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प्रतापगढ़ से दौड़ेंगी इलेक्ट्रिक ट्रेनें
अमर उजाला ब्यूरो प्रतापगढ़
Updated Thu, 04 Feb 2016 10:55 PM IST
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अगर सब कुछ ठीक रहा तो आने वाले दिनों में प्रतापगढ़ से भी इलेक्ट्रिक ट्रेनें दौड़ेंगी। रेलमंत्री की घोषणा के बाद जिम्मेदार इसको अमली जामा पहनाने में जुट गए हैं। पावर सब स्टेशन के लिए अधिकारियों ने पृथ्वीगंज रेलवे स्टेशन के पास जमीन की तलाश शुरू कर दी है।
रेलमंत्री की घोषणा के बाद जंघई से रायबरेली (वाया प्रतापगढ़, अमेठी) के बीच विद्युतीकरण की मंजूर मिलने के बाद रेलवे ने इस दिशा में प्रयास तेज कर दिया है। चूंकि ट्रेन बिजली से चलेगी इसके लिए विद्युत सबस्टेशन की स्थापना किया जाना आवश्यक है। करोड़ों की परियोजना की मंत्रालय से हरी झंडी मिलने के बाद रेलवे के अधिकारियों ने विद्युत सबस्टेशन के निर्माण के लिए जमीन तलाशना शुरू कर दिया है। इसकी जिम्मेदार प्रतापगढ़ के एसएससी इलेक्ट्रिक संजय यादव को दी गई है। सब स्टेशन के लिए पृथ्वीगंज रेलवे स्टेशन के पास जमीन की तलाश की जा रही है। अगर अधिकारियों को जमीन पसंद आ गई तो सबस्टेशन का काम जल्द शुरू करा दिया जाएगा। सूत्रों की मानें तो दो तीन साल में इस रूट पर बिजली की ट्रेनों का संचालन शुरू होने की उम्मीद जताई जा रही है।
बता दें कि अभी तक यह रूट विद्युतीकरण की योजना से वंचित था। हालांकि लखनऊ-वाराणसी मेन लाइन होने के बाद भी इस रूट पर केवल डीजल इंजन वाली ही ट्रेनें दौड़ाई जा रही हैं। लखनऊ साइड से रायबरेली और वाराणसी साइड से जंघई के बाद विद्युतीकरण किया गया है। इस रूट पर इलेक्ट्रिक ट्रेनें चल रही हैं। केवल इन दोनों स्टेशनों के बीच का इलाका विद्युतीकरण से वंचित रह गया है। अब ये दोनों स्टेशन भी विद्युतीकरण परियोजना से जुड़ने जा रहे हैं।
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सबस्टेशन के निर्माण के लिए करीब दो विस्वा जमीन की जरूरत पड़ेगी। प्रतापगढ़ में भी जमीन की तलाश की गई। मगर स्टेशन के इर्द-गिर्द ऐसी जमीन नहीं मिल पाई है। फिलहाल यहां पर प्रयास जारी है। पृथ्वीगंज स्टेशन के पास अधिकारियों ने एक जमीन तलाशी है। अगर सुविधा के अनुसार यह जमीन अधिकारियों को जंच गई तो सब स्टेशन का निर्माण शुरू करा दिया जाएगा।
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रेलमंत्री की घोषणा के बाद जंघई से रायबरेली (वाया प्रतापगढ़, अमेठी) के बीच विद्युतीकरण की मंजूर मिलने के बाद रेलवे ने इस दिशा में प्रयास तेज कर दिया है। चूंकि ट्रेन बिजली से चलेगी इसके लिए विद्युत सबस्टेशन की स्थापना किया जाना आवश्यक है। करोड़ों की परियोजना की मंत्रालय से हरी झंडी मिलने के बाद रेलवे के अधिकारियों ने विद्युत सबस्टेशन के निर्माण के लिए जमीन तलाशना शुरू कर दिया है। इसकी जिम्मेदार प्रतापगढ़ के एसएससी इलेक्ट्रिक संजय यादव को दी गई है। सब स्टेशन के लिए पृथ्वीगंज रेलवे स्टेशन के पास जमीन की तलाश की जा रही है। अगर अधिकारियों को जमीन पसंद आ गई तो सबस्टेशन का काम जल्द शुरू करा दिया जाएगा। सूत्रों की मानें तो दो तीन साल में इस रूट पर बिजली की ट्रेनों का संचालन शुरू होने की उम्मीद जताई जा रही है।
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बता दें कि अभी तक यह रूट विद्युतीकरण की योजना से वंचित था। हालांकि लखनऊ-वाराणसी मेन लाइन होने के बाद भी इस रूट पर केवल डीजल इंजन वाली ही ट्रेनें दौड़ाई जा रही हैं। लखनऊ साइड से रायबरेली और वाराणसी साइड से जंघई के बाद विद्युतीकरण किया गया है। इस रूट पर इलेक्ट्रिक ट्रेनें चल रही हैं। केवल इन दोनों स्टेशनों के बीच का इलाका विद्युतीकरण से वंचित रह गया है। अब ये दोनों स्टेशन भी विद्युतीकरण परियोजना से जुड़ने जा रहे हैं।
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सबस्टेशन के निर्माण के लिए करीब दो विस्वा जमीन की जरूरत पड़ेगी। प्रतापगढ़ में भी जमीन की तलाश की गई। मगर स्टेशन के इर्द-गिर्द ऐसी जमीन नहीं मिल पाई है। फिलहाल यहां पर प्रयास जारी है। पृथ्वीगंज स्टेशन के पास अधिकारियों ने एक जमीन तलाशी है। अगर सुविधा के अनुसार यह जमीन अधिकारियों को जंच गई तो सब स्टेशन का निर्माण शुरू करा दिया जाएगा।