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Pratapgarh: अब बैंक की 'सखी' बनेंगी गांव की महिलाएं
Fri, 19 Jun 2020 05:57 PM IST
विनोद सिंह
अमर उजाना ब्यूरा, न्यूज डेस्क, प्रतापगढ़
अमर उजाना ब्यूरा, न्यूज डेस्क, प्रतापगढ़
Published by: विनोद सिंह
Updated Fri, 19 Jun 2020 05:57 PM IST
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बैंक में महिलाएं
- फोटो : अमर उजाला
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बैंक और गांव के लोगों के बीच की दूरी कम करने के लिए जिले के प्रत्येक गांव में बैंकिंग सेवाओं के लिए सखी का चयन किया जाएगा। यह बैंक और गांव की दूरी कम करके महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में प्रयास करेंगी। इस योजना में स्वयं सहायता समूह की महिलाएं ही सखी बन सकेंगी।
गांव की महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए केंद्र सरकार ने आत्म निर्भर भारत अभियान योजना प्रारंभ की है। गांव-गांव में गठित होने वाले महिला स्वयं सहायता समूहों को मजबूती देने के लिए समूह की ही एक महिला को प्रत्येक ग्राम पंचायत में बीसी सखी बनाया जाएगा।
गांव की महिलाओं तक नई योजनाओं की जानकारी देने और डिजिटल ट्रांजेक्शन को बढ़ावा देने के लिए यह नया प्रयोग किया जा रहा है। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन योजना के तहत गांव-गांव में स्वयं सहायता समूहों का गठन किया गया है।
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मगर बैंकों की अनदेखी के चलते वह कामयाबी नहीं मिल पा रही है, जिसकी उम्मीद की गई है। जिला समन्वयक ओपी यादव ने बताया कि सभी ग्राम पंचायतों में एक-एक महिलाओं को सखी बनाया जाएगा। यह रोजगार सृजन की दिशा में कदम उठाते हुए ऋण मुहैया कराने में मदद करेंगी।
गांव की महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए केंद्र सरकार ने आत्म निर्भर भारत अभियान योजना प्रारंभ की है। गांव-गांव में गठित होने वाले महिला स्वयं सहायता समूहों को मजबूती देने के लिए समूह की ही एक महिला को प्रत्येक ग्राम पंचायत में बीसी सखी बनाया जाएगा।
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गांव की महिलाओं तक नई योजनाओं की जानकारी देने और डिजिटल ट्रांजेक्शन को बढ़ावा देने के लिए यह नया प्रयोग किया जा रहा है। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन योजना के तहत गांव-गांव में स्वयं सहायता समूहों का गठन किया गया है।
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मगर बैंकों की अनदेखी के चलते वह कामयाबी नहीं मिल पा रही है, जिसकी उम्मीद की गई है। जिला समन्वयक ओपी यादव ने बताया कि सभी ग्राम पंचायतों में एक-एक महिलाओं को सखी बनाया जाएगा। यह रोजगार सृजन की दिशा में कदम उठाते हुए ऋण मुहैया कराने में मदद करेंगी।