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570 हेक्टेअर में लगाए जाएंगे तीन लाख 70 हजार पौधे
अमर उजाला ब्यूरो, प्रतापगढ़
Updated Tue, 30 Jun 2015 11:59 PM IST
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हाइवे निर्माण में उजड़ी हरियाली को फिर से लाने के लिए प्रशासन ने कदम बढ़ा दिया है। जिले के 570 हेक्टेअर जमीन पर पौधरोपण का प्रयास शुरू हो गया है। इस भूमि पर करीब तीन लाख 70 हजार से भी अधिक पौधे रोपित किए जाएंगे। उम्मीद है कि इसमें से आधे पौधे भी वृक्ष बनकर तैयार हो गए तो कटे पेड़ों की कमी पूरी हो जाएगी। पौधरोपण के काम में सक्रियता लाने के लिए सीडीओ ने वन विभाग को पत्र लिखा है।
जिले में विशालकाय पुराने वृक्षों की संख्या घटती ही जा रही है। सक्रिय लकड़हारे बेरोकटोक पेड़ों को काट रहे हैं। उनके कुल्हाड़े की धार कुंद कर पाने में विभाग को पसीना छूट रहा है। लकड़हारों को तो अधिकारी रोक नहीं पा रहे, हाइवे निर्माण में भी 11000 वृक्षों को काट दिया गया। इससे जिले की हरियाली बढ़ने के बजाय घटती ही जा रही है। मंगलवार के अंक में अमर उजाला हाइवे निर्माण से कटे वृक्षों की वजह से घटी हरियाली की बाबत प्रमुखता से खबर प्रकाशित की। इसके बाद पौधरोपण को लेकर प्रशासन हरकत में आ गया। बताते चलें कि जिले में लगभग 570 हेक्टेअर जमीन पर कुल तीन लाख 70 हजार 500 पौधे रोपित किए जाने हैं।
इसमें 168 हेक्टेअर जमीन पर एक लाख नौ हजार 200 पौधे अकेले वन ॉभिाग को रोपित कराना है। बाकी के क्षेत्र में बचे हुए पौधों का रोपण विकास सिंचाई, कृषि, पीडब्लूडी जैसे अन्य विभाग कराएंगे। खबर को देख हरकत में आए सीडीओ ने पौधरोपण के काम में सक्रियता लाने के लिए वन विभाग को निर्देश दिया है। कहा है कि बारिश शुरू हो गई है। यथा शीघ्र पौधों की रोपाई का काम चालू करा दिया जाए। उन्होंने कहा है कि पौधरोपण की मानीटरिंग वह खुद करेंगे। इस काम में तनिक भी उदासीनता पाए जाने पर कार्रवाई के लिए पत्र डीएम और शासन को लिखा जाएगा। डीएफओ वाईपी शुक्ल ने बताया कि पौधरोपण को लेकर विभाग सक्रिय है। परमीशन के बगैर कोई पेड़ नहीं कटा। जहां पर ऐसी शिकायतें आईं, वहां पेड़ कटवाने वालों के खिलाफ कार्रवाई भी हुई है।
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जिले में विशालकाय पुराने वृक्षों की संख्या घटती ही जा रही है। सक्रिय लकड़हारे बेरोकटोक पेड़ों को काट रहे हैं। उनके कुल्हाड़े की धार कुंद कर पाने में विभाग को पसीना छूट रहा है। लकड़हारों को तो अधिकारी रोक नहीं पा रहे, हाइवे निर्माण में भी 11000 वृक्षों को काट दिया गया। इससे जिले की हरियाली बढ़ने के बजाय घटती ही जा रही है। मंगलवार के अंक में अमर उजाला हाइवे निर्माण से कटे वृक्षों की वजह से घटी हरियाली की बाबत प्रमुखता से खबर प्रकाशित की। इसके बाद पौधरोपण को लेकर प्रशासन हरकत में आ गया। बताते चलें कि जिले में लगभग 570 हेक्टेअर जमीन पर कुल तीन लाख 70 हजार 500 पौधे रोपित किए जाने हैं।
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इसमें 168 हेक्टेअर जमीन पर एक लाख नौ हजार 200 पौधे अकेले वन ॉभिाग को रोपित कराना है। बाकी के क्षेत्र में बचे हुए पौधों का रोपण विकास सिंचाई, कृषि, पीडब्लूडी जैसे अन्य विभाग कराएंगे। खबर को देख हरकत में आए सीडीओ ने पौधरोपण के काम में सक्रियता लाने के लिए वन विभाग को निर्देश दिया है। कहा है कि बारिश शुरू हो गई है। यथा शीघ्र पौधों की रोपाई का काम चालू करा दिया जाए। उन्होंने कहा है कि पौधरोपण की मानीटरिंग वह खुद करेंगे। इस काम में तनिक भी उदासीनता पाए जाने पर कार्रवाई के लिए पत्र डीएम और शासन को लिखा जाएगा। डीएफओ वाईपी शुक्ल ने बताया कि पौधरोपण को लेकर विभाग सक्रिय है। परमीशन के बगैर कोई पेड़ नहीं कटा। जहां पर ऐसी शिकायतें आईं, वहां पेड़ कटवाने वालों के खिलाफ कार्रवाई भी हुई है।
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