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हड़ताल सफल, बंद रहा बेल्हा
अमर उजाला ब्यूरो, प्रतापगढ़
Updated Wed, 02 Sep 2015 11:29 PM IST
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ट्रेड यूनियनों और कर्मचारी संगठनों के आह्वान पर आयोजित महाबंदी बुधवार को पूरी तरह सफल रही। सरकारी कार्यालयों में तालाबंदी कर कर्मचारी अपनी मांगों को लेकर गरजते रहे। बैंक कर्मचारियों ने गेट पर धरना-प्रदर्शन कर आवाज बुलंद की। विकास भवन, सिंचाई विभाग, कृषि विभाग, लोक निर्माण विभाग, स्वास्थ्य विभाग सहित अनेक विभागों में कर्मचारी नेताओं की दहाड़ से अफसर कार्यालय छोड़कर भाग निकले। कार्यालयों के बाहर कर्मचारियों ने श्रमिक विरोधी नीतियों की आलोचना करते हुए अपनी मांगों को लेकर सभा करते रहे।
राज्य कर्मचारी महासंघ, केंद्रीय श्रम संगठन, बीमा, डाक, बीएसएनएल, बैंक , केंद्र और प्रदेश सरकार के कार्यालयों में बंद पूरी तरह सफल रहा। राज्य कर्मचारी महासंघ के जिलाध्यक्ष मिथलेश कुमार सिंह और मंत्री वकील अहमद के नेतृत्व में समूह में निकले कर्मचारियों ने सिंचाई विभाग, लोक निर्माण विभाग, कृषि विभाग, स्वास्थ्य विभाग, शिक्षा विभाग के कार्यालयों में कामकाज ठप कराने के साथ ही तालाबंदी की। विकास भवन पहुंचे कर्मचारी नेताओं की नारेबाजी से आफिस में बैठे अफसर चुपचाप निकलकर सदर ब्लाक कार्यालय में जमा हो गए। महासंघ के जिलामंत्री वकील अहमद ने कर्मचारियों की आवाज बुलंद करते हुए कहा कि केंद्र और राज्य सरकारों के प्रतिष्ठानों में विनिवेश बंद किया जाए। 15 हजार से कम किसी भी कर्मचारी की मजदूरी न तय की जाए। पुरानी पेंशन लागू करने सहित 15 सूत्रीय मांगों को प्रमुखता से रखा। राज्य कर्मचारी महासंघ के समर्थन में तकनीकी सहायक संघ, आंगनबाड़ी संघ, आशा बहू संघ, सफाई कर्मचारी संघ, ग्राम रोजगार सेवक संघ, मिनिस्ट्रीरियल फेडरेशन संघ, चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी संघ, सहकारी निरीक्षण एसोसिएशन के कर्मचारियों ने सड़क पर उतरकर अपनी मांगों के लिए आवाज बुलंद की।
ट्रेड यूनियन के समर्थन में भारतीय जीवन बीमा निगम कार्यालय में दिनभर ताला लटकता रहा। बीएसएनएल कर्मियों ने अपना कामकाज ठप रखा, जबकि डाकघर में सांकेतिक हड़ताल रही। प्रधान डाकघर में लंच आवर में कर्मचारियों ने एकजुट होकर अपनी आवाज बुलंद की। यूपी रोडवेज इम्पलाइज यूनियन के आह्वान पर बसों का संचालन पूरी तरह ठप रहा। इससे राहगीरों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। दोपहर बाद कर्मचारी गुटों में बवाल होने के बाद कुछ बसें डिपो से निकलीं। कचहरी में एकजुट हुई आशा बहुओं और आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों ने श्रम कानूनों में मजदूर विरोधी कानून को समाप्त करने की मांग करते हुए केंद्र और राज्य सरकार पर हमला बोला। इस मौके पर रामप्रकाश दुबे, कुसुम गुप्ता, सुमन मिश्रा, आशा सिंह, अमर बहादुर यादव, संजय यादव, छोटेलाल, राकेश पांडेय, पीसी दुबे, ज्ञान प्रकाश, बीएल पटेल, राजेंद्र तिवारी, दीप पुष्पाकर आदि मौजूद रहे।
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राज्य कर्मचारी महासंघ, केंद्रीय श्रम संगठन, बीमा, डाक, बीएसएनएल, बैंक , केंद्र और प्रदेश सरकार के कार्यालयों में बंद पूरी तरह सफल रहा। राज्य कर्मचारी महासंघ के जिलाध्यक्ष मिथलेश कुमार सिंह और मंत्री वकील अहमद के नेतृत्व में समूह में निकले कर्मचारियों ने सिंचाई विभाग, लोक निर्माण विभाग, कृषि विभाग, स्वास्थ्य विभाग, शिक्षा विभाग के कार्यालयों में कामकाज ठप कराने के साथ ही तालाबंदी की। विकास भवन पहुंचे कर्मचारी नेताओं की नारेबाजी से आफिस में बैठे अफसर चुपचाप निकलकर सदर ब्लाक कार्यालय में जमा हो गए। महासंघ के जिलामंत्री वकील अहमद ने कर्मचारियों की आवाज बुलंद करते हुए कहा कि केंद्र और राज्य सरकारों के प्रतिष्ठानों में विनिवेश बंद किया जाए। 15 हजार से कम किसी भी कर्मचारी की मजदूरी न तय की जाए। पुरानी पेंशन लागू करने सहित 15 सूत्रीय मांगों को प्रमुखता से रखा। राज्य कर्मचारी महासंघ के समर्थन में तकनीकी सहायक संघ, आंगनबाड़ी संघ, आशा बहू संघ, सफाई कर्मचारी संघ, ग्राम रोजगार सेवक संघ, मिनिस्ट्रीरियल फेडरेशन संघ, चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी संघ, सहकारी निरीक्षण एसोसिएशन के कर्मचारियों ने सड़क पर उतरकर अपनी मांगों के लिए आवाज बुलंद की।
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ट्रेड यूनियन के समर्थन में भारतीय जीवन बीमा निगम कार्यालय में दिनभर ताला लटकता रहा। बीएसएनएल कर्मियों ने अपना कामकाज ठप रखा, जबकि डाकघर में सांकेतिक हड़ताल रही। प्रधान डाकघर में लंच आवर में कर्मचारियों ने एकजुट होकर अपनी आवाज बुलंद की। यूपी रोडवेज इम्पलाइज यूनियन के आह्वान पर बसों का संचालन पूरी तरह ठप रहा। इससे राहगीरों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। दोपहर बाद कर्मचारी गुटों में बवाल होने के बाद कुछ बसें डिपो से निकलीं। कचहरी में एकजुट हुई आशा बहुओं और आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों ने श्रम कानूनों में मजदूर विरोधी कानून को समाप्त करने की मांग करते हुए केंद्र और राज्य सरकार पर हमला बोला। इस मौके पर रामप्रकाश दुबे, कुसुम गुप्ता, सुमन मिश्रा, आशा सिंह, अमर बहादुर यादव, संजय यादव, छोटेलाल, राकेश पांडेय, पीसी दुबे, ज्ञान प्रकाश, बीएल पटेल, राजेंद्र तिवारी, दीप पुष्पाकर आदि मौजूद रहे।
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