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लेखपाल घर-घर पहुंचकर दर्ज करेंगे वरासत
अमर उजाला ब्यूरो प्रतापगढ़
Updated Sat, 20 Feb 2016 11:34 PM IST
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जिलाधिकारी डॉ. आदर्श सिंह ने कहा है कि लेखपाल स्वयं को अपने क्षेत्र का कलेक्टर समझें। उन्होंने कहा कि आम लोगों की समस्याओं को उनके घर पहुंचकर निस्तारित करना प्रत्येक लेखपाल का मुख्य कार्य है। उन्होंने 22-27 फरवरी के बीच घर-घर जाकर वरासत दर्ज करने को कहा है।
राजस्व संहिता की मूल धाराओं से अवगत कराने के लिए शनिवार को हादीहाल में कार्यशाला का आयोजन किया गया। जिले के सभी एसडीएम, तहसीलदार, कानूनगो, लेखपालों की मौजूदगी में डीजीसी विवेक उपाध्याय, सीआरओ राम सिंह और एडीएम पुनीत शुक्ला ने विस्तृत जानकारी दी। डीएम ने राजस्व विभाग के कर्मचारियों से आम आदमी बीमा योजना और कृषक दुर्घटना बीमा योजना की जानकारी गांव के किसानों को देने को कहा।
उन्होंने कहा कि कृषक दुर्घटना बीमा योजना में किसानों की मौत पर पांच लाख रुपये की आर्थिक मदद और आम आदमी बीमा योजना के तहत स्वाभाविक मृत्यु पर तीस हजार, दुर्घटना से मौत होने पर 75 हजार रुपये की आर्थिक मदद दी जाती है। उन्होंने किसानों को जागरूक करने और योजनाओं से लाभान्वित करने को कहा है। डीएम ने राजस्व कर्मियों की परीक्षा भी ली, मगर परिणाम बाद में जारी करने की बात कही है।
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राजस्व संहिता की मूल धाराओं से अवगत कराने के लिए शनिवार को हादीहाल में कार्यशाला का आयोजन किया गया। जिले के सभी एसडीएम, तहसीलदार, कानूनगो, लेखपालों की मौजूदगी में डीजीसी विवेक उपाध्याय, सीआरओ राम सिंह और एडीएम पुनीत शुक्ला ने विस्तृत जानकारी दी। डीएम ने राजस्व विभाग के कर्मचारियों से आम आदमी बीमा योजना और कृषक दुर्घटना बीमा योजना की जानकारी गांव के किसानों को देने को कहा।
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उन्होंने कहा कि कृषक दुर्घटना बीमा योजना में किसानों की मौत पर पांच लाख रुपये की आर्थिक मदद और आम आदमी बीमा योजना के तहत स्वाभाविक मृत्यु पर तीस हजार, दुर्घटना से मौत होने पर 75 हजार रुपये की आर्थिक मदद दी जाती है। उन्होंने किसानों को जागरूक करने और योजनाओं से लाभान्वित करने को कहा है। डीएम ने राजस्व कर्मियों की परीक्षा भी ली, मगर परिणाम बाद में जारी करने की बात कही है।
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