लिए रवाना हो गए। उनके आने के बाद ही मिट्टी होगी। फरहाद अपने परिवार का दुलारा था।
मौत खींच ले गई मदरसा, किसी को नहीं हो रहा था यकीन
मुफ्ती समेत दोनों बच्चों की हादसे में मौत का कोई यकीन ही नहीं कर रहा था। शनिवार को मुफ्ती शान, शाबान व फरहाद दिन भर सरायवीरभद्र छत्ता का पुरवा व दूसरे गांवों में चंदे के रूप में अनाज की वसूली कर रहे थे। परिवार के लोगों ने शबान व मुफ्ती को रात में रुकने के लिए कहा था लेकिन वे नहीं माने। सभी मदरसा चले गए।
तबियत खराब होने के बाद बच्चों को लेकर मुफ्ती शान शहर की ओर चल पड़े। पहले तीनों दूसरे रास्ते से आने के लिए निकले लेकिन बाद में रामफल की इनारी होकर शहर आ रहे थे। तीनों को मौत खींचकर विश्वनाथगंज के मानधाता मोड़ ले आई।
जमीयत की ओर से दी गई आर्थिक मदद
लखीमपुर खीरी के मुफ्ती शान मोहम्मद की हादसे में मौत के बाद बड़ी संख्या में दीनी तालीम से जुड़े लोग अस्पताल पहुंच गए। जमीयत उलमाए हिन्द के महासचिव मौलाना अब्दुल्लास ने मुफ्ती के परिजनों की आर्थिक मदद को कदम आगे बढ़ाया। जिला पंचायत सदस्य आरिफ समेत प्रधान व दूसरे लोगों ने करीब 35 हजार रुपये एकत्र कर जनाजे के साथ लखीमपुर खीरी भेजा।
जमीयत की ओर से परिवार के लोगों को खत भी भेजा गया और हर संभव मदद का भरोसा दिलाया गया। मदरसे के दो शिक्षकों के साथ ही मुफ्ती शान के पड़ोसी शफीकुर्रमान को भी एंबुलेंस से भेजा गया।
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मानधाता थाना क्षेत्र के दारापुर नौवापुर स्थित मदरसा कुरानिया तनवीर उल उलूम का संचालन मौलाना अफजल निवासी दांदूपुर करते हैं। जिसमे करीब 110 हाफिजा व 250 बच्चे प्राइमरी स्तर की पढ़ाई करते हैं। रविवार को बीमार फरहाद का इलाज कराने के लिए मुफ्ती शान मोहम्मद दूसरे तालिबे इल्म शाबादन को साथ लेकर मदरसे से निकले।
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हाईवे पर विश्वनाथगंज के मानधाता मोड़ पर टेंपो से बचने के प्रयास में पीछे हो रहे डंपर से बाइक टकरा गई। जिससे बाइक पर सवार मुफ्ती शान मोहम्मद, फरहाद और शाबान की पल भर में ही दर्दनाक मौत हो गई। बाइक के अगले हिस्से का परखच्च्चे उड़ गए। आसपास के लोग मदद के लिए दौड़े लेकिन जब तक वाहनों को रोककर सभी को अस्पताल भेजने का प्रबंध किया जाता।
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इससे पहले ही तालिबे इल्म (छात्रों) व मुफ्ती की सांसें थम चुकी थी। यह देख वहां मौजूद लोगों की रूह कांप उठी। आसपास के लोगों ने पहले समझा कि सभी हरिहरपुर मदरसे के होंगे लेकिन कुछ देर बाद पता चला कि तीनों लोग मदरसा दारापुर से जुड़े हैं। खबर पहुंचते ही दारापुर मदसरे में साथी रोने बिलखने लगे। घटना में मृत बच्चों के परिजन भी रोते हुए अस्पताल पहुंच गए।
अस्पताल में सैकड़ों लोगों का मजमा जुटा रहा। पोस्टमार्टम के बाद शाबान व फरहाद का शव घर पहुंचा। लाश देखते ही परिजन रोते हुए बिलख पड़े। घटना की जानकारी मिलने पर एआईएमआईएम नेता इसरार अहमद, जिला पंचायत सदस्य आरिफ, सपा जिलाध्यक्ष छविनाथ, वासिक खान, शांति सिंह, इरशाद सिद्दीकी, नसीम, श्रीराम पटेल समेत बड़ी संख्या में लोग अस्पताल पहुंच गए।
भारी भीड़ देखते हुए मर्चरी में शहर के कई चौकी प्रभारी व पीएसी बुला ली गई। जिला अस्पताल में अपर पुलिस अधीक्षक पूर्वी सुरेंद्र प्रसाद द्विवेदी, एसडीएम सदर विजयपाल सिंह और सीओ सदर अरविंद कुमार वर्मा पहुंचकर परिवार के लोगों को हरसंभव मदद का भरोसा दिया।
साल भर पहले मदरसे में पढ़ाने आए थे मुफ्ती शान
लखीमपुर खीरी जनपद के निघासन थाना क्षेत्र के बुद्धि का पुरवा निवासी मुफ्ती शान करीब दो साल पहले जिले में आए थे। वह पहले दूसरे मदरसे में पढ़ाते थे। करीब एक साल पहले दारापुर मदरसे में पढ़ाने के साथ ही व्यवस्था देखा करते थे। उनके मौत की खबर मिलने पर निघासन निवासी साथी हाफिज शफीकुर्रहमान अस्पताल पहुंचे। परिवार वालों को घटना की जानकारी दी। पुलिस प्रशासन की ओर से मुफ्ती शान के शव को उनके घर पहुंचाने की व्यवस्था की गई।
हेलमेट पहने होते तो सिर में न आती गंभीर चोटें
हाईवे पर बाइक से सफर के दौरान तीनों ने हेलमेट नहीं लगा रखा था। तीनों के सिर व चेहरे पर गंभीर व चोटें आईं थी। केवल फरहाद के सिर व सीने में चोट थी। लोगों का कहना था कि यदि हेलमेट लगाए होते तो उनकी जान बच सकती थी। हादसे के दौरान गंभीर चोट न आती।
शाबान के पिता और भाइयों का है इंतजार
नगर कोतवाली के सरायवीरभद्र छत्ता का पुरवा निवासी शाबान के पिता रोडवेज में बस चालक हैं। वह बस लेकर दिल्ली गए थे। बड़ा भाई सेना में हैं। उनके आने के बाद ही शव को सुपुर्दे खाक किया जाएगा। छोटे भाई व परिवार के अन्य सदस्यों का रो-रोकर बुरा हाल रहा। शाबान ने करीब एक साल पहले मदरसे में दाखिला लिया था। इसके पहले कंजा मदरसे में पढ़ता था। पढने में शाबान काफी तेज था। वह हाफिज ए कुरान की पढ़ाई मदरसे में रहकर कर रहा था।
मुंबई से अब्बू के आने के बाद फरहाद की होगी मिट्टी
विश्वनाथगंज। रानीगंज थाना क्षेत्र के नरसिंहगढ़ निवासी फरहाद ने भी एक साल पहले दाखिला लिया था। पढने में तेज होने के कारण पंद्रह पारा की पढ़ाई पूरी कर ली थी। फरहाद के पिता अबरार मुंबई में टैक्सी चलाते हैं। खबर मिलने के बाद वह ट्रेन पकडक़र घर के लिए रवाना हो गए। उनके आने के बाद ही मिट्टी होगी। फरहाद अपने परिवार का दुलारा था।
मौत खींच ले गई मदरसा, किसी को नहीं हो रहा था यकीन
मुफ्ती समेत दोनों बच्चों की हादसे में मौत का कोई यकीन ही नहीं कर रहा था। शनिवार को मुफ्ती शान, शाबान व फरहाद दिन भर सरायवीरभद्र छत्ता का पुरवा व दूसरे गांवों में चंदे के रूप में अनाज की वसूली कर रहे थे। परिवार के लोगों ने शबान व मुफ्ती को रात में रुकने के लिए कहा था लेकिन वे नहीं माने। सभी मदरसा चले गए।
तबियत खराब होने के बाद बच्चों को लेकर मुफ्ती शान शहर की ओर चल पड़े। पहले तीनों दूसरे रास्ते से आने के लिए निकले लेकिन बाद में रामफल की इनारी होकर शहर आ रहे थे। तीनों को मौत खींचकर विश्वनाथगंज के मानधाता मोड़ ले आई।
जमीयत की ओर से दी गई आर्थिक मदद
लखीमपुर खीरी के मुफ्ती शान मोहम्मद की हादसे में मौत के बाद बड़ी संख्या में दीनी तालीम से जुड़े लोग अस्पताल पहुंच गए। जमीयत उलमाए हिन्द के महासचिव मौलाना अब्दुल्लास ने मुफ्ती के परिजनों की आर्थिक मदद को कदम आगे बढ़ाया। जिला पंचायत सदस्य आरिफ समेत प्रधान व दूसरे लोगों ने करीब 35 हजार रुपये एकत्र कर जनाजे के साथ लखीमपुर खीरी भेजा।
जमीयत की ओर से परिवार के लोगों को खत भी भेजा गया और हर संभव मदद का भरोसा दिलाया गया। मदरसे के दो शिक्षकों के साथ ही मुफ्ती शान के पड़ोसी शफीकुर्रमान को भी एंबुलेंस से भेजा गया।

मृतक फरहाद। फाइल फोटो- फोटो : PRATAPGARH

मृतक शान मोहम्मद। फाइल फोटो- फोटो : PRATAPGARH

विश्वनाथगंज में सड़क हादसे में मृत छात्र के बिलखते परिजन।- फोटो : PRATAPGARH

वश्विनाथगंज में मानधाता मोड़ पर सड़क हादसे में मृतकों के पोस्टमार्टम के दौरान जुटी भीड़।- फोटो : PRATAPGARH

विश्वनाथगंज के मानधाता मोड़ पर डम्फर की चपेट में आयी बाइक।- फोटो : PRATAPGARH