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जश्न-उल्लास से 2016 का आगाज
अमर उजाला ब्यूरो, प्रतापगढ़
Updated Thu, 31 Dec 2015 11:30 PM IST
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खट्टी-मीठी यादों को समेटे हुए वर्ष 2015 इतिहास बन गया। गुजरे हुए लम्हों को वर्ष के आखिर दिने लोगों ने अपनों से खुलकर साझा किया। नए साल की पूर्व संध्या पर वर्ष 2016 का गर्मजोशी से इस्तकबाल हुआ। जैसे ही घड़ी की सुई 12 पर पहुंची कि लोगों ने शोरशराबे के बीच धूमधड़ाका शुरू कर दिया। डीजे की धुन पर युवा थिरकते रहे। नए साल का युवाओं ने जमकर जशभन मनाया। विद्यालयों में कहीं रंगोली बनी तो किसी जगह मानव श्रृंखला बना खुशी का इजहार हुआ।
वर्ष 2015 की विदाई और नए साल के स्वागत का नजारा काफी दिलचस्प रहा। कई दिनों से नए साल के स्वागत की तैयारी में लोग जुटे थे। गुरुवार शाम से नववर्ष को लेकर शहर से ग्रामीण अंचल तक युवा उत्साहित थे। चौराहों, बाजारों में युवा डीजे की धुन पर थिरकते नजर आए। मानो वे बारह बजने का इंतजार कर रहे थे। उधर, विद्यालयों में छात्राओं ने वर्ष 2016 की रंगोली बनाई। रंगोली पर दीप जलाकर उम्मीदों को साकार करने का संकल्प लिया। नए साल का स्वागत में आयोजित रंगारंग कार्यक्रमों में छात्र व छात्राओं ने सपनों का महल बनाया।
उसे सफल बनाने के लिए कार्यक्रम में ही रास्ता भी सुझाया। शिक्षिकाओं ने भी नए वर्ष के स्वागत में कोई कसर नहीं छोड़ी। वर्ष 2016 के रूप में मानव श्रृंखला बना कर छात्रों ने लोगों को बदलाव का जीवंत सीख दिया। श्रृंखला में खड़े बच्चे यह बता रहे थे कि वक्त नहीं खुद को बदलना होगा। स्कूलों में छात्र व छात्राओं ने एक दूसरे को नए साल की शुभकामना दी। शिक्षकों ने भी छात्रों के उज्ज्वल भविष्य की कामना की। जिले के हर सरकारी दफ्तर में एक दूसरे को अधिकारी व कर्मचारी नए साल की बधाई देते दिखाई पड़े।
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वर्ष 2015 की विदाई और नए साल के स्वागत का नजारा काफी दिलचस्प रहा। कई दिनों से नए साल के स्वागत की तैयारी में लोग जुटे थे। गुरुवार शाम से नववर्ष को लेकर शहर से ग्रामीण अंचल तक युवा उत्साहित थे। चौराहों, बाजारों में युवा डीजे की धुन पर थिरकते नजर आए। मानो वे बारह बजने का इंतजार कर रहे थे। उधर, विद्यालयों में छात्राओं ने वर्ष 2016 की रंगोली बनाई। रंगोली पर दीप जलाकर उम्मीदों को साकार करने का संकल्प लिया। नए साल का स्वागत में आयोजित रंगारंग कार्यक्रमों में छात्र व छात्राओं ने सपनों का महल बनाया।
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उसे सफल बनाने के लिए कार्यक्रम में ही रास्ता भी सुझाया। शिक्षिकाओं ने भी नए वर्ष के स्वागत में कोई कसर नहीं छोड़ी। वर्ष 2016 के रूप में मानव श्रृंखला बना कर छात्रों ने लोगों को बदलाव का जीवंत सीख दिया। श्रृंखला में खड़े बच्चे यह बता रहे थे कि वक्त नहीं खुद को बदलना होगा। स्कूलों में छात्र व छात्राओं ने एक दूसरे को नए साल की शुभकामना दी। शिक्षकों ने भी छात्रों के उज्ज्वल भविष्य की कामना की। जिले के हर सरकारी दफ्तर में एक दूसरे को अधिकारी व कर्मचारी नए साल की बधाई देते दिखाई पड़े।
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