प्रतापगढ़ : गैंगस्टर विकास सिंह के घर एनआईए की टीम ने मारा छापा, आधी रात टीम पहुंची बेल्हा
जिले के गैंगस्टर शातिर बदमाश विकास सिंह के घर पर मंगलवार भोर में एनआईए (राष्ट्रीय जांच एजेंसी) की टीम ने छापा मारा। परिवार के लोगों से करीब एक घंटे तक पूछताछ के बाद टीम वापस लौटी।
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जिले के गैंगस्टर शातिर बदमाश विकास सिंह के घर पर मंगलवार भोर में एनआईए (राष्ट्रीय जांच एजेंसी) की टीम ने छापा मारा। परिवार के लोगों से करीब एक घंटे तक पूछताछ के बाद टीम वापस लौटी। इस कार्रवाई के पीछे माना जा रहा है कि हथियारों व ड्रग्स के तस्कर लॉरेंस विश्नोई व नीरज बवाना से विकास के तार जुड़े हैं। हालांकि मौजूदा समय में गैंगस्टर विकास सिंह मेरठ जेल में निरुद्ध है।
नगर कोतवाली के गोड़े निवासी गैंगस्टर विकास सिंह के खिलाफ बेल्हा के अलावा जौनपुर, सुलतानपुर, प्रयागराज व अमेठी में हत्या, लूट, रंगदारी समेत अन्य 28 आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं। मेरठ जेल में निरुद्ध विकास सिंह से परिवार के लोगों ने भी दूरी बना रखी है।
सोमवार की आधी रात एनआईए की टीम बेल्हा पहुंची। सूत्रों के अनुसार पुलिस अफसरों से बातचीत के बाद पुलिस बल की मांग की। रात में ही कोतवाली पुलिस ने टीम को पुलिस बल मुहैया करा दिया। मंगलवार भोर में करीब चार बजे एनआईए की टीम नगर कोतवाली के गोड़े गांव पहुंची। जहां शातिर बदमाश व गैंगस्टर विकास सिंह के घर पर छापा मारा। घर पर ताला बंद देख सो रहे आसपास के लोगों के अलावा परिवार वालों को उठाकर पूछताछ की। परिवार के लोगों ने बताया कि विकास के माता-पिता गंगा स्नान व देवालयों का दर्शन पूजन करने निकले हैं। अभी तक वापस नहीं लौटे।
परिवार के अन्य सदस्यों के बारे में पूछताछ के साथ ही वह कब से घर नहीं आया। उसके करीबी दोस्तों में कौन लोग हैं। रिश्तेदारियां कहां-कहां हैं। करीब आधे घंटे तक जानकारी करने के बाद टीम लौट गई। अचानक गोड़े में एनआईए के छापा मारने से जिले में खलबली मची रही। हर कोई कार्रवाई की हकीकत तक जानने को बेताब रहा। पुलिस अधीक्षक सतपाल अंतिल ने बताया कि बाहर से टीम आई थी। जिसकी डिमांड पर पुलिस बल भेजा गया था।
मेरठ जेल में विकास से नीरज बवाना व लॉरेंस विश्नोई से मुलाकात की जताई जा रही आशंका
गैंगस्टर विकास सिंह के ऊपर 28 मुकदमे दर्ज हैं। चिलबिला के व्यापारियों से रंगदारी के बाद अधिवक्ता राजदत्त मिश्रा की हत्या में विकास का नाम आया। जिसके बाद उसे जिले की पुलिस के अलावा एसटीएफ भी खोजने लगी थी। तत्कालीन एसओजी प्रभारी श्रीनिवास यादव ने मिर्जापुर से विकास सिंह को दबोचकर जेल भेजा था। कुछ दिनों बाद नैनी जेल भेज गया। जहां से लगातार विकास सिंह की जेल बदली जाती रही। अब तक जौनपुर, हमीरपुर, सुलतानपुर, आगरा जेल के बाद उसे मेरठ जेल में रखा गया है। सूत्रों के अनुसार मेरठ जेल में गैंगस्टर नीरज बवाना और लॉरेंस विश्नोई भी बंद थे। संभावना है कि इस दौरान विकास से उनकी मुलाकात हुई होगी।