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टेलीफोन एक्सचेंज में अव्यवस्थाओं का बोलबाला
अमर उजाला ब्यूरो, प्रतापगढ़
Updated Tue, 24 Nov 2015 11:26 PM IST
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लालगंज। स्थानीय टेलीफोन एक्सचेंज में चारों ओर अव्यवस्थाओं का बोलबाला है। चौतरफा गंदगी का अंबार लगा हुआ है। अधिकारी कार्यालय में बैठने के बजाय आवास में मौज कर रहे हैं। बिल जमा करने के लिए कर्मचारी आनलाइन पहुंचते हैं। लापरवाही के चलते समस्याओं के समाधान के लिए उपभोक्ताओं को भटकना पड़ रहा है।
लालगंज का टेलीफोन एक्सचेंज पूरी तरह से अव्यवस्थाओं की भेंट चढ़ गया है। दूरभाष कें द्र में लगी मशीनें जर्जर हालत में पहुंच गई हैं। लटकते तार देखकर कोई भी यह सोचने पर मजबूर हो जाए कि एक्सचेंज कैसे काम करता होगा। अधिकारी व कर्मचारी कार्यालय छोड़कर कमरे में आराम फरमाते हैं। यहां तक कि एसडीओ सुरभि तिवारी खुद भी परिसर में बने सरकारी आवास में बैठकर कार्यालय में कामकाज निपटाते हैं। कोई बिल जमा करने पहुंचता है तो कर्मचारियों को आनकाल बुलाया जाता है। दो दिन पहले बिल जमा करने पहुंचे मुकेश तिवारी, साकेत मिश्रा, अनिल त्रिपाठी आदि ने बताया कि वे जब पहुंचे तो एसडीओ व कर्मचारियों का कमरा खुला था और एक्सचेंज से सब नदारद थे।
इन लोगों ने जब आवास में आराम कर रहे एसडीओ से मिलने का प्रयास किया तो मौजूद गार्ड रुद्र नारायण मिश्रा ने रोक लिया। गार्ड ने बताया कि साहब कमरे में कुछ जरूरी काम निपटा रहे हैं। लोगों ने एसडीओ को फोन किया तो उन्होंने किसी कर्मचारी को फोन करके बुलाया। उसके घंटे भर बाद आने पर लोग बिल जमा कर सके। उपभोक्ताओं का आरोप है कि उन्हें समस्याओं के निस्तारण के लिए भी कई दिनों तक कार्यालय का चक्कर काटना पड़ता है। बार-बार शिकायत के बाद भी कोई कर्मचारी खराबी दूर करने नहीं आता है।
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लालगंज का टेलीफोन एक्सचेंज पूरी तरह से अव्यवस्थाओं की भेंट चढ़ गया है। दूरभाष कें द्र में लगी मशीनें जर्जर हालत में पहुंच गई हैं। लटकते तार देखकर कोई भी यह सोचने पर मजबूर हो जाए कि एक्सचेंज कैसे काम करता होगा। अधिकारी व कर्मचारी कार्यालय छोड़कर कमरे में आराम फरमाते हैं। यहां तक कि एसडीओ सुरभि तिवारी खुद भी परिसर में बने सरकारी आवास में बैठकर कार्यालय में कामकाज निपटाते हैं। कोई बिल जमा करने पहुंचता है तो कर्मचारियों को आनकाल बुलाया जाता है। दो दिन पहले बिल जमा करने पहुंचे मुकेश तिवारी, साकेत मिश्रा, अनिल त्रिपाठी आदि ने बताया कि वे जब पहुंचे तो एसडीओ व कर्मचारियों का कमरा खुला था और एक्सचेंज से सब नदारद थे।
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इन लोगों ने जब आवास में आराम कर रहे एसडीओ से मिलने का प्रयास किया तो मौजूद गार्ड रुद्र नारायण मिश्रा ने रोक लिया। गार्ड ने बताया कि साहब कमरे में कुछ जरूरी काम निपटा रहे हैं। लोगों ने एसडीओ को फोन किया तो उन्होंने किसी कर्मचारी को फोन करके बुलाया। उसके घंटे भर बाद आने पर लोग बिल जमा कर सके। उपभोक्ताओं का आरोप है कि उन्हें समस्याओं के निस्तारण के लिए भी कई दिनों तक कार्यालय का चक्कर काटना पड़ता है। बार-बार शिकायत के बाद भी कोई कर्मचारी खराबी दूर करने नहीं आता है।
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