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न्यायिक कार्य से विरत रहे वकील, जारी रहेगी हड़ताल
अमर उजाला ब्यूरो, प्रतापगढ़
Updated Wed, 04 Nov 2015 12:06 AM IST
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वकीलों ने अधिवक्ता इंद्रमणि शुक्ला हत्याकांड की जांच सीबीआई से कराने की मांग की है। इसके साथ घटना के लिए डीएम-एसपी को जिम्मेदार ठहराते हुए दोनों के तबादले की मांग की है। ऐलान किया मामले को लेकर आंदोलन जारी रहेगा। इसके पूर्व वकीलों ने कचहरी में जुलूस निकाला।
अधिवक्ता संघर्ष समिति की बैठक में मंगलवार को संयोजक आचार्य ओम प्रकाश मिश्र की अगुवाई में वकीलों ने पांच अहम मांगे उठाईं। जिसमें घटना का छह दिन बाद भी खुलासा न करने, पुलिस प्रशासन द्वारा उदासीन रवैया अपनाए जाने। जिला मजिस्ट्रेट और पुलिस अधीक्षक को घटना का जिम्मेदार मानते हुए उनका तबादला, इंद्रमणि की हत्या की जांच सीबीआई से कराया जाना शामिल है। अधिवक्ताओं की लगातार हो रही हत्या से वकीलों में भय व्याप्त है। प्रशासन की लापरवाही से आंदोलन चलाया जा रहा है। जिसके चलते न्यायिक कार्य नहीं हो पा रहा है। इसलिए अधिवक्ता खुद को असुरक्षित महसूस करते हुए न्यायिक कार्य से विरत रहेंगे।
वकीलों का कहना है कि मुख्य न्यायाधीश हत्याकांड को स्वत: संज्ञान में लेेते हुए मामले की जांच सीबीआई से कराने का निर्देश जारी करें। इसके पूर्व वकीलों ने कचहरी परिसर में जुलूस निकाला और नारेबाजी की। ऐलान किया कि खुलासा होने तक आंदोलन जारी रहेगा। कलेक्ट्रेट परिसर में घुसने वाले अधिकारियों का घेराव किया जाएगा। इस मौके पर संतोष पांडेय, दिनेश कुमार, विवेक शुक्ला, जेपी मिश्रा, नंदलाल मिश्र, ज्ञानेंद्र सिंह, राजेंद्र प्रसाद शुक्ला, भूपेंद्र शुक्ल, राजकिशोर तिवारी, गणेश नारायण मिश्रा, राजेंद्र सिंह जरियारी, दिनेश पांडेय, गिरीश मिश्रा, देवेंद्र ओझा, रामकृष्ण मिश्र, मुकेशचंद्र ओझा, देवानंद त्रिपाठी समेत अन्य अधिवक्ता मौजूद रहे।
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अधिवक्ता संघर्ष समिति की बैठक में मंगलवार को संयोजक आचार्य ओम प्रकाश मिश्र की अगुवाई में वकीलों ने पांच अहम मांगे उठाईं। जिसमें घटना का छह दिन बाद भी खुलासा न करने, पुलिस प्रशासन द्वारा उदासीन रवैया अपनाए जाने। जिला मजिस्ट्रेट और पुलिस अधीक्षक को घटना का जिम्मेदार मानते हुए उनका तबादला, इंद्रमणि की हत्या की जांच सीबीआई से कराया जाना शामिल है। अधिवक्ताओं की लगातार हो रही हत्या से वकीलों में भय व्याप्त है। प्रशासन की लापरवाही से आंदोलन चलाया जा रहा है। जिसके चलते न्यायिक कार्य नहीं हो पा रहा है। इसलिए अधिवक्ता खुद को असुरक्षित महसूस करते हुए न्यायिक कार्य से विरत रहेंगे।
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वकीलों का कहना है कि मुख्य न्यायाधीश हत्याकांड को स्वत: संज्ञान में लेेते हुए मामले की जांच सीबीआई से कराने का निर्देश जारी करें। इसके पूर्व वकीलों ने कचहरी परिसर में जुलूस निकाला और नारेबाजी की। ऐलान किया कि खुलासा होने तक आंदोलन जारी रहेगा। कलेक्ट्रेट परिसर में घुसने वाले अधिकारियों का घेराव किया जाएगा। इस मौके पर संतोष पांडेय, दिनेश कुमार, विवेक शुक्ला, जेपी मिश्रा, नंदलाल मिश्र, ज्ञानेंद्र सिंह, राजेंद्र प्रसाद शुक्ला, भूपेंद्र शुक्ल, राजकिशोर तिवारी, गणेश नारायण मिश्रा, राजेंद्र सिंह जरियारी, दिनेश पांडेय, गिरीश मिश्रा, देवेंद्र ओझा, रामकृष्ण मिश्र, मुकेशचंद्र ओझा, देवानंद त्रिपाठी समेत अन्य अधिवक्ता मौजूद रहे।
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