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वीडीओ को बचाने में जुटा विभाग
अमर उजाला ब्यूरो प्रतापगढ़
Updated Thu, 28 Jan 2016 11:38 PM IST
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अर्जुनपुर ग्राम सभा के वीडीओ ने पांच लाख के पेड़ों को बेच दिया। जिसकी धनराशि ग्रामसभा के खाते में नहीं जमा की गई। ग्रामीणों ने मामले की शिकायत डीडीओ से की तो जांच में सत्यता सामने आई। लेकिन महीनों बीत जाने के बावजूद आरोपी के खिलाफ कोई कार्रवाई नही की गई। मामले की शिकायत ग्रामीणों ने एसडीएम से की है।
लालगंज विकासखंड के अर्जुनपुर गांव में मनरेगा के तहत पौधरोपण किया गया था। जब पेड़ तैयार हो गए तो गांव मं तैनात वीडीओ ने बिना लिखापढ़ी के ही लगभग पांच लाख में पांच सौ पेड़ों को ठेकेदार के हाथ दस माह पूर्व बेच दिया। आननफानन में काटे जा रहे पेड़ों की बाबत जब ग्रामीणों ने ब्लाक मुख्यालय पर शिकायत की तो वीडीओ ने बताया कि उक्त धनराशि ग्राम सभा के खाते में जमा की जाएगी। जिसे गांव के विकास कार्यों में लगाया जाएगा। लेकिन ग्रामीणों को कुछ बात हजम नहीं हुई। जब गांव की सत्ता बदली तो लोगाें ने ग्राम प्रधान आशा देवी के समक्ष मामले को रखकर जांच की मांग उठाई।
प्रधान ने जब पंचायत सेकेटरी से इस बाबत पूछा तो वह कुछ बोलने के बजाए मौन हो गए। उक्त धनराशि का न तो ग्राम सभा के खाते में जिक्र है न ही किसी विकास काम में। प्रधान व ग्रामीणों ने उक्त मामले की शिकायत डीडीओ से की तो उन्होंने जांच में मामला सही पाया। लेकिन पंचायत सेक्रेट्री को फंसता देख वह भी चुप्पी साध लिए। महीनों बीत गया तो ग्रामीणों ने मामले की शिकायत एसडीएम से कर कार्रवाई की मांग की। इस संबंध में एसडीएम वाईबी सिंह का कहना है कि मामला उनके संज्ञान में है। जल्द ही जांच कर आरोपी के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई जाएगी।
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लालगंज विकासखंड के अर्जुनपुर गांव में मनरेगा के तहत पौधरोपण किया गया था। जब पेड़ तैयार हो गए तो गांव मं तैनात वीडीओ ने बिना लिखापढ़ी के ही लगभग पांच लाख में पांच सौ पेड़ों को ठेकेदार के हाथ दस माह पूर्व बेच दिया। आननफानन में काटे जा रहे पेड़ों की बाबत जब ग्रामीणों ने ब्लाक मुख्यालय पर शिकायत की तो वीडीओ ने बताया कि उक्त धनराशि ग्राम सभा के खाते में जमा की जाएगी। जिसे गांव के विकास कार्यों में लगाया जाएगा। लेकिन ग्रामीणों को कुछ बात हजम नहीं हुई। जब गांव की सत्ता बदली तो लोगाें ने ग्राम प्रधान आशा देवी के समक्ष मामले को रखकर जांच की मांग उठाई।
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प्रधान ने जब पंचायत सेकेटरी से इस बाबत पूछा तो वह कुछ बोलने के बजाए मौन हो गए। उक्त धनराशि का न तो ग्राम सभा के खाते में जिक्र है न ही किसी विकास काम में। प्रधान व ग्रामीणों ने उक्त मामले की शिकायत डीडीओ से की तो उन्होंने जांच में मामला सही पाया। लेकिन पंचायत सेक्रेट्री को फंसता देख वह भी चुप्पी साध लिए। महीनों बीत गया तो ग्रामीणों ने मामले की शिकायत एसडीएम से कर कार्रवाई की मांग की। इस संबंध में एसडीएम वाईबी सिंह का कहना है कि मामला उनके संज्ञान में है। जल्द ही जांच कर आरोपी के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई जाएगी।
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