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दिनभर भागते रहे डीएम-एसपी
अमर उजाला ब्यूरो, प्रतापगढ़
Updated Tue, 01 Dec 2015 11:39 PM IST
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मंगलवार को दूसरे चरण में हुए मतदान में सुरक्षा और व्यवस्था को लेकर डीएम और एसपी दिनभर भागते रहे। फर्जी वोटिंग और बूथ कैप्चरिंग की लगातार मिल रहीं शिकायतों से अधिकारी परेशान रहे। भारी लाव-लश्कर के साथ चलने वाले अधिकारी
मानधाता ब्लॉक के चक्रव्यूह में ही उलझे रह गए।ू सरे चरण के मतदान में हिंसक वारदात होने के बाद जिला प्रशासन की नींद उड़ गई। सुबह साढे़ आठ बजे डीएम और एसपी का काफिला भुपियामऊ क्रासिंग के पास था। उसी समय पुरैली बूथ पर फायरिंग और बवाल की जानकारी हुई। इस पर दोनों फोर्स के साथ भागकर मौके पर पहुंचे। इसके बाद भी डीएम और एसपी के पास लगातार फर्जी वोटिंग और बूथ कैप्चरिंग की सूचनाएं आती रहीं। सूचना मिलते ही डीएम और एसपी उस बूथ के लिए कूच कर जाते थे।
खरवई और गुडरू में हुई वारदात के बाद दिनभर अफसर मानधाता में ही उलझे रहे। आलम यह रहा कि डीएम और एसपी का काफिला जिधर जाता दूसरी तरफ से घटना होने की खबर आ जाती। डीएम और एसपी के सीयूजी नंबर पर दिनभर काल आती रही। संडवा चंद्रिका के कमालुद्दीनपुर, रसूलपुरगुलरहा, अंतू देहात, पूरबगांव, संडवा चंद्रिका में फर्जी वोटिंग की शिकायतें मिलने पर मातहतों को भेजकर जांच कराते रहे। डीएम और एसपी के काफिला ने कई बार मानधाता से बाहर निकलने का प्रयास किया, मगर फोन पर आने वाली शिकायतों के चलते वह पुन: लौट जाते थे। इससे डीएम अमृत त्रिपाठी और एसपी सुनील कुमार सक्सेना मानधाता के चक्रव्यूह में दिनभर उलझे रह गए। हालांकि, डीएम ने बताया कि मोबाइल पर आने वाली अधिकांश शिकायतें फर्जी थी।
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मानधाता ब्लॉक के चक्रव्यूह में ही उलझे रह गए।ू सरे चरण के मतदान में हिंसक वारदात होने के बाद जिला प्रशासन की नींद उड़ गई। सुबह साढे़ आठ बजे डीएम और एसपी का काफिला भुपियामऊ क्रासिंग के पास था। उसी समय पुरैली बूथ पर फायरिंग और बवाल की जानकारी हुई। इस पर दोनों फोर्स के साथ भागकर मौके पर पहुंचे। इसके बाद भी डीएम और एसपी के पास लगातार फर्जी वोटिंग और बूथ कैप्चरिंग की सूचनाएं आती रहीं। सूचना मिलते ही डीएम और एसपी उस बूथ के लिए कूच कर जाते थे।
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खरवई और गुडरू में हुई वारदात के बाद दिनभर अफसर मानधाता में ही उलझे रहे। आलम यह रहा कि डीएम और एसपी का काफिला जिधर जाता दूसरी तरफ से घटना होने की खबर आ जाती। डीएम और एसपी के सीयूजी नंबर पर दिनभर काल आती रही। संडवा चंद्रिका के कमालुद्दीनपुर, रसूलपुरगुलरहा, अंतू देहात, पूरबगांव, संडवा चंद्रिका में फर्जी वोटिंग की शिकायतें मिलने पर मातहतों को भेजकर जांच कराते रहे। डीएम और एसपी के काफिला ने कई बार मानधाता से बाहर निकलने का प्रयास किया, मगर फोन पर आने वाली शिकायतों के चलते वह पुन: लौट जाते थे। इससे डीएम अमृत त्रिपाठी और एसपी सुनील कुमार सक्सेना मानधाता के चक्रव्यूह में दिनभर उलझे रह गए। हालांकि, डीएम ने बताया कि मोबाइल पर आने वाली अधिकांश शिकायतें फर्जी थी।
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