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घर-घर विधि विधान से हुई लक्ष्मी-गणेश की पूजा
अमर उजाला ब्यूरो, प्रतापगढ़
Updated Wed, 11 Nov 2015 04:22 PM IST
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जगमग दीपों के साथ दीपावली मनाई गई। शाम होते ही लोगों के घर- आंगन रोशन हो गए। जलते दीपों से ऐसा प्रतीत हुआ मानों आसमान के तारे धरती पर उतर आए हों। लोगों ने लक्ष्मी और गणेश की पूजा कर उनसे सुख-शांति और संपन्नता की कामना की।
दीपावली की शाम दीपों से रोशन हुई। दिन में ही पूजन की तैयारियों के साथ ही सजावट भी कर ली गई थी। हर घर में दीपमालाएं सजाकर लक्ष्मी का स्वागत किया गया। शहर में बिल्डिंगों को विद्युत झालरों से सजाया गया था तो गांव में दीपों से घर की मुंडेरें रोशन हुईं। घरों में दीपों से रंगोली भी सजाई गई थी। घर आंगन के साथ ही गांवों में खेत और खलिहान में भी दीप जलाए गए। हर घर में खुशियां बिखरी दिख रहीं थी। चारों तरफ हर्षोंउल्लास का वातारण रहा। घरों में लोगों ने विधि विधान से गणेश व लक्ष्मी की पूजा की। इसके बाद प्रसाद का वितरण किया गया। अभिभावकों ने पूजन के बाद बच्चों के साथ अतिशबाजी भी की। शहर में शाम होते ही पटाखे छूटने लगे।
दिन भर हुई दुकानदारी के बाद व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में लक्ष्मी का आह्वान किया गया। दीपक जलाने के साथ लक्ष्मी पूजन किया गया। इसके बाद गल्ले में ताला लगाया गया। व्यापारियों ने पूजन के बाद प्रसाद का वितरण किया। शुभ मुहूर्त 05.10 से 19.46 तक ही होने के कारण इस बार दीवाली पर दुकानों में जल्द पूजा हो गई। दुकानों पर लोगों की भीड़ को परिजनों व कर्मचारियों के हवाले कर पूजा जल्द करवा ली गई।
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दीपावली की शाम दीपों से रोशन हुई। दिन में ही पूजन की तैयारियों के साथ ही सजावट भी कर ली गई थी। हर घर में दीपमालाएं सजाकर लक्ष्मी का स्वागत किया गया। शहर में बिल्डिंगों को विद्युत झालरों से सजाया गया था तो गांव में दीपों से घर की मुंडेरें रोशन हुईं। घरों में दीपों से रंगोली भी सजाई गई थी। घर आंगन के साथ ही गांवों में खेत और खलिहान में भी दीप जलाए गए। हर घर में खुशियां बिखरी दिख रहीं थी। चारों तरफ हर्षोंउल्लास का वातारण रहा। घरों में लोगों ने विधि विधान से गणेश व लक्ष्मी की पूजा की। इसके बाद प्रसाद का वितरण किया गया। अभिभावकों ने पूजन के बाद बच्चों के साथ अतिशबाजी भी की। शहर में शाम होते ही पटाखे छूटने लगे।
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दिन भर हुई दुकानदारी के बाद व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में लक्ष्मी का आह्वान किया गया। दीपक जलाने के साथ लक्ष्मी पूजन किया गया। इसके बाद गल्ले में ताला लगाया गया। व्यापारियों ने पूजन के बाद प्रसाद का वितरण किया। शुभ मुहूर्त 05.10 से 19.46 तक ही होने के कारण इस बार दीवाली पर दुकानों में जल्द पूजा हो गई। दुकानों पर लोगों की भीड़ को परिजनों व कर्मचारियों के हवाले कर पूजा जल्द करवा ली गई।
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