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प्रतापगढ़ में वाशिंग लाइन का प्रस्ताव जीएम ने ठुकराया
अमर उजाला ब्यूरो, प्रतापगढ़
Updated Wed, 08 Jul 2015 11:50 PM IST
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प्रतापगढ़ रेलवे स्टेशन पर बनने वाली वाशिंग लाइन के निर्माण को मंजूरी नहीं मिल पाई है। रेल महाप्रबंधक नार्दर्न रेलवे नई दिल्ली ने वाशिंग लाइन से संबंधित भेजे गए प्रस्ताव को फिलहाल ठुकरा दिया है। यह प्रस्ताव डीआरएम लखनऊ ने जीएम के पास भेजा था। नामंजूरी से लोगों को झटका लगा है। एक दशक से चल रही वाशिंग लाइन बनने की कवायद पर विराम लग गया है। इसको अमलीजामा पहनाए जाने से पहले ही उच्चाधिकारियों ने इस पर रोक लगा दी। डीआरएम कार्यालय लखनऊ से मिली जानकारी के अनुसार डीआरएम ने वाशिंग लाइन बनाने का प्रस्ताव जीएम के पास भेजा था। पता चला है कि जीएम ने उस प्रस्ताव को लौटा दिया।
किन कारणों से ऐसा हुआ, इसकी जानकारी नहीं हो पाई है। सूत्रों की मानें तो बड़ी मशक्कत और कोशिशों के बाद डीआरएम कार्यालय प्रतापगढ़ स्टेशन पर वाशिंग लाइन के लिए तैयार हुआ। वर्ष 2015-16 के वित्तीय वर्ष में इसको शामिल करने के लिए बाकायदा अधिकारियों से इसका प्रस्ताव किया और अनुमोदन के लिए फाइल रेल महाप्रबंधक नार्दर्न रेलवे के पास भेजी गई थी। मगर उसको नामंजूर कर दिया गया। यह प्रतापगढ़ रेलवे स्टेशन का दुर्भाग्य नहीं तो और क्या है। जब भी यहां पर विकास की बात आई, कोई न कोई बाधा जरूर सामने आई है। बता दें कि अमर उजाला में वाशिंग लाइन से आने वाली समस्या की खबर छपने के बाद यह सत्य उजागिर हो पाया।
सूत्रों की मानें तो वाशिंग लाइन के निर्माण में करीब पांच करोड़ रुपये का खर्च आता। निर्माण रेलवे की कार्यदायी संस्था करवाती है। डीआरएम के पास भी वाशिंग लाइन बनाने का पॉवर है। मगर वह बजट पर निर्भर करता है। प्रतापगढ़ का बजट डीआरएम के पावर से अधिक था। इसीलिए अनुमोदन के लिए फाइल जीएम के पास गई थी।
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किन कारणों से ऐसा हुआ, इसकी जानकारी नहीं हो पाई है। सूत्रों की मानें तो बड़ी मशक्कत और कोशिशों के बाद डीआरएम कार्यालय प्रतापगढ़ स्टेशन पर वाशिंग लाइन के लिए तैयार हुआ। वर्ष 2015-16 के वित्तीय वर्ष में इसको शामिल करने के लिए बाकायदा अधिकारियों से इसका प्रस्ताव किया और अनुमोदन के लिए फाइल रेल महाप्रबंधक नार्दर्न रेलवे के पास भेजी गई थी। मगर उसको नामंजूर कर दिया गया। यह प्रतापगढ़ रेलवे स्टेशन का दुर्भाग्य नहीं तो और क्या है। जब भी यहां पर विकास की बात आई, कोई न कोई बाधा जरूर सामने आई है। बता दें कि अमर उजाला में वाशिंग लाइन से आने वाली समस्या की खबर छपने के बाद यह सत्य उजागिर हो पाया।
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सूत्रों की मानें तो वाशिंग लाइन के निर्माण में करीब पांच करोड़ रुपये का खर्च आता। निर्माण रेलवे की कार्यदायी संस्था करवाती है। डीआरएम के पास भी वाशिंग लाइन बनाने का पॉवर है। मगर वह बजट पर निर्भर करता है। प्रतापगढ़ का बजट डीआरएम के पावर से अधिक था। इसीलिए अनुमोदन के लिए फाइल जीएम के पास गई थी।
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