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पंज प्यारों की अगुवाई में निकली शोभायात्रा
अमर उजाला ब्यूरो, प्रतापगढ़
Updated Thu, 26 Nov 2015 12:07 AM IST
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गुरुनानक देव का जन्मदिवस बुधवार को प्रकाश उत्सव के रूप में बड़े ही हर्षोल्लास के रूप में सिक्ख समाज के लोगों ने मनाया। इस मौके पर गुरुद्वारा सिंह सभा पंजाबी कॉलोनी से पंज प्यारों की अगुवाई में शोभा यात्रा गाजे-बाजे के साथ शहर में निकली। इसके पहले गुरुद्वारों में अखंड पाठ और शबद-कीर्तन का आयोजन किया गया।
सुबह से ही स्त्री, पुरुष और बच्चों का गुरुद्वारा पहुंचना शुरू हो गया था। प्रात: आठ बजे श्री अखंड पाठ साहिब की समाप्ति, 9 बजे से हजूरी रागी भाई विपीन प्रीत सिंह ने जत्थे के साथ शब्द कीर्तन का गायन किया। उसके बाद हजूरी रागी राकेश सिंह ने मनमोहक कीर्तन के साथ ही गुरु साहिब की जीवनी पर प्रकाश डाला। कोलकाता से पधारे रागी प्रतिपाल सिंह ने भी कीर्तन गायन किया। अरदास लंगर के बाद गुरु का लंगर वितरण हुआ।
दोपहर बाद गाजे-बाजे संग एक विशाल शोभायात्रा पंजाबी कॉलोनी गुरुद्वारे से निकाली गई। शोभायात्रा के दौरान ढोल मजीरे के साथ महिला और पुरुष भी अलग-अलग टोलियां बनाकर भजन-कीर्तन करते रहे। शोभायात्रा के अंत में गुरु महराज की फूलों से सजी पालकी थी जिसके आगे पंज प्यारे चल रहे थे। शोभायात्रा के आगे युवक और युवतियां झाडृू व पानी से सड़क साफ किया। श्रद्धालु बीच-बीच में जो बोले सो निहाल के जयकारे लगाते हुए चल रहे थे। भक्ति गीतों और कीर्तनों से पूरा नगर भक्तिमय हो गया। शोभायात्रा राजापाल टंकी, श्रीराम तिराहा, चौक घंटाघर, निर्मल तिराहा होते हुए बाबागंज गुरुद्वारा पर आकर समाप्त हुई। आयोजन में प्रमुख रूप से सुरेंद्र सिंह प्रधान, गुरुचरन सिंह, आत्मजीत सिंह, मंजीत सिंह गोविंद आदि शामिल रहे।
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सुबह से ही स्त्री, पुरुष और बच्चों का गुरुद्वारा पहुंचना शुरू हो गया था। प्रात: आठ बजे श्री अखंड पाठ साहिब की समाप्ति, 9 बजे से हजूरी रागी भाई विपीन प्रीत सिंह ने जत्थे के साथ शब्द कीर्तन का गायन किया। उसके बाद हजूरी रागी राकेश सिंह ने मनमोहक कीर्तन के साथ ही गुरु साहिब की जीवनी पर प्रकाश डाला। कोलकाता से पधारे रागी प्रतिपाल सिंह ने भी कीर्तन गायन किया। अरदास लंगर के बाद गुरु का लंगर वितरण हुआ।
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दोपहर बाद गाजे-बाजे संग एक विशाल शोभायात्रा पंजाबी कॉलोनी गुरुद्वारे से निकाली गई। शोभायात्रा के दौरान ढोल मजीरे के साथ महिला और पुरुष भी अलग-अलग टोलियां बनाकर भजन-कीर्तन करते रहे। शोभायात्रा के अंत में गुरु महराज की फूलों से सजी पालकी थी जिसके आगे पंज प्यारे चल रहे थे। शोभायात्रा के आगे युवक और युवतियां झाडृू व पानी से सड़क साफ किया। श्रद्धालु बीच-बीच में जो बोले सो निहाल के जयकारे लगाते हुए चल रहे थे। भक्ति गीतों और कीर्तनों से पूरा नगर भक्तिमय हो गया। शोभायात्रा राजापाल टंकी, श्रीराम तिराहा, चौक घंटाघर, निर्मल तिराहा होते हुए बाबागंज गुरुद्वारा पर आकर समाप्त हुई। आयोजन में प्रमुख रूप से सुरेंद्र सिंह प्रधान, गुरुचरन सिंह, आत्मजीत सिंह, मंजीत सिंह गोविंद आदि शामिल रहे।
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