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शुरू के दस प्रश्न नहीं हल कर सके अधिकांश छात्र
अमर उजाला ब्यूरो, प्रतापगढ़
Updated Sun, 12 Jul 2015 11:52 PM IST
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जिला प्रशासन की पहल पर इंटरमीडिएट के मेधावी गरीब छात्रों को नि:शुल्क कोचिंग सुविधा देने के लिए रविवार को दिशा फाउंडेशन द्वारा कराई गई स्क्रीनिंग परीक्षा में अभ्यर्थी शुरू के दस प्रश्न भी हल नहीं कर सके। शिक्षकों की लापरवाही से दिनोंदिन गिरती शैक्षिक गुणवत्ता से नाराज डीएम ने शुरू के दस प्रश्न न करने वाले अभ्यर्थियों के विद्यालयों के संबंधित विषयों के शिक्षकों को नोटिस देने का निर्देश जारी कर दिया है।
खास बात यह है कि इन अभ्यर्थियों की दोबारा परीक्षा कराई जाएगी और स्थिति यदि यही रही तो संबंधित विद्यालयों के शिक्षकों के खिलाफ निलंबन की कार्रवाई की जाएगी। कक्षा 12 में अध्ययनरत मेधावी गरीब छात्रों की रविवार को जिले के सभी तहसील मुख्यालयों पर स्क्रीनिंग परीक्षा कराई गई। जिला प्रशासन इस परीक्षा में पास होने वाले बच्चों को सरकारी खर्च से आईएएस, पीसीएस, मेडिकल, इंजीनियरिंग जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कराएगा।
परीक्षा में कुल 32 विद्यालयों के 1654 छात्र-छात्राएं शामिल हुए। डीएम अमृत त्रिपाठी के निर्देश पर 50 अंकों का प्रश्न पत्र तैयार किया गया था। जिलाधिकारी ने प्रश्नपत्र खुद अपनी देखरेख में तैयार कराया था। परीक्षा में शुरू के दस प्रश्रों को हल करना अनिवार्य था। इन दस प्रश्नों को हल न करने वाले अभ्यर्थियों की कापियां नहीं जांची जाएंगी। परीक्षा के बाद पता चला है कि अधिकांश छात्र-छात्राएं शुरू के दस प्रश्र नहीं कर पाए। डीएम ने इन छात्रों के विद्यालयों के संबंधित विषयों के शिक्षकों को नोटिस देने का आदेश दिया है।
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परीक्षा शहर के जीआईसी, रामराम इंटर कालेज पट्टी, एसपी इंटर कालेज कुंडा, रामअजोर इंटर कालेज लालगंज, स्वामी करपात्री इंटर कालेज रानीगंज में संपन्न हुई। इन परीक्षा केंद्रों पर जिला स्तरीय अधिकारियों की स्टैटिक मजिस्ट्रेट के रूप में तैनाती की गई थी। परीक्षा संपन्न होने के बाद कापियां जिला पंचायत में जमा कराई गईं। कापियों के मूल्यांकन के बाद 18 जुलाई को साक्षात्कार के माध्यम से छात्रों का चयन किया जाएगा। 20 जुलाई को चयनित छात्रों की सूची जारी की जाएगी।
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खास बात यह है कि इन अभ्यर्थियों की दोबारा परीक्षा कराई जाएगी और स्थिति यदि यही रही तो संबंधित विद्यालयों के शिक्षकों के खिलाफ निलंबन की कार्रवाई की जाएगी। कक्षा 12 में अध्ययनरत मेधावी गरीब छात्रों की रविवार को जिले के सभी तहसील मुख्यालयों पर स्क्रीनिंग परीक्षा कराई गई। जिला प्रशासन इस परीक्षा में पास होने वाले बच्चों को सरकारी खर्च से आईएएस, पीसीएस, मेडिकल, इंजीनियरिंग जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कराएगा।
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परीक्षा में कुल 32 विद्यालयों के 1654 छात्र-छात्राएं शामिल हुए। डीएम अमृत त्रिपाठी के निर्देश पर 50 अंकों का प्रश्न पत्र तैयार किया गया था। जिलाधिकारी ने प्रश्नपत्र खुद अपनी देखरेख में तैयार कराया था। परीक्षा में शुरू के दस प्रश्रों को हल करना अनिवार्य था। इन दस प्रश्नों को हल न करने वाले अभ्यर्थियों की कापियां नहीं जांची जाएंगी। परीक्षा के बाद पता चला है कि अधिकांश छात्र-छात्राएं शुरू के दस प्रश्र नहीं कर पाए। डीएम ने इन छात्रों के विद्यालयों के संबंधित विषयों के शिक्षकों को नोटिस देने का आदेश दिया है।
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परीक्षा शहर के जीआईसी, रामराम इंटर कालेज पट्टी, एसपी इंटर कालेज कुंडा, रामअजोर इंटर कालेज लालगंज, स्वामी करपात्री इंटर कालेज रानीगंज में संपन्न हुई। इन परीक्षा केंद्रों पर जिला स्तरीय अधिकारियों की स्टैटिक मजिस्ट्रेट के रूप में तैनाती की गई थी। परीक्षा संपन्न होने के बाद कापियां जिला पंचायत में जमा कराई गईं। कापियों के मूल्यांकन के बाद 18 जुलाई को साक्षात्कार के माध्यम से छात्रों का चयन किया जाएगा। 20 जुलाई को चयनित छात्रों की सूची जारी की जाएगी।