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जुर्माने के बाद भी बिना आईडी आरक्षित कोच में नहीं कर पाएंगे सफर
अमर उजाला ब्यूरो प्रतापगढ़
Updated Wed, 03 Feb 2016 11:20 PM IST
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जनरल टिकट लेकर आरक्षित बोगियों में घुसकर जुर्माना कटवाने के बाद सफर करने वाले यात्रियों की अब आईडी चेक की जाएगी। केवल जुर्माने की राशि अदा करने के बाद ही उन्हें आरक्षित बोगियों में सफर नहीं करने दिया जाएगा। अगर आईडी नहीं तो ऐसे लोगों को जुर्माना भरने के बाद भी कोचों से बाहर कर दिया जाएगा। ट्रेनों में बढ़ रही घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए रेलवे ने उच्च श्रेणी में अनाधिकृत रूप से मिले यात्रियों का भी ब्यौरा एकत्र करने के लिए नियम में संशोधन किया है।
नियम के मुतबिक जनरल टिकट लेकर स्लीपर या एसी कोच में घुसे यात्रियों को अनाधिकृत माना जाता है। पकड़े जाने पर चेकिंग स्टाफ उनसे किराया और जुर्माना वसूलकर उनका टिकट बना देता है। लेकिन अब आईडी नहीं होने पर ऐसे पैंसेजर की मुश्किलें बढ़ सकती हैं । टीटीई अनाधिकृत यात्री को जो रसीद देता है उसमें केवल उस यात्री का नाम लिखा जाता है। उसके अलावा कुछ भी नहीं लिखा जाता है। अगर ट्रेन में कोई वारदात हो गई तो आरक्षित यात्रियों का तो पता ठिकाना मिल जाता है, मगर जुर्माना भरकर प्रवेश पाए यात्री के नाम के अलावा और कुछ भी रिकॉर्ड के तौर पर रेलवे के पास नहीं रहता है।
इससे निपटने के लिए रेलवे ने नियम में संशोधन करते हुए नया सरर्कुलर जारी किया है। इसके अनुसार अब अनारिक्षत मुसाफिरों को उच्च श्रेणी में तभी सफर की अनुमति मिलेगी जब वे टीटीई स्टाफ को आईडी दिखाएंगे। टीटीई जो रसीद (एफटी) काटेगा उसमें वह उस यात्री का नाम, पता, मोबाइल नंबर इत्यादि दिए हुए कॉलम में भरेगा। एक प्रति यात्री को देगा दूसरी प्रति अपने पास रखेगा। इस बारे में सीआईटी प्रतापगढ़ एसएन पांडेय ने बताया कि सीनियर डीसीएम लखनऊ मंडल कार्यालय में इसकी तैयारी चल रही है। सरकार द्वारा मान्य आईडी पर ही यात्री को उच्च श्रेणी में सफर का लाभ मिलेगा। इसमें पैन कॉर्ड, परिचय पत्र, आधार कॉर्ड और निर्वाचन कार्ड प्रूफ के तौर पर चेकिंग स्टाफ को दिखाना होगा।
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नियम के मुतबिक जनरल टिकट लेकर स्लीपर या एसी कोच में घुसे यात्रियों को अनाधिकृत माना जाता है। पकड़े जाने पर चेकिंग स्टाफ उनसे किराया और जुर्माना वसूलकर उनका टिकट बना देता है। लेकिन अब आईडी नहीं होने पर ऐसे पैंसेजर की मुश्किलें बढ़ सकती हैं । टीटीई अनाधिकृत यात्री को जो रसीद देता है उसमें केवल उस यात्री का नाम लिखा जाता है। उसके अलावा कुछ भी नहीं लिखा जाता है। अगर ट्रेन में कोई वारदात हो गई तो आरक्षित यात्रियों का तो पता ठिकाना मिल जाता है, मगर जुर्माना भरकर प्रवेश पाए यात्री के नाम के अलावा और कुछ भी रिकॉर्ड के तौर पर रेलवे के पास नहीं रहता है।
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इससे निपटने के लिए रेलवे ने नियम में संशोधन करते हुए नया सरर्कुलर जारी किया है। इसके अनुसार अब अनारिक्षत मुसाफिरों को उच्च श्रेणी में तभी सफर की अनुमति मिलेगी जब वे टीटीई स्टाफ को आईडी दिखाएंगे। टीटीई जो रसीद (एफटी) काटेगा उसमें वह उस यात्री का नाम, पता, मोबाइल नंबर इत्यादि दिए हुए कॉलम में भरेगा। एक प्रति यात्री को देगा दूसरी प्रति अपने पास रखेगा। इस बारे में सीआईटी प्रतापगढ़ एसएन पांडेय ने बताया कि सीनियर डीसीएम लखनऊ मंडल कार्यालय में इसकी तैयारी चल रही है। सरकार द्वारा मान्य आईडी पर ही यात्री को उच्च श्रेणी में सफर का लाभ मिलेगा। इसमें पैन कॉर्ड, परिचय पत्र, आधार कॉर्ड और निर्वाचन कार्ड प्रूफ के तौर पर चेकिंग स्टाफ को दिखाना होगा।
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